Baba Karmeshwar Dham में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 26 अगस्त 2026 को पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के विकासखंड राजपुर के ग्राम कर्रा में आयोजित श्री महारुद्र यज्ञ एवं शिव पुराण कथा में शामिल हुए।
उन्होंने प्राचीन बाबा कर्मेश्वर धाम में भगवान शिव का विधि-विधान से रुद्राभिषेक किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने ग्राम कर्रा में मंगल भवन निर्माण की घोषणा भी की।
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Baba Karmeshwar Dham में मंगल भवन की घोषणा
मुख्यमंत्री साय ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि कर्रा की पावन भूमि पर श्री महारुद्र यज्ञ और शिव पुराण कथा का आयोजन सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कथावाचक आचार्य दिव्यानंद जी महाराज को नमन करते हुए आयोजन समिति और श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा कर्मेश्वर की कृपा से क्षेत्र विकास के रास्ते पर आगे बढ़े, इसके लिए राज्य सरकार जरूरी विकास कार्यों को प्राथमिकता देगी। इसी क्रम में उन्होंने कर्रा में मंगल भवन बनाने की घोषणा की।
उन्होंने श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना के महत्व का उल्लेख करते हुए प्रदेश के प्रत्येक परिवार में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
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छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक विरासत पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ धर्म, संस्कृति और आस्था की समृद्ध परंपराओं वाली भूमि है। उन्होंने प्रदेश को माता कौशल्या की जन्मभूमि और भगवान श्रीराम का ननिहाल बताया।
उनके अनुसार, राज्य के गांव-गांव में प्राचीन शिवालय, देवी मंदिर और लोक आस्था के अनेक केंद्र मौजूद हैं। सरकार इस आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और विकसित करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों को धार्मिक कॉरिडोर के रूप में जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है। इससे श्रद्धालुओं को सुविधाएं मिलने के साथ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
रामलला दर्शन योजना का भी किया उल्लेख
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का भगवान श्रीराम से गहरा संबंध है। राज्य सरकार की श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेश के श्रद्धालुओं को अयोध्या में रामलला के दर्शन का अवसर मिल रहा है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, अब तक करीब 50 हजार श्रद्धालु इस योजना के माध्यम से अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन कर चुके हैं।
इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों की धार्मिक आस्था को ध्यान में रखते हुए तीर्थ दर्शन योजना शुरू की गई है। इसके तहत देशभर के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों को चिन्हांकित किया गया है और करीब 10 हजार श्रद्धालु इसका लाभ ले चुके हैं।
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बस्तर में शांति और विकास का दावा
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बस्तर का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बस्तर को नक्सलवाद से मुक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है।
उन्होंने दावा किया कि हिंसा से प्रभावित रहे क्षेत्रों में अब शांति और विकास का वातावरण बन रहा है। दूरस्थ इलाकों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और संचार जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास का लाभ प्रदेश के अंतिम छोर पर बसे परिवार तक पहुंचाना है। उन्होंने कर्रा सहित पूरे बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।
Baba Karmeshwar Dham का धार्मिक महत्व
ग्राम कर्रा स्थित Baba Karmeshwar Dham स्थानीय लोगों की आस्था का प्राचीन केंद्र है। स्थानीय मान्यता के अनुसार यहां मौजूद शिवलिंग प्राकृतिक रूप से प्रकट हुआ था।
जनश्रुति के मुताबिक करीब नौवीं-दसवीं शताब्दी में साल के पेड़ के खोल में शिवलिंग की उत्पत्ति हुई थी। इसके बाद से यहां भगवान शिव की पूजा-अर्चना की परंपरा चली आ रही है।
वर्तमान में श्री कर्मेश्वर महादेव मंदिर जीर्णोद्धार समिति की ओर से मंदिर के जीर्णोद्धार का काम कराया जा रहा है।
बारिश से जुड़ी लोक मान्यता
बाबा कर्मेश्वर धाम से कई स्थानीय लोक मान्यताएं भी जुड़ी हैं। ग्रामीणों के बीच प्रचलित मान्यता के अनुसार पुराने समय में बारिश नहीं होने पर भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती थी।
स्थानीय परंपरा में शिवलिंग पर गाय के गोबर का लेप लगाने का भी उल्लेख मिलता है। ग्रामीणों का विश्वास रहा है कि ऐसे अनुष्ठान के बाद क्षेत्र में बारिश होती थी।
पीढ़ियों से चली आ रही इन मान्यताओं ने बाबा कर्मेश्वर धाम को क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में पौधरोपण
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंदिर परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम 3.0’ अभियान के तहत अपनी माता श्रीमती जसमनी देवी साय के नाम पर रुद्राक्ष का पौधा लगाया।
इस दौरान उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया।
संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने भी मंदिर परिसर में बेल का पौधा लगाया। कार्यक्रम में मौजूद अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी अभियान के तहत पौधरोपण किया।
कार्यक्रम में पत्थलगांव विधायक गोमती साय, आईजी दीपक झा, सरगुजा संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा, कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
Baba Karmeshwar Dham में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी धार्मिक आयोजन के साथ क्षेत्र के विकास और सांस्कृतिक विरासत को लेकर भी महत्वपूर्ण रही। मुख्यमंत्री ने भगवान शिव की पूजा कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की और ग्राम कर्रा में मंगल भवन निर्माण की घोषणा की। साथ ही उन्होंने धार्मिक पर्यटन, तीर्थ दर्शन, पर्यावरण संरक्षण और क्षेत्रीय विकास पर सरकार की प्राथमिकताओं को सामने रखा। बाबा कर्मेश्वर धाम की प्राचीन लोक आस्था और धार्मिक परंपराएं इसे बलरामपुर-रामानुजगंज जिले का महत्वपूर्ण आस्था केंद्र बनाती हैं।
