Exam Paper Leak मामले को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बेहद गंभीरता से लिया है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की बीएससी एग्रीकल्चर द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी यानी कीट विज्ञान विषय की परीक्षा का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले सोशल मीडिया के जरिए प्रसारित होने की शिकायत सामने आई थी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि परीक्षाओं की शुचिता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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Exam Paper Leak के बाद परीक्षा निरस्त
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की बीएससी एग्रीकल्चर द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी परीक्षा 20 अगस्त 2026 को आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में प्रदेश के 27 कृषि महाविद्यालयों के करीब 1,200 विद्यार्थी शामिल होने वाले थे।
परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने की शिकायत सामने आई। मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा को निरस्त कर दिया।
अब यह परीक्षा सितंबर 2026 के प्रथम सप्ताह में दोबारा आयोजित की जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से पुनर्परीक्षा की तारीख और अन्य आवश्यक जानकारी विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जाएगी।
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Exam Paper Leak की जांच के लिए कमेटी गठित
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की है। समिति का उद्देश्य प्रश्नपत्र के कथित प्रसारण की पूरी कड़ी का पता लगाना है।
जांच समिति सोशल मीडिया पर प्रसारित प्रश्नपत्र और परीक्षा में इस्तेमाल किए जाने वाले मूल प्रश्नपत्र का मिलान करेगी। इसके साथ यह पता लगाया जाएगा कि प्रश्नपत्र सबसे पहले कहां से बाहर आया और किन माध्यमों से आगे प्रसारित हुआ।
पुलिस और साइबर सेल भी जांच में जुटे
मामले में तेलीबांधा थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। इसके साथ ही तकनीकी जांच के लिए साइबर सेल की मदद ली जा रही है।
जांच एजेंसियां उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर प्रश्नपत्र प्रसारित करने वाले स्रोत तक पहुंचने की कोशिश करेंगी। पुलिस जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि इस मामले में कितने लोग शामिल थे।
Exam Paper Leak पर जीरो टॉलरेंस
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार भर्ती परीक्षाओं से लेकर शैक्षणिक परीक्षाओं तक हर प्रक्रिया की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखने को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी के प्रति सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की मेहनत, उनका विश्वास और उनका भविष्य सर्वोपरि है।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने और प्रकरण से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाने के निर्देश दिए हैं।
विद्यार्थियों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता
इस मामले में परीक्षा निरस्त करने का निर्णय इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रश्नपत्र की गोपनीयता और परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठने के बाद परीक्षा जारी रखने से विद्यार्थियों के बीच असमानता की स्थिति पैदा हो सकती थी।
सरकार का कहना है कि ईमानदारी से परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों के हितों की रक्षा करना जरूरी है। इसी वजह से मामले की विस्तृत जांच के साथ पुनर्परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया है।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर विश्वविद्यालय से जुड़ी आधिकारिक सूचनाएं देखी जा सकती हैं। उच्च शिक्षा से संबंधित केंद्रीय स्तर की जानकारी के लिए शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार भी उपयोगी आधिकारिक स्रोत है।
प्रश्नपत्र सुरक्षा व्यवस्था होगी और मजबूत
मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय प्रशासन को भविष्य की परीक्षाओं में प्रश्नपत्रों की गोपनीयता और सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं।
प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर उसके सुरक्षित रख-रखाव, परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने और परीक्षा शुरू होने तक की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की जाएगी। आवश्यक सुरक्षा उपायों को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है।
इसका उद्देश्य भविष्य में Exam Paper Leak जैसी किसी घटना की पुनरावृत्ति रोकना और परीक्षा व्यवस्था में विद्यार्थियों तथा अभिभावकों का विश्वास बनाए रखना है।
Exam Paper Leak मामले में छत्तीसगढ़ सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए परीक्षा निरस्त कर जांच शुरू कराई है। पांच सदस्यीय समिति, पुलिस और साइबर सेल प्रश्नपत्र के कथित प्रसारण की पूरी कड़ी की जांच कर रहे हैं। करीब 1,200 विद्यार्थियों की निरस्त परीक्षा सितंबर के प्रथम सप्ताह में दोबारा होगी। साथ ही प्रश्नपत्र सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी की जाएगी, ताकि विद्यार्थियों की मेहनत और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता सुरक्षित रहे।
