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Sugarcane Farmers को 30 रुपये किलो चीनी से राहत

Sugarcane Farmers के लिए कवर्धा जिले के पंडरिया से राहत की खबर सामने आई है। लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल सहकारी शक्कर कारखाने से जुड़े 11 हजार से अधिक शेयरधारी गन्ना किसानों को रियायती दर पर चीनी उपलब्ध कराई गई है। किसानों को 30 रुपये प्रति किलो की दर से 50 किलो चीनी दी गई।

बढ़ती चीनी कीमतों के बीच कम दर पर चीनी मिलने से किसानों को राहत मिली है। यह वितरण पंडरिया विधायक भावना बोहरा के प्रयासों से आयोजित कार्यक्रम के दौरान किया गया।

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Sugarcane Farmers के लिए 50 किलो चीनी का वितरण

पंडरिया के सरदार वल्लभ भाई पटेल सहकारी शक्कर कारखाने में आयोजित कार्यक्रम में 11 हजार से अधिक शेयरधारी किसानों को 50-50 किलो चीनी दी गई। इसकी कीमत 30 रुपये प्रति किलो निर्धारित की गई।

इस हिसाब से एक किसान को 50 किलो चीनी के लिए 1,500 रुपये देने होंगे। रियायती दर पर वितरण का उद्देश्य बाजार में बढ़ती कीमतों के बीच कारखाने से जुड़े शेयरधारक किसानों को राहत देना बताया गया है।

छत्तीसगढ़ सहकारिता विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर पंडरिया के इसी कारखाने का नाम लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल सहकारी शक्कर कारखाना मर्यादित दर्ज है। इसका स्थान ग्राम बिसेसरा, जिला कबीरधाम बताया गया है।

किसानों के भुगतान को लेकर भी जानकारी

कार्यक्रम के दौरान विधायक भावना बोहरा ने बताया कि वर्ष 2024-25 और 2025-26 से संबंधित रिकवरी राशि किसानों को जारी की जा चुकी है। उन्होंने पंडरिया के गन्ना किसानों को अब तक की सबसे बड़ी एकमुश्त राशि दिलाने के प्रयास की बात कही।

उन्होंने पंडरिया शक्कर कारखाने को देश के प्रमुख शक्कर कारखानों में शामिल करने की दिशा में लगातार काम करने की बात भी कही।

Sugarcane Farmers के लिए सरदार पटेल की प्रतिमा

चीनी वितरण कार्यक्रम के साथ कारखाना परिसर में सरदार वल्लभ भाई पटेल की भव्य प्रतिमा स्थापित करने के लिए भूमिपूजन भी किया गया। जानकारी के अनुसार कारखाना परिसर में जल्द ही प्रतिमा स्थापित की जाएगी।

सहकारी शक्कर कारखानों की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भूमिका को लेकर छत्तीसगढ़ सहकारिता विभाग भी किसानों की भागीदारी और ग्रामीण आर्थिक गतिविधियों को महत्वपूर्ण मानता है। विभाग के अनुसार सहकारी शक्कर कारखाने गन्ना उत्पादकों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों से भी जुड़े हैं।

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महाराष्ट्र से आए गन्ने के उन्नत बीज

चीनी वितरण के अलावा किसानों की पैदावार बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए महाराष्ट्र से गन्ने की उन्नत किस्मों के बीज मंगाए गए हैं।

किसानों को इन किस्मों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य प्रति हेक्टेयर गन्ने का उत्पादन बढ़ाना और लंबे समय में किसानों की आय में सुधार की संभावनाएं तैयार करना है।

उत्पादन बढ़ने से आय में सुधार की उम्मीद

बेहतर बीज और उन्नत कृषि तकनीक का इस्तेमाल गन्ने की उत्पादकता बढ़ाने में मदद कर सकता है। हालांकि वास्तविक उत्पादन और किसान की आय कई कारकों पर निर्भर करेगी, जिनमें मौसम, सिंचाई, खेती की लागत और बाजार की स्थिति शामिल हैं।

छत्तीसगढ़ सहकारिता विभाग के अनुसार राज्य में सहकारी शक्कर कारखाने किसानों की भागीदारी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में भूमिका निभा रहे हैं।

किसानों के लिए सड़क और बोनस पर भी पहल

पंडरिया के किसानों के लिए सड़क सुविधा का मुद्दा भी कार्यक्रम में सामने आया। हालिया रिपोर्ट के अनुसार किसानों की मांग पर करीब 3 किलोमीटर सड़क निर्माण को मंजूरी मिली है। इससे खेतों से शक्कर कारखाने तक गन्ना ट्रैक्टर के जरिए पहुंचाने में सुविधा मिलने की उम्मीद है।

कार्यक्रम के दौरान किसानों ने गन्ने के बोनस की राशि बढ़ाने की मांग भी रखी। विधायक भावना बोहरा ने इस मांग को मुख्यमंत्री के सामने रखने और बोनस बढ़ाने के लिए प्रयास करने का भरोसा दिलाया।

सहकारिता से किसानों को जोड़ने पर जोर

छत्तीसगढ़ में सहकारी शक्कर कारखाने किसानों की भागीदारी पर आधारित व्यवस्था का हिस्सा हैं। सहकारिता विभाग के अनुसार राज्य में ऐसे कारखानों के जरिए गन्ना उत्पादन, ग्रामीण रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिला है।

पंडरिया में रियायती चीनी वितरण, गन्ने की उन्नत किस्मों को बढ़ावा, सड़क सुविधा और बोनस की मांग जैसे मुद्दे किसानों से जुड़े अलग-अलग पहलुओं को सामने लाते हैं।

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Sugarcane Farmers के लिए पंडरिया में 30 रुपये प्रति किलो की दर से 50 किलो चीनी का वितरण राहत देने वाली पहल है। इसके साथ गन्ने की उन्नत किस्मों को बढ़ावा देने और किसानों की परिवहन सुविधा बेहतर करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। अब इन पहलों का वास्तविक लाभ किसानों की लागत, उत्पादन और आय में कितना बदलाव लाता है, यह आगामी गन्ना सीजन के परिणामों से स्पष्ट होगा।

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