Chhattisgarh Paddy Procurement Model का अध्ययन करने महाराष्ट्र सरकार के विधायकों और अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल छत्तीसगढ़ पहुंचा। अध्ययन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि राज्य की धान खरीदी व्यवस्था किसान हितैषी, पारदर्शी और प्रभावी है तथा इसके विभिन्न पहलुओं को महाराष्ट्र में लागू करने के लिए सरकार को विस्तृत रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
महाराष्ट्र विधायक दल समिति के अध्यक्ष डॉ. परिणय फुके ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धान खरीदी प्रणाली किसानों को सीधा लाभ पहुंचाने वाली व्यवस्था है और इसका अध्ययन अन्य राज्यों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है।
Chhattisgarh Paddy Procurement Model की हुई सराहना
अटल नगर नवा रायपुर स्थित नवीन विश्राम भवन में आयोजित बैठक में महाराष्ट्र से आए प्रतिनिधियों ने किसानों के पंजीयन से लेकर धान विक्रय तक की पूरी प्रक्रिया का अध्ययन किया।
प्रतिनिधिमंडल ने ऑनलाइन टोकन व्यवस्था, इलेक्ट्रॉनिक तौल प्रणाली, बारदाना प्रबंधन, व्यवस्थित मॉनिटरिंग और धान खरीदी में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए स्थापित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की विशेष सराहना की।
उनका कहना था कि Chhattisgarh Paddy Procurement Model ने धान खरीदी प्रक्रिया को सरल और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
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किसानों के लिए कैसे काम करता है यह मॉडल?
छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था को देश की सबसे बड़ी और सुव्यवस्थित प्रणालियों में गिना जाता है। किसानों को पहले ऑनलाइन पंजीयन कराया जाता है, जिसके बाद टोकन प्रणाली के माध्यम से धान खरीदी केंद्रों में समय निर्धारित किया जाता है।
इलेक्ट्रॉनिक तौल और डिजिटल निगरानी व्यवस्था के कारण खरीदी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनती है। यही कारण है कि Chhattisgarh Paddy Procurement Model को किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण का सफल उदाहरण माना जा रहा है।
राज्यभर में संचालित हैं हजारों खरीदी केंद्र
खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने जानकारी दी कि किसानों की सुविधा के लिए प्रदेशभर में लगभग 2740 धान उपार्जन केंद्र संचालित किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में लगभग 141 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया, जो देश के सबसे बड़े धान खरीदी अभियानों में शामिल है।
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Chhattisgarh Paddy Procurement Model पर खाद्य मंत्री ने दी जानकारी
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री Dayaldas Baghel की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में धान खरीदी व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा हुई।
मंत्री ने कहा कि धान खरीदी सरकार के लिए लाभ का सौदा नहीं, बल्कि किसानों के हितों की रक्षा का माध्यम है। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों को अधिक से अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।
कृषक उन्नति योजना और अन्य योजनाओं की जानकारी
बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल को कृषक उन्नति योजना सहित किसानों के हित में संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
सरकार कृषि को लाभकारी बनाने के साथ-साथ पशुपालन, मत्स्य पालन और अन्य आयवर्धक गतिविधियों को भी बढ़ावा दे रही है ताकि ग्रामीण परिवारों की आय में निरंतर वृद्धि हो सके।
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महाराष्ट्र में भी लागू हो सकता है यह मॉडल
महाराष्ट्र के प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि छत्तीसगढ़ से लगे राज्य के चार जिलों में बड़ी संख्या में किसान धान की खेती करते हैं। ऐसे में Chhattisgarh Paddy Procurement Model वहां के किसानों के लिए भी लाभकारी साबित हो सकता है।
प्रतिनिधियों ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों को समर्थन मूल्य, आसान खरीदी प्रक्रिया और मजबूत प्रशासनिक प्रबंधन उपलब्ध कराने के लिए किए गए प्रयास सराहनीय हैं।
डॉ. परिणय फुके ने कहा कि अध्ययन के बाद तैयार की जाने वाली रिपोर्ट महाराष्ट्र सरकार को सौंपी जाएगी ताकि वहां भी इस मॉडल के उपयोग की संभावनाओं पर विचार किया जा सके।
किसानों की आय बढ़ाने में योजनाओं की भूमिका
विशेषज्ञों का मानना है कि Chhattisgarh Paddy Procurement Model केवल धान खरीदी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का एक व्यापक मॉडल बन चुका है।
समर्थन मूल्य, डिजिटल निगरानी, पारदर्शी खरीदी व्यवस्था और समय पर भुगतान जैसी व्यवस्थाओं ने किसानों का भरोसा बढ़ाया है और उन्हें आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बनाया है।
Chhattisgarh Paddy Procurement Model की सफलता अब दूसरे राज्यों का भी ध्यान आकर्षित कर रही है। महाराष्ट्र के विधायकों और अधिकारियों द्वारा इस मॉडल की सराहना यह दर्शाती है कि छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था किसानों के हितों की रक्षा करने में प्रभावी साबित हुई है। यदि अन्य राज्य भी Chhattisgarh Paddy Procurement Model के प्रमुख तत्वों को अपनाते हैं, तो देशभर के किसानों को बेहतर सुविधाएं और उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सकता है।
