Bilaspur Medical Negligence का एक गंभीर मामला छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से सामने आया है। यहां सिजेरियन डिलीवरी के बाद एक महिला के पेट में सर्जिकल धागा छूट जाने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित परिवार का कहना है कि ऑपरेशन के बाद महिला को लगातार तेज पेट दर्द, उल्टी और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं होती रहीं। बाद में दूसरे अस्पताल में जांच के दौरान पेट के अंदर सर्जिकल धागा होने की जानकारी मिली। मामले की शिकायत मिलने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने संबंधित नर्सिंग होम को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
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Bilaspur Medical Negligence: सिजेरियन डिलीवरी के बाद शुरू हुई परेशानी
शिकायत के अनुसार, शहर से लगे ग्राम बिजौर (बहतराई) निवासी शक्ति लाल सूर्यवंशी ने बताया कि उनकी पत्नी रेखा सूर्यवंशी को 12 जून को प्रसव के लिए पेंडलवार नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था।
महिला की सिजेरियन डिलीवरी की गई और कुछ समय बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। परिवार का आरोप है कि डिस्चार्ज के बाद से ही रेखा को लगातार तेज पेट दर्द, उल्टी और अन्य गंभीर परेशानियां होने लगीं।
अस्पताल ले जाने पर दर्द को बताया सामान्य
पीड़ित परिवार का आरोप है कि जब महिला को दोबारा उसी नर्सिंग होम ले जाया गया तो डॉक्टरों ने बिना विस्तृत जांच किए दर्द को सामान्य बताया।
परिजनों के अनुसार उन्हें यह कहकर घर भेज दिया गया कि ऑपरेशन के बाद कुछ दिनों तक दर्द रहना सामान्य है और जल्द ही ठीक हो जाएगा।
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Bilaspur Medical Negligence: अपोलो अस्पताल में जांच के दौरान हुआ खुलासा
जब महिला की हालत में सुधार नहीं हुआ तो परिवार उसे बिलासपुर के अपोलो अस्पताल लेकर पहुंचा। वहां चिकित्सकीय जांच के दौरान महिला के पेट में सर्जिकल धागा होने की जानकारी सामने आई।
इसके बाद डॉक्टरों ने दोबारा ऑपरेशन कर धागा बाहर निकाला। फिलहाल महिला का इलाज जारी है। इस घटनाक्रम के बाद परिवार ने पहले अस्पताल पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है।
पीड़ित परिवार ने CMHO से की शिकायत
घटना के बाद पीड़ित परिवार ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. शुभा गरेवाल को लिखित शिकायत सौंपी।
शिकायत में संबंधित डॉक्टर और नर्सिंग होम प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई करने, नर्सिंग होम का लाइसेंस निलंबित या निरस्त करने तथा पीड़ित महिला को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की गई है।
Bilaspur Medical Negligence पर CMHO ने जारी किया नोटिस
मामले को गंभीरता से लेते हुए CMHO डॉ. शुभा गरेवाल ने संबंधित नर्सिंग होम प्रबंधन को नोटिस जारी किया है।
उन्होंने अस्पताल से गुरुवार तक लिखित जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग अब प्राप्त जवाब और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगा।
जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। यदि जांच में इलाज में लापरवाही के आरोप सही पाए जाते हैं, तो नियमानुसार संबंधित पक्ष के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल प्रशासन ने सभी तथ्यों और चिकित्सा रिकॉर्ड की समीक्षा शुरू कर दी है।
Bilaspur Medical Negligence का यह मामला मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। हालांकि, इस समय इलाज में लापरवाही के आरोपों की आधिकारिक जांच जारी है। CMHO द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद जांच रिपोर्ट और संबंधित पक्षों के जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और जवाबदेही सुनिश्चित करना मरीजों के हित में बेहद जरूरी है।
