Bail Tantrik Ritual का एक हैरान करने वाला मामला छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से सामने आया है। पुलिस के अनुसार, एक व्यक्ति अपने रिश्तेदार को जमानत दिलाने की कथित कोशिश में श्मशान घाट पर तांत्रिक अनुष्ठान कर रहा था। इस दौरान उसके पास छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की तस्वीर समेत कई सामान मिले।
घटना शुक्रवार और शनिवार की दरम्यानी रात सिपत थाना क्षेत्र के देवरी गांव स्थित श्मशान घाट की बताई जा रही है। ग्रामीणों को रात में कुछ लोगों की संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दीं, जिसके बाद उन्होंने मौके पर पहुंचकर पूछताछ की।
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घटना कहां और कब हुई?
पुलिस के मुताबिक, देवरी गांव के श्मशान घाट में शुक्रवार देर रात चार लोग संदिग्ध गतिविधियों में शामिल दिखाई दिए। ग्रामीणों ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो तीन लोग मौके से भाग गए।
वहीं, ऋषिकेश कुमार नामक व्यक्ति को ग्रामीणों ने पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। बिलासपुर के पुलिस अधीक्षक राजनेश सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर जस्टिस रमेश सिन्हा को वर्तमान चीफ जस्टिस के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
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Bail Tantrik Ritual में क्या मिला?
पुलिस ने मौके से कथित अनुष्ठान में इस्तेमाल होने वाली कई चीजें बरामद की हैं। इनमें मछली, नींबू और सिंदूर सहित कुछ अन्य सामग्री शामिल है।
पुलिस के अनुसार, मौके से छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की तस्वीरें भी मिलीं। इसके अलावा दो अन्य लोगों की तस्वीरें भी बरामद हुईं।
पुलिस ने बताया कि बरामद तस्वीरों में से एक प्रियंशु बोले की थी, जबकि दूसरी तस्वीर कथित चाकूबाजी मामले में घायल व्यक्ति की बताई गई है।
जमानत के लिए तंत्र-मंत्र करने का दावा
पूछताछ के दौरान ऋषिकेश कुमार ने पुलिस को कथित तौर पर बताया कि उसका रिश्तेदार प्रियंशु बोले कुछ अन्य लोगों के साथ चाकूबाजी के एक मामले में गिरफ्तार हुआ था।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में एक आरोपी को जमानत मिल गई थी, जबकि अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाएं अदालत में लंबित थीं।
इसी बीच कुमार और उसके तीन दोस्तों ने कथित तौर पर एक तांत्रिक का वीडियो देखा। पुलिस के मुताबिक, वीडियो में दावा किया गया था कि विशेष अनुष्ठान करने से आरोपी को जमानत मिल सकती है।
इसके बाद चारों लोग कथित तौर पर श्मशान घाट पहुंचे और वहां अनुष्ठान करने लगे। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के किसी भी अनुष्ठान से कानूनी प्रक्रिया के जरिए मिलने वाली जमानत प्रभावित नहीं होती।
Bail Tantrik Ritual पर पुलिस की सख्त चेतावनी
बिलासपुर पुलिस अधीक्षक राजनेश सिंह ने ऐसे अनुष्ठानों को लेकर सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह के तांत्रिक अनुष्ठान से जमानत हासिल नहीं की जा सकती।
एसपी ने लोगों से अपराध से दूर रहने और कानून पर भरोसा रखने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि अपराध करने वालों को अपनी गलतियों से सीख लेकर सुधार की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
छत्तीसगढ़ पुलिस की आधिकारिक नागरिक सेवा वेबसाइट पर पुलिस सेवाओं और शिकायत संबंधी सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध है।
पुलिस की जांच जारी
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पूछताछ में सामने आए तथ्यों और मौके से बरामद सामग्री के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घटना में शामिल तीन अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित अनुष्ठान में कौन-कौन लोग शामिल थे और इसकी योजना कैसे बनाई गई।
बिलासपुर का यह Bail Tantrik Ritual मामला अंधविश्वास और कानूनी प्रक्रिया के बीच अंतर को स्पष्ट करता है। जमानत अदालत की कानूनी प्रक्रिया के तहत मिलती है, किसी तांत्रिक अनुष्ठान से नहीं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर होगी।
