Durg Employment Day के तहत शुक्रवार को दुर्ग जिले की सभी ग्राम पंचायतों में चावल महोत्सव के साथ रोजगार दिवस और आवास दिवस का आयोजन किया गया। कलेक्टर अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में जिला पंचायत दुर्ग ने यह कार्यक्रम विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत आयोजित किया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आवास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना तथा हितग्राहियों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान करना रहा। ग्राम पंचायत, विकासखंड और जिला स्तर पर लंबित प्रकरणों के शत-प्रतिशत निराकरण पर विशेष ध्यान दिया गया।
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Durg Employment Day में लंबित प्रकरणों का समाधान
आयोजन के दौरान ग्रामीण विकास और रोजगार से संबंधित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए, ताकि हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ लेने में अनावश्यक देरी न हो।
ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, पंचायत पदाधिकारियों, रोजगार सहायकों और स्व-सहायता समूहों की दीदियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान कई समस्याओं का समाधान मौके पर ही करने का प्रयास किया गया।
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प्रधानमंत्री आवास योजना पर विशेष फोकस
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) और अन्य आवास योजनाओं के तहत स्वीकृत घरों का निर्माण जल्द पूरा कराने पर जोर दिया गया।
हितग्राहियों को निर्माण की किस्तों का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने, लंबित जियो-टैगिंग कार्य को पूरा करने और प्रत्येक आवास में रेन वाटर हार्वेस्टिंग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही स्व-सहायता समूहों की दीदियों को निर्माण सामग्री की आपूर्ति और विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इससे ग्रामीण महिलाओं के लिए स्थानीय स्तर पर आय के अवसर बढ़ाने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है।
रोजगार और आजीविका के नए कार्यों की योजना
Durg Employment Day के दौरान विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के तहत चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई।
प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्रामीणों की मांग के आधार पर नए कार्य शुरू करने की योजना तैयार की गई। ग्राम सभाओं में पारित प्रस्तावों के आधार पर प्राथमिकता वाले कार्यों को स्वीकृति देने और उन्हें दिसंबर 2026 तक पूरा करने की कार्ययोजना बनाई गई।
जल संरक्षण और आजीविका पर जोर
निर्मित आजीविका डबरियों और नवा तरिया के माध्यम से आजीविका संवर्धन पर भी चर्चा हुई। साथ ही जल संरक्षण से जुड़े कार्यों का विस्तार करने पर जोर दिया गया।
अधिकारियों ने कार्यों के हर चरण में जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की बात कही। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में स्थानीय जरूरतों और ग्रामीणों की भागीदारी को अधिक महत्व मिलने की उम्मीद है।
‘मेरी बेटी, मेरा अभिमान’ अभियान को गति
कार्यक्रम में ‘मेरी बेटी, मेरा अभिमान’ अभियान के तहत शासकीय विद्यालयों में जरूरत के अनुसार बालिका शौचालयों के निर्माण को प्राथमिकता देने पर भी चर्चा की गई।
इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में छात्राओं के लिए बेहतर और सुरक्षित सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ स्कूलों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है।
ग्राम पंचायतों में बड़ी भागीदारी
जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में रोजगार दिवस और आवास दिवस का आयोजन किया गया। इनमें मड़ियापार, राखी, बठेना, अचानकपुर और छांटा सहित जनपद पंचायत पाटन की ग्राम पंचायतें शामिल रहीं।
इसके अलावा जनपद पंचायत दुर्ग की कटरो, कोनारी और धनोरा तथा जनपद पंचायत धमधा की मोहलई ग्राम पंचायत में भी कार्यक्रम आयोजित हुआ।
इन कार्यक्रमों में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। हितग्राहियों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं और मौके पर समाधान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
योजनाओं की जानकारी QR कोड से
जिला पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि ग्रामीण विकास योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के लिए QR कोड के माध्यम से आम लोगों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि मिशन के तहत स्वीकृत सभी कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही हितग्राहियों को योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने का प्रयास जारी रहेगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण से संबंधित आधिकारिक जानकारी प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण पोर्टल पर देखी जा सकती है। ग्रामीण रोजगार और आजीविका से जुड़ी केंद्र सरकार की योजनाओं की जानकारी ग्रामीण विकास मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
Durg Employment Day और आवास दिवस के आयोजन से दुर्ग जिले की ग्राम पंचायतों में ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को नई गति देने का प्रयास किया गया है। रोजगार, आवास, जल संरक्षण, आजीविका और महिला समूहों से जुड़े कार्यों पर एक साथ जोर दिया गया। लंबित प्रकरणों के समाधान और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से योजनाओं को जमीनी स्तर पर अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। दिसंबर 2026 तक प्राथमिकता वाले कार्यों को पूरा करने की योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और विकास को गति देने में महत्वपूर्ण हो सकती है।
