Anganwadi Building के निर्माण से दुर्ग जिले के रीवागहन गांव में बच्चों के लिए लंबे समय से चली आ रही भवन की समस्या का समाधान हुआ है। जर्जर पुराने भवन के कारण करीब एक साल तक आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-01 सामुदायिक भवन में संचालित हो रहा था। अब रोजगार गारंटी योजना और महिला एवं बाल विकास विभाग के अभिसरण से बच्चों को अपना सुरक्षित और सुविधायुक्त केंद्र मिल गया है।
नवनिर्मित भवन से वर्तमान में 35 बच्चों, जिनमें 15 बालक और 20 बालिकाएं शामिल हैं, को पोषण, स्वास्थ्य, प्रारंभिक शिक्षा और विकास से जुड़ी गतिविधियों के लिए बेहतर वातावरण मिल रहा है।
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जर्जर भवन के कारण सामुदायिक भवन में चल रहा था केंद्र
रीवागहन का आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-01 लंबे समय से बच्चों की पोषण और प्रारंभिक शिक्षा संबंधी गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। पुराना भवन जर्जर होने के कारण बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए इसे सामुदायिक भवन में स्थानांतरित करना पड़ा था।
यह व्यवस्था अस्थायी थी। गांव में स्थायी भवन की जरूरत को देखते हुए रोजगार गारंटी योजना के तहत नया भवन बनाने की पहल की गई। इसके लिए बस्ती के बीच ऐसी जगह चुनी गई, जहां बच्चों के लिए केंद्र तक पहुंचना आसान हो।
चयनित स्थल पर अतिक्रमण की समस्या थी। ग्राम पंचायत ने स्थानीय स्तर पर समन्वय कर इस समस्या का समाधान किया और निर्माण के लिए उपयुक्त जमीन उपलब्ध कराई।
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Anganwadi Building के लिए ₹11.69 लाख की स्वीकृति
वित्तीय वर्ष 2025-26 में नए भवन के निर्माण के लिए कुल 11.69 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई। इसमें रोजगार गारंटी योजना से 8 लाख रुपए और महिला एवं बाल विकास विभाग से 3.69 लाख रुपए का अभिसरण किया गया।
इस योजना से दोहरा लाभ मिला। एक ओर ग्रामीण क्षेत्र में स्थानीय श्रमिकों को रोजगार मिला, वहीं दूसरी ओर बच्चों के लिए स्थायी और जनोपयोगी परिसंपत्ति तैयार हुई।
चार महीने में पूरा हुआ निर्माण
भवन निर्माण का काम 1 फरवरी 2026 को शुरू हुआ और 5 जून 2026 को पूरा कर लिया गया। निर्माण के दौरान स्थानीय श्रमिकों को कुल 362 मानव दिवस रोजगार मिला।
निर्धारित अवधि में काम पूरा होने से बच्चों को जल्द ही नए भवन की सुविधा मिल सकी। यह परियोजना रोजगार सृजन के साथ ग्रामीण क्षेत्र में स्थायी सुविधा विकसित करने का उदाहरण बनी है।
बाल-अनुकूल सुविधाओं से सुसज्जित Anganwadi Building
नए भवन का निर्मित क्षेत्रफल 114.26 वर्गमीटर है। बच्चों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इसमें किचन, शौचालय, ओपन हॉल और बाल-केंद्रित आकर्षक चित्रकारी की व्यवस्था की गई है।
ओपन हॉल में बच्चों के बैठने, खेलने, समूह गतिविधियों और रचनात्मक कार्यों के लिए पर्याप्त जगह है। वहीं बाल-केंद्रित चित्रकारी ने भवन को बच्चों के लिए अधिक आकर्षक बनाया है।
भवन में पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा से जुड़ी गतिविधियों को भी व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा सकेगा।
तकनीकी मार्गदर्शन से गुणवत्तापूर्ण निर्माण
निर्माण कार्य को तकनीकी मानकों के अनुसार पूरा कराने में पाटन के तकनीकी सहायक रूपेश साहू की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने निर्माण के दौरान तकनीकी मार्गदर्शन देने के साथ काम की प्रगति और गुणवत्ता की निगरानी की।
ग्राम पंचायत और निर्माण से जुड़े अमले के समन्वित प्रयासों से भवन निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया गया।
35 बच्चों को मिला सुरक्षित और अपना केंद्र
नए Anganwadi Building का सीधा लाभ वर्तमान में 35 बच्चों को मिल रहा है। इनमें 15 बालक और 20 बालिकाएं शामिल हैं।
पहले बच्चों को सामुदायिक भवन की अस्थायी व्यवस्था में आंगनबाड़ी गतिविधियों में शामिल होना पड़ता था। अब गांव की बस्ती के बीच उन्हें अलग और सुरक्षित भवन मिल गया है।
इससे बच्चों को बैठने, खेलने और सीखने के लिए बेहतर वातावरण मिला है। अभिभावकों के लिए भी बच्चों को केंद्र तक पहुंचाना आसान हुआ है।
रोजगार भी, सुविधा भी
जिला पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि रोजगार गारंटी योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को रोजगार देने के साथ ऐसी स्थायी परिसंपत्तियां बनाना भी है, जिनका सीधा लाभ ग्रामीणों को मिले।
उन्होंने कहा कि रीवागहन का आंगनबाड़ी भवन इसी उद्देश्य का उदाहरण है। 11.69 लाख रुपए की लागत से बने भवन ने 362 मानव दिवस रोजगार दिया और अब 35 बच्चों को सुरक्षित एवं सुविधायुक्त केंद्र उपलब्ध कराया जा रहा है।
ग्राम पंचायत अरमारीखुर्द की सरपंच देवकी चुरामन लाल साहू ने बताया कि भवन के लिए स्थल चयन, अतिक्रमण की समस्या के समाधान और निर्माण के स्थानीय समन्वय में पंचायत की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
Anganwadi Building रीवागहन में रोजगार और ग्रामीण विकास को एक साथ आगे बढ़ाने वाली पहल बनकर सामने आया है। ₹11.69 लाख की लागत से बने इस भवन से 362 मानव दिवस रोजगार का सृजन हुआ और 35 बच्चों को सुरक्षित, बाल-अनुकूल वातावरण मिला। रोजगार गारंटी योजना और महिला एवं बाल विकास विभाग के अभिसरण से तैयार यह भवन आने वाले वर्षों में बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, प्रारंभिक शिक्षा और समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण आधारभूत सुविधा साबित होगा।
