Micro Food Processing Incubation Centre के शुभारंभ के साथ छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले को कृषि और ग्रामीण उद्यमिता के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिली है। कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) धमतरी में स्थापित इस अत्याधुनिक इन्क्यूबेशन सेंटर का लोकार्पण राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन तथा उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने किया। इस अवसर पर खाद्य प्रसंस्करण विषय पर आयोजित तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का भी समापन हुआ।
यह नया केंद्र किसानों, युवाओं, महिला स्व-सहायता समूहों और नए उद्यमियों को कम लागत पर आधुनिक मशीनों, उत्पाद परीक्षण, पैकेजिंग और कौशल प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।
📢 4thNation WhatsApp चैनल से जुड़ें:
https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j
धमतरी को मिला Micro Food Processing Incubation Centre का लाभ
कृषि विज्ञान केंद्रों और कृषि विश्वविद्यालयों में स्थापित Micro Food Processing Incubation Centre (कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटर) का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना है।
यहां किसान और युवा बिना महंगी मशीनें खरीदे फल, सब्जियां, मसाले, मिलेट्स और अन्य कृषि उत्पादों से जूस, अचार, सॉस, पाउडर तथा अन्य मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार कर सकते हैं। साथ ही उत्पादों की गुणवत्ता जांच और बाजार परीक्षण की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
यह भी पढ़ें: Chhattisgarh Heavy Rain Alert: भारी बारिश के बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बड़ा निर्देश, सभी जिलों में हाई अलर्ट
वैज्ञानिक प्रसंस्करण से किसानों की आय बढ़ेगी: मंत्री टंकराम वर्मा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि कृषि और उद्यानिकी उत्पादों का वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने कहा कि अब कृषि विज्ञान केंद्र केवल तकनीकी जानकारी देने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि इन्हें ग्रामीण उद्यमिता के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।
मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के माध्यम से ग्रामीण युवाओं, महिला स्व-सहायता समूहों और किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिल रहे हैं।
Micro Food Processing Incubation Centre से उद्यमियों को कैसे मिलेगा लाभ?
इस आधुनिक सेंटर में कई अत्याधुनिक मशीनें स्थापित की गई हैं, जिनकी मदद से स्थानीय उद्यमी अपने उत्पादों का उत्पादन और परीक्षण कर सकेंगे।
यहां उपलब्ध प्रमुख सुविधाएं
- आधुनिक फूड प्रोसेसिंग मशीनें
- उत्पाद गुणवत्ता परीक्षण
- पैकेजिंग और लेबलिंग
- ब्रांडिंग सहायता
- बाजार परीक्षण
- कौशल विकास प्रशिक्षण
मंत्री टंकराम वर्मा ने सेंटर का निरीक्षण कर प्रशिक्षणार्थियों से संवाद भी किया और कहा कि यह केंद्र स्थानीय लोगों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
स्थानीय कृषि उत्पादों को मिलेगा नया बाजार
धमतरी कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने इसे जिले के लिए ऐतिहासिक पहल बताया।
उन्होंने कहा कि Micro Food Processing Incubation Centre के माध्यम से स्थानीय कृषि एवं उद्यानिकी उत्पादों की प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन को बढ़ावा मिलेगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध होगा।
तीन दिवसीय प्रशिक्षण में सीखे गुणवत्ता और मार्केटिंग के गुर
कार्यक्रम के दौरान आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में किसानों, महिला स्व-सहायता समूहों और युवाओं को आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण की पूरी जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण में शामिल प्रमुख विषय रहे—
- गुणवत्ता नियंत्रण एवं स्वच्छता
- आधुनिक पैकेजिंग और लेबलिंग
- FSSAI के नियम और मानक
- ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग
- मूल्य संवर्धन तकनीक
- बाजार से जुड़ने की रणनीति
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए आवश्यक कौशल विकसित करना था।
कार्यक्रम में कई प्रमुख जनप्रतिनिधि और वैज्ञानिक रहे मौजूद
इस अवसर पर धमतरी महापौर रामू रोहरा, पूर्व विधायक रंजना दीपेंद्र साहू, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत सीईओ, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के विस्तार सेवाओं के निदेशक, कृषि महाविद्यालय की अधिष्ठाता, खाद्य प्रसंस्करण विभागाध्यक्ष, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक सहित बड़ी संख्या में कृषि वैज्ञानिक, अधिकारी, किसान और महिला समूहों की सदस्याएं उपस्थित रहीं।
Micro Food Processing Incubation Centre धमतरी जिले के किसानों, युवाओं और महिला स्व-सहायता समूहों के लिए आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह केंद्र स्थानीय कृषि उत्पादों को मूल्य संवर्धन, आधुनिक प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और ब्रांडिंग के जरिए नए बाजार उपलब्ध कराने में मदद करेगा। यदि इस पहल का प्रभावी उपयोग किया गया तो Micro Food Processing Incubation Centre ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों की आय बढ़ाने में मील का पत्थर साबित हो सकता है।
