CJP Jail Bharo Andolan को लेकर मुंबई में राजनीतिक और नागरिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। Cockroach Janta Party (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 2 अक्टूबर, गांधी जयंती के दिन मुंबई के शिवाजी पार्क से आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। यह आंदोलन मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर है।
दीपके और CJP का कहना है कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा नहीं देते। संगठन ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को भी अपनी मांगों में शामिल किया है।
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CJP Jail Bharo Andolan में क्या है मुद्दा?
CJP का आंदोलन मुख्य रूप से निर्वाचन प्रक्रिया, मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका को लेकर उठाए गए सवालों पर केंद्रित है। संगठन ने CEC के खिलाफ कार्रवाई और नियुक्ति प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता की मांग भी रखी है।
वहीं, चुनाव आयोग की आधिकारिक जानकारी के अनुसार Gyanesh Kumar वर्तमान में Chief Election Commissioner हैं और उन्होंने 19 फरवरी 2025 को 26वें CEC के रूप में पदभार संभाला था।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने 1 अक्टूबर को मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आंदोलन को अन्य शहरों तक ले जाने की घोषणा की। Indian Express के अनुसार, संगठन ने गोवा, बेंगलुरु और कोलकाता में भी ‘morcha’ आयोजित करने की बात कही है।
यह आंदोलन संगठन की ओर से की जा रही मांगों और आरोपों के आधार पर है। इन आरोपों को स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
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मुंबई में प्रदर्शन को अनुमति क्यों नहीं मिली?
मुंबई पुलिस ने CJP को 2 अक्टूबर को शिवाजी पार्क में प्रदर्शन आयोजित करने की अनुमति नहीं दी थी। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने शिवाजी पार्क में सभाओं पर लागू प्रतिबंधों के साथ ट्रैफिक और ध्वनि प्रदूषण संबंधी चिंताओं का भी हवाला दिया।
इसके बाद अभिजीत दीपके ने कहा कि अनुमति नहीं मिलने की स्थिति में CJP ‘Jail Bharo Andolan’ करेगा। संगठन ने इसके बावजूद 2 अक्टूबर को शिवाजी पार्क को आंदोलन के स्थल के रूप में घोषित किया है।
CJP Jail Bharo Andolan का विस्तार
मुंबई के बाद CJP ने देश के अन्य हिस्सों में भी आंदोलन फैलाने की घोषणा की है। Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक, गोवा, बेंगलुरु और कोलकाता में मार्च आयोजित करने की बात कही गई है और आगे अन्य शहरों में भी कार्यक्रम हो सकते हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, CJP ने यह भी कहा है कि अगर उसकी प्रमुख मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है तो आंदोलन अक्टूबर के दौरान दिल्ली तक पहुंच सकता है। कार्यक्रमों की अनुमति और स्थानीय प्रशासन की व्यवस्था अलग-अलग स्थानों पर अलग हो सकती है।
SIR को लेकर क्या है विवाद?
Special Intensive Revision यानी SIR मतदाता सूची की समीक्षा और संशोधन की प्रक्रिया है। चुनाव आयोग के अनुसार इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रह जाए और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो।
ECI के आधिकारिक पोर्टल पर 2026 के SIR से संबंधित सेवाएं उपलब्ध हैं, जिनमें मतदाता का नाम खोजने और संबंधित दस्तावेज जमा करने की सुविधाएं शामिल हैं।
CJP इस प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग आपत्तियां उठा रहा है और मतदाता सूची तथा चुनावी व्यवस्था में बदलावों पर सवाल कर रहा है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग SIR को मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया के रूप में प्रस्तुत करता है।
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CJP की प्रमुख मांगें
रिपोर्टों के अनुसार CJP की प्रमुख मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई, चुनावी मतदाता सूची से जुड़े फैसलों की समीक्षा और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता शामिल है।
संगठन ने SIR से संबंधित मतदाता सूची को लेकर भी अपनी मांग रखी है। इन मांगों और आरोपों पर संबंधित संस्थाओं तथा प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया को अलग-अलग देखना जरूरी है।
CJP Jail Bharo Andolan का 2 अक्टूबर का प्रस्तावित कार्यक्रम अब मुंबई से आगे दूसरे शहरों तक फैलाने की घोषणा के कारण चर्चा में है। आंदोलन का केंद्र ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, SIR और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे हैं। चुनाव आयोग की ओर से SIR को पात्र मतदाताओं को शामिल करने और अपात्र लोगों को रोकने की प्रक्रिया बताया गया है। आने वाले दिनों में प्रशासनिक अनुमति, प्रदर्शन और संबंधित संस्थाओं की प्रतिक्रियाएं इस घटनाक्रम की दिशा तय करेंगी।
