Drone Didi कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कृषि में आधुनिक तकनीक और महिला आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश करने वाली श्रीमती चंद्रकली वर्मा से संवाद किया। रायपुर में 12 अगस्त 2026 को हरेली तिहार के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में आयोजित कार्यक्रम में चंद्रकली ने ड्रोन से खेती में कीटनाशक और नैनो उर्वरकों के छिड़काव से जुड़ा अपना अनुभव साझा किया।
चंद्रकली वर्मा ने बताया कि वह ड्रोन के जरिए नैनो यूरिया, नैनो डीएपी और कीटनाशकों का छिड़काव करती हैं। इसके लिए उन्हें प्रति एकड़ 300 रुपये पारिश्रमिक मिलता है। अब तक वह 2,500 एकड़ से अधिक क्षेत्र में ड्रोन से छिड़काव कर चुकी हैं।
पिछले दो वर्षों में उन्होंने करीब 7 लाख रुपये की आय अर्जित की है। मुख्यमंत्री ने उनकी उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि कृषि में तकनीक महिलाओं के लिए आय और आत्मनिर्भरता के नए अवसर खोल रही है।
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हरेली पर किसान को 16 लाख की सब्सिडी
हरेली तिहार के मौके पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर के किसान इंद्र कुमार वर्मा को हार्वेस्टर पर मिलने वाली सब्सिडी के रूप में 16 लाख रुपये का चेक प्रदान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि यंत्रीकरण से खेती की लागत और श्रम को कम करने में मदद मिलती है। साथ ही आधुनिक कृषि उपकरण किसानों की उत्पादकता बढ़ाने में भी उपयोगी साबित हो सकते हैं।
यह पहल राज्य में खेती को पारंपरिक तरीकों के साथ आधुनिक तकनीक से जोड़ने की सरकार की प्राथमिकता को दर्शाती है।
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Drone Didi की सफलता और कमाई
Drone Didi चंद्रकली वर्मा की कहानी ग्रामीण महिलाओं के लिए तकनीक आधारित रोजगार की संभावनाओं को दिखाती है। ड्रोन के इस्तेमाल से वह बड़े क्षेत्र में कम समय में कृषि कार्य से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं।
नैनो यूरिया, नैनो डीएपी और कीटनाशकों के छिड़काव जैसी सेवाओं में ड्रोन का उपयोग कृषि कार्यों को अधिक तकनीक-आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री ने चंद्रकली की सफलता को महिला सशक्तीकरण और आधुनिक कृषि के बीच एक प्रेरक कड़ी बताया।
आधुनिक कृषि और महिला सशक्तीकरण
हरेली कार्यक्रम में कृषि अभियांत्रिकी विभाग सहित विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए थे। मुख्यमंत्री ने आधुनिक कृषि यंत्रों की उपयोगिता और विशेषताओं की जानकारी ली।
नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के स्टॉल पर किसानों को अरहर और उड़द के मिनी किट भी वितरित किए गए। कृषि मित्रों द्वारा तैयार ब्रह्मास्त्र, नीमास्त्र और मधुमक्खी के मोम से बने लिप बाम जैसे उत्पादों की जानकारी भी ली गई।
कृषि में तकनीक, प्राकृतिक खेती और महिला भागीदारी को बढ़ावा देने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
हरेली में लोक संस्कृति और प्रकृति संरक्षण
नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में हरेली तिहार के अवसर पर छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिली। मुख्यमंत्री ने भगवान शिव, गौमाता और कृषि औजारों की पूजा-अर्चना कर अच्छी वर्षा, भरपूर फसल और किसान परिवारों की खुशहाली की कामना की।
पारंपरिक वेशभूषा में मुख्यमंत्री विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के साथ महिला ऑटो चालक संगीता यादव के पिंक ऑटो से कार्यक्रम स्थल पहुंचे। इसके बाद गौशाला में गाय और बछड़े को हरा चारा, चना-गुड़ और पारंपरिक लोंदी खिलाई।
हरेली के प्रकृति संरक्षण संदेश को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष ने पारिजात के पौधे लगाए। कार्यक्रम में अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी पौधरोपण किया।
Drone Didi के साथ दिखा आधुनिक और पारंपरिक छत्तीसगढ़
हरेली आयोजन में आधुनिक कृषि तकनीक के साथ छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति भी केंद्र में रही। गेड़ी, बिल्लस, गोटी, बाटी और रहचुली जैसे पारंपरिक खेलों ने ग्रामीण जीवन की यादें ताजा कीं।
लोक कलाकारों ने मांदर, ढोलक और अन्य पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप पर छत्तीसगढ़ी गीत और नृत्य प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री भी कलाकारों के बीच पहुंचे और लोकधुनों पर उनके साथ शामिल हुए।
कार्यक्रम में ठेठरी, खुरमी और बड़ा जैसे पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजनों के स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र रहे।
किसान समृद्धि पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसान की समृद्धि ही गांव और प्रदेश की खुशहाली का मजबूत आधार है। उन्होंने बताया कि किसानों के लिए कृषि ऋण, फसल बीमा, सिंचाई सुविधाओं और आधुनिक कृषि तकनीक से जुड़े प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य सरकार किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान खरीद रही है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने भी किसान समृद्धि को प्रदेश के विकास से जोड़ा।
आधिकारिक कृषि योजनाओं और विभागीय जानकारी के लिए छत्तीसगढ़ कृषि विभाग तथा भारत सरकार का कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय देखा जा सकता है।
Drone Didi चंद्रकली वर्मा की सफलता और किसान इंद्र कुमार वर्मा को 16 लाख रुपये की हार्वेस्टर सब्सिडी का चेक, हरेली के आयोजन में आधुनिक कृषि की दिशा को सामने लाता है। एक ओर छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और प्रकृति संरक्षण की परंपरा को सम्मान मिला, वहीं दूसरी ओर ड्रोन और कृषि यंत्रीकरण जैसी तकनीकों को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया। तकनीक, महिला सशक्तीकरण और किसान समृद्धि का यह मेल छत्तीसगढ़ की खेती को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
