Kathak Dance Competition में छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले की छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान हासिल किया है। देहरादून में आयोजित अखिल भारतीय नृत्य, संगीत एवं कला प्रतियोगिता में गीतांजलि संगीत महाविद्यालय की छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का बेहतरीन प्रदर्शन कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया।
इस उपलब्धि ने न केवल दुर्ग बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है। प्रतियोगिता में छात्राओं की प्रस्तुति को दर्शकों और निर्णायकों ने विशेष रूप से सराहा।
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Kathak Dance Competition में दुर्ग की टीम ने मारी बाजी
देहरादून में आयोजित इस प्रतिष्ठित Kathak Dance Competition का आयोजन कत्थक रॉकर्स एन युनिक इंस्टीट्यूट ऑफ डान्स, दुर्ग के तत्वावधान में किया गया था।
जूनियर समूह वर्ग में डिंकल मार्कंडेय, उत्सवी पटेल, नविष्ठा ठाकुर और स्वरा गजभिये ने भाग लिया। छात्राओं ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुति के दम पर प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल किया।
राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों से प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था, जिससे जीत का महत्व और बढ़ जाता है।
Kathak Dance Competition में विशेष आकर्षण बनी प्रस्तुति
कत्थक और भरतनाट्यम का अनूठा संगम
प्रतियोगिता में छात्राओं ने प्रसिद्ध नृत्य प्रशिक्षक विधि इंगले के मार्गदर्शन में कत्थक और भरतनाट्यम का मिश्रित नृत्य प्रस्तुत किया।
इस प्रस्तुति को प्रतियोगिता की सबसे आकर्षक और विशेष प्रस्तुतियों में शामिल किया गया। निर्णायकों ने नृत्य की तकनीकी शुद्धता, भाव-भंगिमा और तालमेल की सराहना की।
इस अनूठे संयोजन ने दर्शकों का भी दिल जीत लिया और छात्राओं को भरपूर प्रशंसा मिली।
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एकल प्रस्तुति में भी चमकी दुर्ग की प्रतिभा
आरना देशमुख ने जीता प्रथम स्थान
Kathak Dance Competition की जूनियर एकल श्रेणी में भी दुर्ग की प्रतिभा ने शानदार प्रदर्शन किया।
आरना देशमुख ने एकल कत्थक नृत्य प्रस्तुत कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। उनकी प्रस्तुति में शास्त्रीय नृत्य की बारीकियों, लय और अभिव्यक्ति का सुंदर समन्वय देखने को मिला।
इस उपलब्धि ने यह साबित किया कि दुर्ग के युवा कलाकार राष्ट्रीय मंच पर अपनी मजबूत पहचान बना रहे हैं।
संस्था और महाविद्यालय ने जताया गर्व
संस्था की अध्यक्ष रत्ना नारमदेव ने कहा कि यह सफलता छात्राओं की निरंतर मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करना किसी भी कलाकार के लिए बड़ी उपलब्धि होती है और यह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी।
प्राचार्य ने दिया निरंतर साधना का संदेश
गीतांजलि संगीत महाविद्यालय के प्राचार्य वीएन भोले ने विजेता छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि कला के क्षेत्र में निरंतर अभ्यास और समर्पण ही सफलता की कुंजी है।
उन्होंने छात्राओं को भविष्य में भी इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन करते रहने के लिए प्रेरित किया।
छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक प्रतिभा को मिला राष्ट्रीय मंच
दुर्ग की छात्राओं की इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि छत्तीसगढ़ में कला और संस्कृति की प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है।
राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार बेहतर प्रदर्शन से राज्य के युवा कलाकारों को नई पहचान मिल रही है। इससे अन्य विद्यार्थियों को भी शास्त्रीय नृत्य और संगीत के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
Kathak Dance Competition में दुर्ग की छात्राओं द्वारा हासिल की गई यह सफलता छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। कत्थक और भरतनाट्यम की शानदार प्रस्तुति तथा एकल नृत्य में प्रथम स्थान ने यह साबित किया है कि राज्य की युवा प्रतिभाएं राष्ट्रीय मंच पर अपनी मजबूत पहचान बना रही हैं। यह उपलब्धि आने वाले कलाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और Kathak Dance Competition में छत्तीसगढ़ की उपस्थिति को और मजबूत करेगी।
