HDFC Bank ने छत्तीसगढ़ में अपनी सेवाओं के 25 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस अवसर पर बैंक के प्रतिनिधिमंडल ने रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बैंक की 25 वर्षों की यात्रा की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री साय ने इस उपलब्धि पर बैंक प्रबंधन, अधिकारियों-कर्मचारियों और ग्राहकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर उन्होंने छत्तीसगढ़ में बैंक के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर तैयार विशेष लोगो का भी विमोचन किया।
HDFC Bank के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, बैंक ने छत्तीसगढ़ में अपनी पहली शाखा रायपुर में वर्ष 2002 में शुरू की थी। वर्ष 2020 में बैंक राज्य में 100 शाखाओं के पड़ाव तक पहुंच चुका था।
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HDFC Bank के विस्तार पर CM साय का जोर
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि किसी भी प्रदेश की आर्थिक प्रगति में मजबूत और सर्वसुलभ बैंकिंग व्यवस्था की अहम भूमिका होती है। डिजिटल तकनीक ने बैंकिंग सेवाओं को आसान बनाया है, लेकिन इसका लाभ केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं को गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाना जरूरी है। विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में बैंकिंग नेटवर्क के विस्तार पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
HDFC Bank की ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंच
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का बड़ा हिस्सा ग्रामीण और जनजातीय आबादी वाला है। ऐसे क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ने से लोगों को आर्थिक गतिविधियों से जुड़ने के नए अवसर मिल सकते हैं।
बैंक की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 2014 में छत्तीसगढ़ में 50 शाखाओं के पड़ाव के दौरान 12 ग्रामीण शाखाएं ऐसे क्षेत्रों में शुरू की गई थीं, जहां बैंकिंग सेवाओं की उपलब्धता कम थी।
गांव के नजदीक बैंकिंग सुविधा मिलने से लोगों को खाते से जुड़े सामान्य कामों के लिए दूर नहीं जाना पड़ता। इससे समय और संसाधनों की बचत के साथ औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था में भागीदारी बढ़ सकती है।
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HDFC Bank से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को अवसर
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बैंकिंग सेवाओं का विस्तार केवल पैसे जमा करने या निकालने तक सीमित नहीं है। ऋण, बीमा, डिजिटल भुगतान और अन्य वित्तीय सेवाओं की आसान उपलब्धता परिवारों की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने में मदद कर सकती है।
किसानों को कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता मिल सकती है। छोटे व्यापारियों को कारोबार बढ़ाने के लिए पूंजी और युवाओं को स्वरोजगार या उद्यम शुरू करने के लिए ऋण की सुविधा मिल सकती है।
महिला स्व-सहायता समूहों पर भी फोकस
मुख्यमंत्री ने महिला स्व-सहायता समूहों की भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं समूहों के माध्यम से आजीविका गतिविधियों और छोटे उद्यमों से जुड़ रही हैं।
उन्होंने बैंकिंग संस्थाओं से इन समूहों तक ऋण, वित्तीय साक्षरता और अन्य बैंकिंग सुविधाओं की पहुंच मजबूत करने पर जोर दिया। इससे महिला उद्यमिता को वित्तीय सहयोग मिल सकता है।
युवाओं और छोटे कारोबार को वित्तीय मदद
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश के युवाओं में प्रतिभा और उद्यमशीलता की क्षमता है। बैंक वित्तीय सहयोग के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार और नए व्यवसाय शुरू करने में महत्वपूर्ण भागीदार बन सकते हैं।
उन्होंने कहा कि छोटे और मध्यम उद्यमों को समय पर वित्तीय सहायता मिलने से आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को गति मिल सकती है। राज्य में उद्योग, व्यापार, कृषि और सेवा क्षेत्र में संभावनाओं को देखते हुए वित्तीय संस्थानों की भूमिका महत्वपूर्ण है।
डिजिटल बैंकिंग और वित्तीय साक्षरता पर जोर
मुख्यमंत्री ने वित्तीय साक्षरता को भी जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि बैंकिंग सेवाओं के विस्तार के साथ लोगों को डिजिटल बैंकिंग, सुरक्षित लेन-देन, बचत, बीमा और वित्तीय प्रबंधन के बारे में जागरूक करना आवश्यक है।
HDFC Bank भी वित्तीय साक्षरता और समावेशन को लेकर कार्यक्रम चलाने की जानकारी देता है। बैंक के अनुसार, उसके वित्तीय साक्षरता कार्यक्रमों के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों तक बैंकिंग और वित्तीय निर्णयों से जुड़ी जानकारी पहुंचाई गई है।
सुशासन में बैंकिंग की भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की कई योजनाओं की राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में पहुंचती है। ऐसे में अंतिम व्यक्ति तक बैंकिंग सुविधा पहुंचना सुशासन की व्यवस्था को मजबूत करने में सहायक हो सकता है।
उन्होंने कहा कि बैंकिंग नेटवर्क का विस्तार नागरिकों के साथ शासन के लिए भी उपयोगी है, क्योंकि इससे योजनाओं का लाभ सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से हितग्राहियों तक पहुंचाने में मदद मिलती है।
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HDFC Bank के लिए आगे की दिशा
मुख्यमंत्री साय ने विश्वास जताया कि बैंक अपने अनुभव और सेवाओं के माध्यम से छत्तीसगढ़ के आर्थिक विकास तथा वित्तीय समावेशन में आगे भी योगदान देगा। उन्होंने विशेष रूप से गांवों और दूरस्थ अंचलों में बैंकिंग पहुंच बढ़ाने की उम्मीद जताई।
इस अवसर पर रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, HDFC Bank के ग्रुप हेड अरुण मेदीरत्ता, ब्रांच बैंकिंग हेड सेंट्रल इंडिया प्रतीक शर्मा सहित बैंक के अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
HDFC Bank के छत्तीसगढ़ में 25 वर्ष पूरे होने का अवसर राज्य में बैंकिंग विस्तार और वित्तीय समावेशन पर चर्चा का महत्वपूर्ण अवसर बना। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने खास तौर पर बस्तर, सरगुजा और अन्य ग्रामीण क्षेत्रों तक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाने पर जोर दिया। आने वाले समय में बैंकिंग नेटवर्क, डिजिटल सेवाओं, वित्तीय साक्षरता, महिला समूहों, किसानों और युवाओं तक वित्तीय सहायता की पहुंच बढ़ाना राज्य की आर्थिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण विषय रहेगा।
