Rajasthan Teacher Shortage का मुद्दा एक बार फिर राजस्थान में चर्चा का विषय बन गया है। जालोर जिले के मेंगलवा स्थित पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं ने शिक्षकों की भारी कमी के विरोध में स्कूल गेट पर ताला लगाकर करीब चार घंटे तक प्रदर्शन किया। छात्राओं का कहना है कि लंबे समय से कई विषयों के शिक्षक नहीं होने के कारण पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है और बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी भी प्रभावित हो रही है।
👉 4thNation WhatsApp चैनल से जुड़ें: https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j
Rajasthan Teacher Shortage: शिक्षकों की कमी से प्रभावित पढ़ाई
छात्राओं ने बताया कि विद्यालय में गणित, अंग्रेजी और विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षकों के पद लंबे समय से खाली हैं। पर्याप्त शिक्षक नहीं होने के कारण नियमित कक्षाएं नहीं लग पा रही हैं और कई विषयों की पढ़ाई लगातार बाधित हो रही है।
प्रदर्शन कर रही छात्राओं का कहना है कि प्रत्येक विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और योग्य शिक्षकों का मार्गदर्शन मिलना चाहिए। उन्होंने मांग की कि सभी रिक्त पदों पर जल्द से जल्द नियुक्तियां की जाएं ताकि पढ़ाई बिना किसी रुकावट के जारी रह सके।
स्कूल गेट पर ताला, 4 घंटे तक चला विरोध
जालोर जिले के मेंगलवा स्थित पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में छात्राओं ने विरोध दर्ज कराने के लिए स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया। करीब चार घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शिक्षकों की तत्काल नियुक्ति की मांग की।
छात्राओं का कहना था कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसलिए उन्हें मजबूर होकर प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ा।
यह भी पढ़ें: Makrana School Assault: राजस्थान के मकराना के निजी स्कूल में 3.5 वर्षीय बच्ची से कथित यौन उत्पीड़न, FIR दर्ज
प्रशासन ने दिया नियुक्ति का आश्वासन
प्रदर्शन के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने छात्राओं और ग्रामीणों से बातचीत की। अधिकारियों ने तत्काल चार शिक्षकों की नियुक्ति का आश्वासन दिया।
इसके साथ ही शेष तीन रिक्त पदों को अगले 10 दिनों के भीतर भरने का वादा भी किया गया। प्रशासन के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ, लेकिन छात्राओं ने स्पष्ट कहा कि यदि तय समय में नियुक्तियां नहीं हुईं तो वे फिर से आंदोलन करेंगी।
Rajasthan Teacher Shortage: प्रदेश के कई जिलों में उठ रहे सवाल
जुलाई 2026 के अंतिम सप्ताह में राजस्थान के जालोर, सिरोही और अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में भी शिक्षकों की कमी को लेकर विरोध प्रदर्शन देखने को मिले।
छात्राओं का कहना है कि मुख्य विषयों के शिक्षक नहीं होने से उनकी नियमित पढ़ाई और बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी प्रभावित हो रही है। कई स्थानों पर छात्रों और ग्रामीणों ने स्कूलों के बाहर प्रदर्शन कर प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
छात्राओं से जुड़े हालिया मामलों ने बढ़ाई चिंता
हाल के दिनों में राजस्थान में छात्राओं से जुड़े कई मामलों ने शिक्षा व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है।
इसी महीने सवाई माधोपुर जिले के बामनवास क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल में कक्षा 9 और 11 की छात्राओं से ₹500 गायब होने के संदेह में कथित रूप से कपड़े उतरवाकर तलाशी लेने का मामला सामने आया था। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। मामले में संबंधित शिक्षिका को निलंबित कर दिया गया और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी स्वतः संज्ञान लिया।
हालांकि, जालोर का वर्तमान मामला शिक्षकों की कमी से जुड़ा है और इसका सवाई माधोपुर की घटना से प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। दोनों घटनाएं अलग-अलग परिस्थितियों में सामने आई हैं, लेकिन दोनों ने सरकारी स्कूलों की व्यवस्थाओं पर सवाल जरूर खड़े किए हैं।
सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की मांग
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी स्कूलों में समय पर शिक्षकों की नियुक्ति विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता और परीक्षा परिणामों के लिए बेहद जरूरी है। यदि रिक्त पद लंबे समय तक खाली रहते हैं तो इसका सीधा असर छात्रों के भविष्य पर पड़ता है।
छात्राओं और अभिभावकों ने सरकार से मांग की है कि केवल जालोर ही नहीं, बल्कि पूरे राजस्थान में खाली पड़े शिक्षक पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाए।
Rajasthan Teacher Shortage का यह मामला केवल एक स्कूल तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकारी शिक्षा व्यवस्था की बड़ी चुनौती को सामने लाता है। जालोर के मेंगलवा स्थित पीएम श्री विद्यालय में छात्राओं का प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए पर्याप्त शिक्षकों की उपलब्धता अनिवार्य है। अब सभी की निगाहें प्रशासन के उस वादे पर हैं जिसमें चार शिक्षकों की तत्काल नियुक्ति और शेष तीन पद 10 दिनों के भीतर भरने की बात कही गई है।
