MSP Procurement Extension के तहत केंद्र सरकार ने किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम आशा) के अंतर्गत प्राइस सपोर्ट स्कीम में चना, मसूर और सरसों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी की अवधि 15 दिन बढ़ाने का फैसला किया गया है।
इस निर्णय से किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा और उन्हें बाजार में कम कीमत पर फसल बेचने की मजबूरी से राहत मिलेगी। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह फैसला किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें उचित मूल्य दिलाने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकता है।
MSP Procurement Extension क्या है?
MSP Procurement Extension का अर्थ है न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीदी की अवधि को बढ़ाना। जब किसानों को फसल बेचने के लिए अधिक समय मिलता है तो वे जल्दबाजी में कम दाम पर उपज बेचने से बच सकते हैं।
केंद्र सरकार ने यह फैसला रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए लिया है। इसका सीधा लाभ उन किसानों को मिलेगा जो निर्धारित अवधि में अपनी उपज का विक्रय नहीं कर पाए थे।
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किसानों को मिलेगा 15 दिन अतिरिक्त समय
बैठक में तय किया गया कि चना, मसूर और सरसों की सरकारी खरीदी के लिए किसानों को 15 दिन अतिरिक्त समय दिया जाएगा। इससे किसान अपनी उपज को MSP पर बेचकर बेहतर आय प्राप्त कर सकेंगे।
विशेष रूप से उन किसानों को राहत मिलेगी जिन्हें पहले समय सीमा समाप्त होने के कारण समर्थन मूल्य का लाभ नहीं मिल पाया था। MSP Procurement Extension का उद्देश्य किसानों को अधिक अवसर उपलब्ध कराना है।
MSP Procurement Extension से बाजार दबाव होगा कम
फसल कटाई के दौरान अक्सर बाजार में आवक बढ़ने से कीमतों पर दबाव बनता है। ऐसी स्थिति में किसान मजबूरी में कम कीमत पर फसल बेच देते हैं।
अब अतिरिक्त समय मिलने से किसान अपनी सुविधा के अनुसार उपज का विक्रय कर सकेंगे और सरकार द्वारा तय समर्थन मूल्य का पूरा लाभ प्राप्त कर पाएंगे।
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MSP Procurement Extension पर हुई उच्चस्तरीय बैठक
यह महत्वपूर्ण निर्णय केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री Shivraj Singh Chouhan की अध्यक्षता में आयोजित राज्यों के कृषि मंत्रियों की उच्चस्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में लिया गया।
बैठक में छत्तीसगढ़ की ओर से Ramvichar Netam, कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी और कृषि संचालक राहुल देव शामिल हुए।
बैठक में किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए समर्थन मूल्य खरीदी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने पर चर्चा की गई।
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छत्तीसगढ़ के किसानों को क्या होगा लाभ?
छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में किसान चना, मसूर और सरसों की खेती करते हैं। ऐसे में MSP Procurement Extension का सीधा लाभ राज्य के हजारों किसानों को मिलेगा।
किसान अब अपनी निकटतम खरीदी केंद्र या सहकारी समिति में जाकर समर्थन मूल्य पर फसल बेच सकेंगे। इससे उनकी आय में वृद्धि होने की संभावना है और कृषि क्षेत्र को भी मजबूती मिलेगी।
किसानों के लिए सरकार की अपील
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने किसानों से बढ़ाई गई अवधि का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि किसान अपनी निकटतम सहकारी समिति में जाकर चना, मसूर और सरसों का विक्रय करें ताकि उन्हें सरकार द्वारा निर्धारित MSP का लाभ मिल सके।
उन्होंने यह भी बताया कि किसी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए किसान समिति प्रबंधक, कृषि विभाग के मैदानी अमले या संबंधित जिले के उप संचालक कृषि कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम
केंद्र सरकार का यह निर्णय किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। समर्थन मूल्य पर खरीदी की अवधि बढ़ने से किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि MSP Procurement Extension जैसी पहलें कृषि क्षेत्र में स्थिरता लाने और किसानों के विश्वास को मजबूत करने में मददगार साबित होती हैं।
MSP Procurement Extension के तहत चना, मसूर और सरसों की MSP खरीदी अवधि 15 दिन बढ़ाने का केंद्र सरकार का फैसला किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा, उचित मूल्य प्राप्त होगा और उनकी आय में वृद्धि की संभावना बढ़ेगी। MSP Procurement Extension कृषि क्षेत्र को मजबूती देने और किसानों के हितों की रक्षा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
