Makrana School Assault का मामला राजस्थान के नागौर जिले के मकराना कस्बे से सामने आया है, जहां एक निजी स्कूल में पढ़ने वाली साढ़े तीन वर्षीय बच्ची के साथ कथित यौन उत्पीड़न की आशंका ने पूरे इलाके में आक्रोश पैदा कर दिया। पुलिस ने परिवार की शिकायत पर FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जबकि मेडिकल परीक्षण कराया गया है। घटना के बाद देर रात बड़ी संख्या में लोग स्कूल के बाहर एकत्र होकर प्रदर्शन करने लगे।
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Makrana School Assault: बच्ची ने मां को बताई पूरी घटना
पुलिस के अनुसार, सोमवार को स्कूल से घर लौटने के बाद बच्ची ने अपनी मां को बताया कि एक व्यक्ति उसे स्कूल के बाथरूम में ले गया और उसके साथ अनुचित व्यवहार किया। बच्ची ने दर्द की शिकायत भी की, जिसके बाद परिजन उसे तत्काल एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे।
डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के दौरान यौन उत्पीड़न की आशंका जताई। इसके बाद परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस जांच और मेडिकल रिपोर्ट
मकराना के पुलिस उपाधीक्षक (DSP) विक्की नागपाल ने बताया कि पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस स्कूल परिसर, कर्मचारियों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाएगी तथा दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होगी।
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Makrana School Assault: स्कूल के बाहर देर रात तक प्रदर्शन
घटना की जानकारी फैलते ही मंगलवार रात सैकड़ों लोग स्कूल के बाहर एकत्र हो गए। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
जब रात करीब एक बजे तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई तो लोगों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। बाद में DSP विक्की नागपाल और थाना प्रभारी पंकज कुमार मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर जाम खुलवाया।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने प्रशासन को मांगपत्र सौंपा। प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं—
1. स्कूल की गतिविधियां तत्काल रोकी जाएं
जांच पूरी होने तक स्कूल की शैक्षणिक और प्रशासनिक गतिविधियां निलंबित करने तथा आवश्यकता पड़ने पर परिसर सील करने की मांग की गई।
2. उच्चस्तरीय संयुक्त जांच समिति बने
जिला प्रशासन, पुलिस, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल अधिकार आयोग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को शामिल करते हुए संयुक्त जांच समिति गठित करने की मांग उठाई गई।
3. स्कूल सुरक्षा का विशेष ऑडिट
स्कूल की मान्यता, प्रशासनिक व्यवस्था, CCTV प्रणाली, सुरक्षा प्रबंधन, कर्मचारियों के पुलिस सत्यापन, बाल सुरक्षा मानकों और अन्य वैधानिक दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की गई।
4. दोषियों पर सख्त कार्रवाई
घटना में सीधे शामिल, सहयोग करने वाले या लापरवाही बरतने वाले सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की गई।
5. पीड़ित परिवार को सहायता
बच्ची और उसके परिवार को सुरक्षा, समुचित चिकित्सा सुविधा, मनोवैज्ञानिक परामर्श तथा सरकार द्वारा निर्धारित सभी सहायता उपलब्ध कराने की मांग रखी गई।
6. जिले के सभी निजी स्कूलों की जांच
भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए जिले के सभी निजी स्कूलों में बाल सुरक्षा व्यवस्था, कानूनी अनुपालन और सुरक्षा प्रोटोकॉल की विशेष जांच कराने की मांग भी की गई।
जनप्रतिनिधियों ने भी उठाई कार्रवाई की मांग
पूर्व विधायक श्रीराम भिंचार, भाजपा नेता प्रकाश भाकर सहित कई जनप्रतिनिधि पीड़ित परिवार के समर्थन में प्रदर्शन में शामिल हुए।
वहीं विधायक जाकिर हुसैन गैसावत ने पुलिस अधीक्षक से बातचीत कर निष्पक्ष जांच और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करने की मांग की।
आगे क्या होगी कार्रवाई?
पुलिस ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की गहन जांच की जाएगी और जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई होगी।
Makrana School Assault ने एक बार फिर स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और मेडिकल रिपोर्ट सहित सभी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों की मांग है कि जांच पूरी पारदर्शिता से हो और दोषियों को शीघ्र कानून के दायरे में लाया जाए। साथ ही, सभी निजी स्कूलों में बाल सुरक्षा मानकों की प्रभावी समीक्षा कर ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
