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Bharatiya Gan Varta ने स्वच्छता अभियान 2026 को बताया दिखावटी

Bharatiya Gan Varta से जुड़े भगवा पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष देवेश मिश्रा ने राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान 2026 को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह अभियान वास्तविक सफाई व्यवस्था सुधारने के बजाय केवल दिखावे और सरकारी धन के खर्च तक सीमित दिखाई देता है।

दुर्ग में मीडिया से चर्चा करते हुए देवेश मिश्रा ने कहा कि प्रदेश के नगरीय निकाय क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान के नाम पर दीवारों, बाउंड्री वॉल और सार्वजनिक स्थलों पर चित्रकारी तथा संदेश लिखे जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर सफाई व्यवस्था की स्थिति संतोषजनक नहीं है।


Bharatiya Gan Varta के अनुसार जमीनी स्तर पर स्थिति चिंताजनक

Bharatiya Gan Varta के प्रदेश अध्यक्ष देवेश मिश्रा ने कहा कि यदि शहरों, वार्डों, गलियों और ग्रामीण क्षेत्रों का निरीक्षण किया जाए तो कई स्थानों पर गंदगी का साम्राज्य दिखाई देता है।

उन्होंने कहा कि वर्षों बीत जाने के बाद भी कचरा निष्पादन की स्थायी व्यवस्था विकसित नहीं हो सकी है। कई शहरों में खुले स्थानों पर कचरा डंप किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं।

देवेश मिश्रा के अनुसार स्वच्छता अभियान की सफलता का मूल्यांकन केवल दीवारों पर चित्रकारी या नारों से नहीं बल्कि धरातल पर दिखाई देने वाली सफाई व्यवस्था से होना चाहिए।


नालियों और सड़कों की बदहाल स्थिति पर उठाए सवाल

देवेश मिश्रा ने कहा कि प्रदेश के कई क्षेत्रों में गंदे पानी की निकासी के लिए पर्याप्त नालियां नहीं हैं। जहां नालियां बनी हुई हैं, वहां भी नियमित सफाई नहीं होने से समस्याएं बढ़ रही हैं।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई गलियों और मुख्य सड़कों की मरम्मत लंबे समय से लंबित है। ऐसी स्थिति में केवल प्रमुख चौराहों और मुख्य मार्गों को साफ करके स्वच्छता अभियान की सफलता का दावा करना उचित नहीं माना जा सकता।

Bharatiya Gan Varta का कहना है कि मूलभूत सुविधाओं को मजबूत किए बिना किसी भी स्वच्छता अभियान का अपेक्षित परिणाम नहीं मिलेगा।


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Bharatiya Gan Varta ने प्लास्टिक और गंदगी के मुद्दे उठाए

देवेश मिश्रा ने कहा कि आज भी प्लास्टिक डिस्पोजल और पॉलीथीन के उपयोग पर पूरी तरह रोक नहीं लग सकी है। उन्होंने दावा किया कि कई सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों, सार्वजनिक संस्थानों और होटलों में भी स्वच्छता की स्थिति संतोषजनक नहीं है।

उनका कहना है कि यदि सरकार वास्तव में स्वच्छता अभियान को सफल बनाना चाहती है तो उसे लोगों में व्यवहारिक बदलाव लाने और कचरा प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था विकसित करने पर ध्यान देना चाहिए।


जागरूकता को बताया सबसे बड़ा समाधान

देवेश मिश्रा ने कहा कि केवल सरकारी कार्यक्रम आयोजित करने से स्वच्छता नहीं आएगी। लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने और उन्हें स्वच्छता की आदत विकसित करने के लिए लगातार प्रयास करने होंगे।

उन्होंने कहा कि नागरिकों की भागीदारी के बिना कोई भी स्वच्छता अभियान स्थायी सफलता प्राप्त नहीं कर सकता। उनके अनुसार जनता को अभियान का भागीदार बनाया जाना चाहिए।


भाजपा और हिंदुत्व के मुद्दे पर क्या बोले देवेश मिश्रा

एक प्रश्न के उत्तर में Bharatiya Gan Varta से जुड़े भगवा पार्टी प्रदेश अध्यक्ष देवेश मिश्रा ने भाजपा सरकार पर भी निशाना साधा।

उन्होंने कहा कि जो लोग भाजपा सरकार की नीतियों या कार्यशैली की आलोचना करते हैं, उन्हें अक्सर हिंदू धर्म विरोधी बताने का प्रयास किया जाता है। उनका आरोप है कि भाजपा ने ऐसा राजनीतिक माहौल तैयार कर दिया है जिसमें सरकार की आलोचना को धर्म विरोध से जोड़कर देखा जाता है।

हालांकि यह बयान देवेश मिश्रा का राजनीतिक दृष्टिकोण है।


भगवा पार्टी की विचारधारा पर जोर

देवेश मिश्रा ने कहा कि भगवा पार्टी सनातन मूल्यों और सर्वहितकारी विकास के सिद्धांतों पर कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी समाज के सभी वर्गों के विकास और जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देती है। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास, स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए रचनात्मक सुझाव दिए जाते रहेंगे।


Bharatiya Gan Varta के संदर्भ में दिए गए बयान में भगवा पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष देवेश मिश्रा ने स्वच्छता अभियान 2026 की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि वास्तविक सफाई व्यवस्था और कचरा प्रबंधन को मजबूत किए बिना अभियान का उद्देश्य पूरा नहीं हो सकता। साथ ही उन्होंने नागरिक जागरूकता, मूलभूत सुविधाओं के विकास और जनभागीदारी को स्वच्छता अभियान की सफलता की कुंजी बताया। Bharatiya Gan Varta से जुड़े इस बयान ने प्रदेश की राजनीति और स्वच्छता व्यवस्था पर नई बहस को जन्म दिया है।

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