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Chhattisgarh Development Model के अध्ययन के लिए पहुंचा दल

Chhattisgarh Development Model को समझने और राज्य के औद्योगिक, सांस्कृतिक एवं ग्रामीण विकास की जानकारी हासिल करने के लिए देहरादून के पत्रकारों का प्रतिनिधिमंडल छत्तीसगढ़ पहुंचा है। यह दल छह दिवसीय दौरे पर राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों का भ्रमण करेगा।

प्रेस सूचना ब्यूरो, देहरादून की ओर से आयोजित इस अध्ययन दौरे में पत्रकार छत्तीसगढ़ के विकास से जुड़े विभिन्न मॉडल और संस्थानों की कार्यप्रणाली को नजदीक से समझेंगे।

दल का दौरा 19 सितंबर 2026 तक प्रस्तावित है। इस दौरान औद्योगिक विकास के साथ संस्कृति, जनजातीय विरासत, सौर ऊर्जा, महिला स्वयं सहायता समूह और ग्रामीण आत्मनिर्भरता जैसे विषयों पर भी जानकारी जुटाई जाएगी।

Chhattisgarh Development Model में औद्योगिक विकास पर फोकस

छत्तीसगढ़ कोयला, ऊर्जा और खनिज आधारित उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण राज्य है। देहरादून से आए पत्रकारों का दल राज्य के औद्योगिक ढांचे को समझने के लिए प्रमुख संस्थानों और इकाइयों का दौरा करेगा।

दौरे के दौरान बिलासपुर में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की कार्यप्रणाली को समझने का कार्यक्रम है। SECL देश की प्रमुख कोयला उत्पादक कंपनियों में शामिल है।

इसके अलावा दल कोरबा में NTPC के प्रमुख ऊर्जा संयंत्र और BALCO की एल्यूमीनियम इकाई का भी दौरा करेगा। यहां पत्रकार उत्पादन, संचालन और औद्योगिक गतिविधियों से जुड़े पहलुओं को नजदीक से देखेंगे।

बिलासपुर से कोरबा तक विकास मॉडल की जानकारी

अध्ययन दौरे में पत्रकारों को औद्योगिक गतिविधियों के साथ राज्य की अर्थव्यवस्था और विकास में इन संस्थानों की भूमिका को समझने का अवसर मिलेगा।

कोरबा देश के प्रमुख ऊर्जा केंद्रों में गिना जाता है। वहीं एल्यूमीनियम उत्पादन से जुड़ी औद्योगिक गतिविधियां भी जिले की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

इस दौरे का उद्देश्य केवल संस्थानों का भ्रमण करना नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ में उद्योग और विकास के बीच संबंध को समझना भी है।

Chhattisgarh Development Model में संस्कृति का अध्ययन

पत्रकारों का प्रतिनिधिमंडल राज्य की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को भी करीब से देखेगा। इसके तहत सिरपुर स्थित सातवीं सदी के ऐतिहासिक लक्ष्मण मंदिर और बौद्ध विहारों का भ्रमण प्रस्तावित है।

सिरपुर छत्तीसगढ़ के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों में शामिल है। यहां प्राचीन मंदिरों और बौद्ध स्थापत्य से जुड़े महत्वपूर्ण अवशेष मौजूद हैं।

इसके अलावा रायपुर के ट्राइबल म्यूजियम में पत्रकार राज्य की जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली से परिचित होंगे। इससे विकास के साथ सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को समझने का अवसर मिलेगा।

सौर ऊर्जा और ग्रामीण आत्मनिर्भरता पर भी नजर

दौरे के दौरान पत्रकार 40 किलोवाट के सोलर प्रोजेक्ट का भी अध्ययन करेंगे। इसके जरिए नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग और स्थानीय स्तर पर इसके प्रभाव को समझने की कोशिश की जाएगी।

इसके साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण आत्मनिर्भरता मॉडल को भी अध्ययन में शामिल किया गया है। पत्रकार यह जानने का प्रयास करेंगे कि इन पहलों से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, आय और आत्मनिर्भरता को किस तरह बढ़ावा मिल रहा है।

Chhattisgarh Development Model में महिला समूहों की भूमिका

महिला स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामुदायिक भागीदारी के महत्वपूर्ण माध्यम माने जाते हैं। पत्रकारों का दल इन समूहों की गतिविधियों और काम करने के तरीके को प्रत्यक्ष रूप से समझेगा।

ग्रामीण आत्मनिर्भरता से जुड़े मॉडल का अध्ययन इस दौरे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे स्थानीय स्तर पर विकास की योजनाओं और उनके प्रभाव को समझने का अवसर मिलेगा।

मुख्यमंत्री से संवाद करेगा पत्रकारों का दल

छह दिवसीय दौरे के दौरान पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल का छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री से भी संवाद प्रस्तावित है। इस दौरान राज्य के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।

दल का नेतृत्व प्रेस सूचना ब्यूरो देहरादून के प्रभारी संजीव सुंद्रिर्याल कर रहे हैं। उनके मुताबिक, प्रतिनिधिमंडल 19 सितंबर तक छत्तीसगढ़ के औद्योगिक, सांस्कृतिक और विकास मॉडल का अध्ययन करेगा।

इस पूरे दौरे में उद्योग, ऊर्जा, संस्कृति, जनजातीय विरासत, सौर ऊर्जा और ग्रामीण आत्मनिर्भरता जैसे अलग-अलग क्षेत्रों को शामिल किया गया है।

Chhattisgarh Development Model का अध्ययन करने पहुंचा देहरादून के पत्रकारों का प्रतिनिधिमंडल राज्य के विकास की विभिन्न तस्वीरों को करीब से समझेगा। छह दिनों के दौरान SECL, NTPC, BALCO, सिरपुर, ट्राइबल म्यूजियम, सोलर प्रोजेक्ट और महिला स्वयं सहायता समूहों का अध्ययन इस दौरे को व्यापक बनाएगा। मुख्यमंत्री से प्रस्तावित संवाद के साथ यह दौरा छत्तीसगढ़ के औद्योगिक, सांस्कृतिक और ग्रामीण विकास मॉडल को समझने का महत्वपूर्ण अवसर साबित हो सकता है।

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