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GST Tax Evasion Chhattisgarh: फर्जी कंपनियों पर जीएसटी विभाग की बड़ी कार्रवाई

GST Tax Evasion Chhattisgarh को रोकने के लिए राज्य और केंद्र जीएसटी विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। लगातार फर्जी और शैल कंपनियों के जरिए इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का गलत फायदा उठाने के मामलों के बाद विभाग ने व्यापक जांच अभियान शुरू किया है। अप्रैल और मई के सिर्फ दो महीनों में 115 बोगस डीलरों की पहचान कर करीब 117 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी पकड़ी गई है।

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GST Tax Evasion Chhattisgarh में 115 संदिग्ध कंपनियों का खुलासा

राज्य जीएसटी विभाग ने पिछले तीन वित्तीय वर्षों के रिटर्न का विश्लेषण कर संदिग्ध कंपनियों की सूची तैयार की है। विभागीय टीमें इन कंपनियों के पंजीकृत पतों पर पहुंचकर भौतिक जांच कर रही हैं।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कई छोटी जगहों या एक-दो कमरों के कार्यालयों से करोड़ों रुपये का कारोबार दिखाया जा रहा था। अधिकारियों का मानना है कि जांच पूरी होने के बाद 150 करोड़ रुपये से अधिक की टैक्स चोरी सामने आ सकती है।

फर्जी कंपनियां बनाकर कर चोरी करने वाले कारोबारियों की पहचान भी की जा रही है और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैयारी है।

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एआई इंटेलिजेंस से हो रही है GST Tax Evasion Chhattisgarh की निगरानी

जीएसटी विभाग ने जांच प्रक्रिया को हाईटेक बना दिया है। अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा एनालिटिक्स की मदद से जीएसटी रिटर्न की निगरानी की जा रही है।

जिन कंपनियों में असामान्य रूप से करोड़ों रुपये का मासिक लेनदेन दिखाई देता है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जांच सूची में शामिल किया जा रहा है।

अधिकारी पहले दस्तावेजों का मिलान करते हैं और फिर मौके पर जाकर वास्तविक कारोबार की पुष्टि करते हैं।

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बिना भौतिक सत्यापन अब नहीं मिलेगा जीएसटी पंजीयन

नए वित्तीय वर्ष से राज्य जीएसटी विभाग ने पंजीयन प्रक्रिया को और सख्त कर दिया है।

अब किसी भी नई कंपनी का जीएसटी पंजीयन केवल ऑनलाइन दस्तावेजों के आधार पर नहीं होगा। आवेदन के बाद विशेष टीम मौके पर जाकर यह जांच करेगी कि संबंधित व्यवसाय वास्तव में संचालित हो रहा है या नहीं।

टीम कारोबार के प्रकार, कार्यालय की स्थिति और अन्य दस्तावेजों का सत्यापन करेगी। विभाग का दावा है कि इस नई व्यवस्था से शैल कंपनियों के गठन पर काफी हद तक रोक लगेगी।


देशभर में शैल कंपनियों के खिलाफ चल रहा अभियान

केंद्र सरकार के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पिछले छह वर्षों में देशभर में 22 हजार से अधिक शैल कंपनियों की पहचान की जा चुकी है। इनमें लोहा, स्क्रैप, कोयला और अन्य कारोबारों से जुड़ी कई कंपनियां शामिल हैं।

उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2024-25 के दौरान देशभर में 25,009 फर्जी कंपनियों की पहचान की गई, जिनसे जुड़े मामलों में लगभग 61,545 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का मामला सामने आया।

छत्तीसगढ़ में भी लगभग 170 संदिग्ध कंपनियों की पहचान की गई है, जिन पर 100 करोड़ रुपये से अधिक की टैक्स चोरी का आरोप है। वर्ष 2026 की शुरुआत से आयकर विभाग, केंद्रीय जीएसटी, राज्य जीएसटी और जीएसटी इंटेलिजेंस की संयुक्त टीमों ने 30 से अधिक बड़ी कार्रवाई की है।


आयुक्त ने क्या कहा?

राज्य जीएसटी आयुक्त पुष्पेंद्र कुमार मीणा के अनुसार, बोगस, फर्जी और शैल कंपनियों की लगातार पहचान की जा रही है।

उन्होंने कहा कि दो महीनों में ही 100 करोड़ रुपये से अधिक की टैक्स चोरी पकड़ी जा चुकी है और हर दस्तावेज की गहन जांच की जा रही है। कंपनियों का मौके पर जाकर सत्यापन किया जा रहा है ताकि कर चोरी के नेटवर्क को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।


GST Tax Evasion Chhattisgarh के खिलाफ चल रहा अभियान राज्य में कर व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। एआई आधारित जांच, भौतिक सत्यापन और फर्जी कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई से भविष्य में टैक्स चोरी के मामलों पर अंकुश लगाने की उम्मीद है। आने वाले दिनों में जांच पूरी होने पर और बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।


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