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Durg Land Fraud: जमीन सौदे में धोखाधड़ी का आरोप

Durg Land Fraud मामले में दुर्ग के मोहन नगर थाना क्षेत्र में जमीन खरीद-बिक्री के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत सामने आई है। शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपियों ने कम समय में अधिक लाभ का भरोसा दिलाकर जमीन के सौदे में शामिल किया और अलग-अलग तारीखों में लाखों रुपये का भुगतान कराया।

शिकायत मिलने के बाद मोहन नगर पुलिस ने भूमि दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े तथ्यों की जांच शुरू की। पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान एक आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

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Durg Land Fraud में जमीन का सौदा कैसे हुआ?

पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता विजय सिंह चौहान, उम्र 53 वर्ष, निवासी शांति नगर, थाना वैशाली नगर, दुर्ग ने 14 सितंबर 2026 को मोहन नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत के मुताबिक, वर्ष 2024 में उनकी पहचान अजय साहू से हुई थी। अजय साहू ने खुद को जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़ा बताया और शिकायतकर्ता की पहचान लोकेश खुल्लर तथा अमित साहू से कराई।

इसके बाद आरोपियों ने उरला, दुर्ग स्थित करीब 10 हजार वर्गफीट जमीन दिखाई। शिकायतकर्ता ने अकेले जमीन खरीदने में असमर्थता जताई तो लोकेश खुल्लर ने आधी जमीन खुद खरीदने और साझेदारी में सौदा करने की बात कही।

भूमि स्वामियों से मुलाकात के बाद जमीन का सौदा ₹1,250 प्रति वर्गफीट की दर से तय होने की बात शिकायत में कही गई है।

Durg Land Fraud में लाखों रुपये का लेन-देन

शिकायत के अनुसार, 7 अक्टूबर 2024 को जमीन संबंधी इकरारनामा कराया गया। रजिस्ट्री से पहले भूमि का सीमांकन कराने और मौके पर मौजूद बिजली के खंभे को हटवाने की जिम्मेदारी लोकेश खुल्लर ने लेने की बात कही।

आरोप है कि 3 अक्टूबर 2024 को अमित साहू को ₹51,000 दिए गए। इसके बाद 7 अक्टूबर 2024 को भूमि स्वामियों के नाम क्रमशः ₹5 लाख और ₹4.50 लाख के चेक दिए गए।

शिकायतकर्ता के अनुसार, संबंधित खातों से इन चेकों की राशि प्राप्त भी की गई। इसके बावजूद निर्धारित समय तक जमीन का सीमांकन और रजिस्ट्री नहीं कराई गई।

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जमीन किसी और को बेचने की मिली जानकारी

शिकायत में बताया गया कि रजिस्ट्री में लगातार देरी होने पर शिकायतकर्ता को आरोपियों की ओर से आश्वासन दिया जाता रहा। बाद में उसे जानकारी मिली कि जिस जमीन का सौदा किया गया था, उसे किसी अन्य व्यक्ति को बेचकर रजिस्ट्री कर दी गई है।

शिकायतकर्ता ने जब अपनी रकम वापस मांगी तो राशि वापस नहीं किए जाने का आरोप लगाया गया। इसके बाद उसने मोहन नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर अपराध दर्ज कर दस्तावेजों और लेन-देन से संबंधित तथ्यों की जांच शुरू की।

Durg Land Fraud में एक आरोपी गिरफ्तार

विवेचना के दौरान पुलिस ने लोकेश खुल्लर उर्फ लक्की, उम्र 38 वर्ष, निवासी मैत्री नगर, रिसाली, भिलाई, जिला दुर्ग की पहचान की।

पुलिस के अनुसार, आरोपी को 15 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

मामले में दो अन्य आरोपी अभी फरार बताए गए हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है और प्रकरण की विवेचना जारी है।

Durg Land Fraud में पुलिस ने क्या दस्तावेज जुटाए?

पुलिस के अनुसार, मामले से संबंधित भूमि दस्तावेज और वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेज विवेचना में प्राप्त किए गए हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर मामले से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है।

घटना स्थल मौजा ग्राम उरला, पटवारी हल्का नंबर 16, सिकोला, दुर्ग स्थित भूमि बताई गई है।

पुलिस के अनुसार क्या था तरीका?

पुलिस के मुताबिक, शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने जमीन में निवेश कर कम समय में अधिक लाभ का भरोसा दिया। इसके बाद इकरारनामा और बयाना राशि प्राप्त की गई।

शिकायत के अनुसार, भूमि का सीमांकन और रजिस्ट्री कराने के नाम पर समय लिया गया। बाद में उसी भूमि को किसी अन्य व्यक्ति को बेचने की बात सामने आई।

मामले में पुलिस की जांच जारी है, इसलिए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और विवेचना के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

जमीन खरीदने वालों को पुलिस की सलाह

दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि जमीन या किसी अन्य संपत्ति की खरीद-बिक्री से पहले संबंधित दस्तावेजों, स्वामित्व, सीमांकन और पंजीयन की जानकारी का विधिवत सत्यापन करें।

पुलिस ने यह भी कहा है कि यदि कोई व्यक्ति कम समय में अधिक लाभ का प्रलोभन देता है तो बिना दस्तावेजों की जांच किए राशि का लेन-देन नहीं करना चाहिए। संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर पुलिस को तत्काल सूचना देने की अपील की गई है।

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छत्तीसगढ़ सरकार के राजस्व विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर भूमि रिकॉर्ड से जुड़ी विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध हैं।

Durg Land Fraud मामले में मोहन नगर पुलिस ने शिकायत के आधार पर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। जमीन की खरीद-बिक्री में दस्तावेजों, स्वामित्व, सीमांकन और पंजीयन की जांच किए बिना बड़ी रकम का भुगतान करना जोखिमपूर्ण हो सकता है। छत्तीसगढ़ का आधिकारिक NGDRS पोर्टल पंजीयन संबंधी ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध कराता है।

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