Chhattisgarh Tourism Board ने प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड मुख्यालय में सोमवार को आयोजित संचालक मंडल की 38वीं बैठक में पर्यटन योजनाओं, विकास परियोजनाओं, निवेश संभावनाओं और आगामी पर्यटन गतिविधियों के रोडमैप पर व्यापक समीक्षा की गई। बैठक में पर्यटन अधोसंरचना को मजबूत करने, पर्यटक सुविधाओं का विस्तार करने और छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अधिक प्रभावी ढंग से स्थापित करने की रणनीति पर चर्चा हुई।
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Chhattisgarh Tourism Board की 38वीं बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय
रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड मुख्यालय में आयोजित बैठक की अध्यक्षता टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने की।
बैठक में पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन (IAS), टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य (IFS), अवर सचिव रुचि शर्मा, उपमहाप्रबंधक पूनम शर्मा, संस्कृति विभाग के संचालक संजय कन्नौजे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और संचालक मंडल के सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य पर्यटन क्षेत्र में चल रही योजनाओं की समीक्षा करना और भविष्य की रणनीति तैयार करना था।
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Chhattisgarh Tourism Board: योजनाओं और परियोजनाओं की हुई समीक्षा
बैठक के दौरान Chhattisgarh Tourism Board द्वारा संचालित विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया।
अधिकारियों ने परियोजनाओं के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया। साथ ही पर्यटन स्थलों पर मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने, पर्यटक अनुभव को बेहतर बनाने और पर्यटन अधोसंरचना के विस्तार पर भी चर्चा हुई।
इसके अलावा प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों को अधिक आकर्षक और सुविधायुक्त बनाने के लिए नई योजनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।
पर्यटन निवेश और स्थानीय रोजगार बढ़ाने पर फोकस
Chhattisgarh Tourism Board की बैठक में पर्यटन को स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार से जोड़ने की रणनीति पर भी विशेष चर्चा हुई।
बैठक में पर्यटन क्षेत्र में निजी निवेश को प्रोत्साहित करने, प्रचार-प्रसार गतिविधियों को तेज करने और पर्यटन उद्योग के माध्यम से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर विकसित करने पर सहमति बनी।
सदस्यों ने कहा कि पर्यटन केवल आर्थिक गतिविधि नहीं, बल्कि स्थानीय संस्कृति, हस्तशिल्प और परंपराओं को वैश्विक पहचान दिलाने का प्रभावी माध्यम भी है।
प्राकृतिक और सांस्कृतिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और जनजातीय पर्यटन संपदा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा।
इसके लिए पर्यटन स्थलों पर आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, डिजिटल प्रचार, बेहतर पर्यटक सेवाओं और स्थानीय समुदाय की सहभागिता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
पर्यावरण संरक्षण के साथ हुई बैठक की शुरुआत
बैठक की शुरुआत पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ की गई।
प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने अध्यक्ष नीलू शर्मा और पर्यटन सचिव डॉ. एस. भारतीदासन को पौधा भेंट कर हरित पहल का संदेश दिया। वहीं उपमहाप्रबंधक पूनम शर्मा ने उपस्थित अधिकारियों और सदस्यों का पौधा भेंट कर स्वागत किया।
इस पहल के माध्यम से पर्यटन विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी समान महत्व देने का संदेश दिया गया।
Chhattisgarh Tourism Board से पर्यटन क्षेत्र को मिलेगी नई दिशा
बैठक में लिए गए निर्णयों के आधार पर पर्यटन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, नई परियोजनाओं की गति बढ़ाने और प्रदेश की पर्यटन पहचान को मजबूत करने पर सहमति बनी।
संचालक मंडल ने विश्वास जताया कि इन फैसलों से छत्तीसगढ़ पर्यटन क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल करेगा और देश के प्रमुख पर्यटन राज्यों में अपनी विशिष्ट पहचान को और मजबूत बनाएगा।
Chhattisgarh Tourism Board की 38वीं बैठक प्रदेश के पर्यटन विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। योजनाओं की समीक्षा, नई परियोजनाओं की रणनीति, निवेश को बढ़ावा, पर्यटक सुविधाओं का विस्तार और स्थानीय समुदाय की भागीदारी जैसे निर्णय छत्तीसगढ़ को पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में अहम कदम हैं। यदि इन योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन होता है, तो राज्य का पर्यटन क्षेत्र आर्थिक विकास और रोजगार सृजन का मजबूत आधार बन सकता है।
