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Construction Workers Welfare: श्रमिकों के बच्चों को मुफ्त NEET-JEE कोचिंग, 200 को मिलेगी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा

Construction Workers Welfare को मजबूत बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली छत्तीसगढ़ सरकार ने निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों के हित में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। नवा रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की बैठक में श्रमिकों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की नि:शुल्क कोचिंग और उच्च शिक्षा सहायता जैसी कई योजनाओं को मंजूरी दी गई। सरकार का उद्देश्य श्रमिक परिवारों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को सशक्त बनाना है।

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Construction Workers Welfare के तहत लिए गए प्रमुख फैसले

नवा रायपुर स्थित मंडल कार्यालय में आयोजित बैठक की अध्यक्षता श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने की। बैठक में मंडल अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, श्रम विभाग के अधिकारी तथा श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

बैठक में निर्माण श्रमिकों के सामाजिक सुरक्षा और उनके परिवारों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।


Construction Workers Welfare: 1000 बच्चों को मिलेगी मुफ्त NEET-JEE कोचिंग

बैठक में अटल करियर निर्माण योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1,000 निर्माण श्रमिकों के बच्चों को NEET और JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नि:शुल्क कोचिंग उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया।

इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर श्रमिक परिवारों के बच्चों को डॉक्टर, इंजीनियर और अन्य पेशेवर क्षेत्रों में आगे बढ़ने का समान अवसर देना है।

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200 बच्चों को मिलेगी नि:शुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा

Construction Workers Welfare के अंतर्गत अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना को भी मंजूरी दी गई।

इसके तहत राज्य के 20 चयनित विद्यालयों में निर्माण श्रमिकों के 200 बच्चों को कक्षा 6वीं में नि:शुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।

इस योजना से श्रमिक परिवारों के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और भविष्य निर्माण का अवसर मिलेगा।


उच्च शिक्षा सहायता राशि होगी एक समान

बैठक में निर्माण श्रमिकों के बच्चों को इंजीनियरिंग, मेडिकल, प्रबंधन तथा अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में पढ़ाई के लिए दी जाने वाली शैक्षणिक सहायता राशि का एकरूपीकरण करने का भी निर्णय लिया गया।

इससे सभी पात्र विद्यार्थियों को समान और पारदर्शी तरीके से लाभ मिलेगा तथा उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता प्राप्त करने में आसानी होगी।


सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 के अनुरूप होगा क्रियान्वयन

बैठक में सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के अनुरूप श्रमिक कल्याण योजनाओं को अधिक प्रभावी तरीके से लागू करने पर सहमति बनी।

सरकार का लक्ष्य है कि सभी पात्र निर्माण श्रमिकों तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचे।


श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने क्या कहा?

श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य सरकार की सभी श्रमिक कल्याण योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों तक पहुंचाया जाए।

उन्होंने कहा कि सरकार श्रमिकों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए लगातार काम कर रही है तथा नई योजनाओं के साथ मौजूदा योजनाओं को भी अधिक सरल और प्रभावी बनाया जा रहा है।

मंडल अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह ने भी कहा कि श्रमिकों और उनके परिवारों के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है और प्रत्येक पात्र हितग्राही तक लाभ पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है।


Construction Workers Welfare से मिलेगा बड़ा लाभ

विशेषज्ञों का मानना है कि मुफ्त शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग और उच्च शिक्षा सहायता जैसी योजनाएं निर्माण श्रमिकों के बच्चों के भविष्य को नई दिशा देंगी।

इन फैसलों से शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर बढ़ेंगे और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में सफलता पाने का बेहतर अवसर मिलेगा।


Construction Workers Welfare के तहत छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लिए गए फैसले निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे। 1,000 बच्चों को मुफ्त NEET-JEE कोचिंग, 200 बच्चों को गुणवत्तापूर्ण नि:शुल्क शिक्षा और उच्च शिक्षा सहायता जैसी पहलें श्रमिक परिवारों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम हैं। सरकार का उद्देश्य प्रत्येक पात्र श्रमिक तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाना है।

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