Congress Factionalism को लेकर छत्तीसगढ़ कांग्रेस में एक बार फिर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। दुर्ग में शनिवार, 5 सितंबर को कांग्रेस के तीन दिवसीय संगठन सृजन प्रशिक्षण शिविर की शुरुआत हुई। शिविर का मकसद संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना है, लेकिन पहले ही दिन पार्टी की अंदरूनी राजनीति चर्चा के केंद्र में रही।
पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव से भूपेश बघेल और देवेंद्र यादव के बीच कथित गुटबाजी को लेकर सवाल पूछा गया। सिंहदेव ने इस तरह की किसी गुटबाजी से इनकार करते हुए कहा कि दो लोगों की राय अलग होना सामान्य बात है और इसे सीधे गुटबाजी नहीं कहा जा सकता।
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Congress Factionalism पर परिवार का उदाहरण
सिंहदेव ने कहा कि किसी परिवार में भी दो लोगों की राय अलग हो सकती है। भाई-भाई या पिता-पुत्र के विचारों में अंतर होना स्वाभाविक है। इसी तरह राजनीतिक दल में भी नेताओं के बीच अलग-अलग विचार हो सकते हैं।
उनके मुताबिक, विचारों में अंतर को पार्टी की गुटबाजी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को पार्टी के हित में मिलकर काम करना चाहिए।
भूपेश वरिष्ठ, देवेंद्र युवा नेता
जब सिंहदेव से सीधे पूछा गया कि क्या कांग्रेस में भूपेश बघेल और देवेंद्र यादव के अलग-अलग गुट हैं, तो उन्होंने दोनों नेताओं के राजनीतिक अनुभव और उम्र का अंतर बताया।
उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल वरिष्ठ नेता हैं, जबकि देवेंद्र यादव युवा नेता हैं। दोनों पड़ोसी विधायक भी हैं। जब उनसे पूछा गया कि वे किस नेता के साथ हैं, तो सिंहदेव ने स्पष्ट जवाब दिया कि उनका समर्थन कांग्रेस के साथ है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब प्रदेश कांग्रेस में संगठनात्मक गतिविधियां तेज की जा रही हैं और पार्टी आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए जमीनी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दे रही है।
Congress Factionalism पर भाजपा को सिंहदेव की चुनौती
गुटबाजी के सवाल पर सिंहदेव ने भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस पर सवाल उठाने से पहले भाजपा को अपने वरिष्ठ नेता के पत्रों का जवाब देना चाहिए।
सिंहदेव ने सवाल उठाया कि अगर बृजमोहन अग्रवाल को अपनी बात सरकार तक पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री को बार-बार पत्र लिखना पड़ रहा है और बाद में उन पत्रों को सार्वजनिक करना पड़ रहा है, तो भाजपा को इस पर भी जवाब देना चाहिए।
उनके इस बयान को कांग्रेस में कथित गुटबाजी के भाजपा के आरोपों का राजनीतिक जवाब माना जा रहा है।
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307 ब्लॉक अध्यक्षों की ट्रेनिंग पर फोकस
दुर्ग में आयोजित यह प्रशिक्षण शिविर 5 से 7 सितंबर तक चलेगा। इसमें ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों के साथ मास्टर ट्रेनर्स को संगठन संचालन, बूथ स्तर पर गतिविधियों, सोशल मीडिया और पार्टी की नीतियों को जनता तक पहुंचाने से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने राज्य के 307 ब्लॉक अध्यक्षों को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण देने की योजना बनाई है। अभियान की शुरुआत बस्तर संभाग से हो चुकी है। इसके बाद अलग-अलग संभागों में इसी तरह के प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
संगठन को बूथ तक मजबूत करने की रणनीति
कांग्रेस के इस अभियान का मुख्य उद्देश्य चुनाव के समय अचानक सक्रिय होने के बजाय अभी से संगठन को मजबूत करना बताया जा रहा है। पार्टी ब्लॉक स्तर से लेकर बूथ तक कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय और सक्रियता बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
प्रशिक्षण में संगठनात्मक गतिविधियों के साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया के प्रभावी इस्तेमाल पर भी जोर दिया जा रहा है। पार्टी की योजना आगे संगठन की निचली इकाइयों तक प्रशिक्षण का विस्तार करने की है।
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Congress Factionalism से ज्यादा संगठन पर नजर
दुर्ग शिविर के पहले दिन भले ही Congress Factionalism को लेकर राजनीतिक सवाल छाए रहे, लेकिन कांग्रेस का घोषित फोकस संगठन को मजबूत करने पर है। 307 ब्लॉक अध्यक्षों और मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण इसी व्यापक संगठनात्मक अभियान का हिस्सा है।
आने वाले दिनों में संभागवार प्रशिक्षण के जरिए पार्टी ब्लॉक और बूथ स्तर पर अपनी टीम को ज्यादा सक्रिय बनाने की कोशिश करेगी। ऐसे में यह अभियान कांग्रेस के आगामी राजनीतिक रोडमैप के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दुर्ग में Congress Factionalism के सवाल पर टीएस सिंहदेव ने भूपेश बघेल और देवेंद्र यादव के बीच गुटबाजी की बात को खारिज करते हुए इसे विचारों के अंतर के तौर पर पेश किया। साथ ही उन्होंने भाजपा पर पलटवार किया। अब कांग्रेस का असली फोकस 307 ब्लॉक अध्यक्षों की ट्रेनिंग और बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने पर है।
