U-18 Asia Cup 2026 Hockey में भारत ने इतिहास रच दिया है। जापान के काकामिगाहारा में आयोजित इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में भारत के पुरुष दल ने स्वर्ण पदक और महिला दल ने कांस्य पदक जीतकर देश का सिर गर्व से ऊँचा कर दिया।
यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि पुरुष टीम ने 10 साल के लंबे इंतजार के बाद यह खिताब हासिल किया। साथ ही, छत्तीसगढ़ की बेटी स्वीटी कुजूर ने महिला टीम की कप्तानी करते हुए देश को पोडियम पर पहुँचाया।
पुरुष टीम ने जीता U-18 Asia Cup 2026 Hockey का स्वर्ण पदक
भारतीय अंडर-18 पुरुष हॉकी टीम ने शुक्रवार को जापान को फाइनल में 4-1 से रौंदकर U-18 Asia Cup 2026 Hockey का स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
मेजबान जापान के खिलाफ खेले गए रोमांचक फाइनल में भारत की शुरुआत धमाकेदार रही। पहले ही 90 सेकंड के भीतर पेनल्टी कॉर्नर मिला और आशीष तानी पुर्ति ने दूसरे मिनट में गोल दागकर भारत को बढ़त दिला दी।
यह भी पढ़ें: Dead Patient Alive Bhilai Hospital Case: भिलाई में अस्पताल की बड़ी लापरवाही से मचा बवाल
आशीष तानी पुर्ति की हैट्रिक — U-18 Asia Cup 2026 Hockey फाइनल का असली सितारा
फॉरवर्ड आशीष तानी पुर्ति इस पूरे टूर्नामेंट के सबसे चमकदार सितारे रहे। उन्होंने फाइनल में दूसरे, 28वें और 34वें मिनट में गोल दागकर शानदार हैट्रिक पूरी की।
कप्तान केतन कुशवाहा ने 30वें मिनट में चौथा गोल करके भारत की पकड़ मजबूत कर दी। जापान की ओर से नुमादा गाकु ने 52वें मिनट में सांत्वना गोल किया, लेकिन तब तक खेल का परिणाम तय हो चुका था।
आशीष तानी पुर्ति को फाइनल में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 13 गोल करके टॉप स्कोरर का खिताब भी अपने नाम किया। गोलकीपर आयुष राजक को टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर घोषित किया गया।
📲 WhatsApp पर ताजा खबरें पाएं — 4thNation चैनल से जुड़ें
U-18 Asia Cup 2026 Hockey में भारत का शानदार पुरुष सफर
भारतीय पुरुष टीम का पूरा अभियान बेहद प्रभावशाली रहा:
- कजाकिस्तान को 13-0 से ध्वस्त किया
- कोरिया गणराज्य को 4-1 से हराया
- चाइनीज ताइपे को 13-1 से रौंदा
- जापान से 4-2 की एकमात्र हार मिली
- पाकिस्तान को सेमीफाइनल में 5-3 से हराया
- फाइनल में जापान से उसी हार का बदला 4-1 से लिया
भारत ने U-18 Asia Cup Hockey के 6 संस्करणों में तीसरी बार और 10 साल बाद पहली बार पुरुष खिताब जीता।
छत्तीसगढ़ की बेटी स्वीटी कुजूर ने दिलाया U-18 Asia Cup 2026 Hockey में कांस्य पदक
छत्तीसगढ़ के लिए यह टूर्नामेंट विशेष रूप से गर्व का पल बना। राज्य की बेटी स्वीटी कुजूर ने भारतीय महिला अंडर-18 हॉकी टीम की कप्तानी करते हुए देश को U-18 Asia Cup 2026 Hockey में कांस्य पदक दिलाया।
छत्तीसगढ़ के एक छोटे से कस्बे से निकलकर देश का प्रतिनिधित्व करना स्वीटी की मेहनत और संकल्प की मिसाल है। उन्होंने कांस्य पदक मैच में खुद गोल दागकर साबित किया कि वे सिर्फ नाम की कप्तान नहीं, असली नेता हैं।
कांस्य पदक मैच में स्वीटी कुजूर की अगुआई — 3-0 से जीत
शनिवार को खेले गए कांस्य पदक मैच में भारत ने दक्षिण कोरिया को 3-0 से हराया।
- संदीपा कुमारी ने दूसरे मिनट में पहला गोल किया और ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुनी गईं
- कप्तान स्वीटी कुजूर ने 16वें मिनट में फील्ड गोल दागा
- नौशीन नाज ने 33वें मिनट में तीसरा गोल करके जीत सुनिश्चित की
स्वीटी ने टूर्नामेंट के बाद ईमानदारी से कहा — “हम खुश हैं, लेकिन थोड़े निराश भी हैं। हम स्वर्ण जीत सकते थे, लेकिन अपनी गलतियों की वजह से चूक गए।”
📲 WhatsApp पर ताजा खबरें पाएं — 4thNation चैनल से जुड़ें
महिला टीम का U-18 Asia Cup 2026 Hockey में पूरा सफर
भारतीय महिला टीम का ग्रुप स्टेज में प्रदर्शन बेहद दमदार रहा:
- मलेशिया को 2-1 से हराया
- कोरिया को 3-1 से मात दी
- सिंगापुर को 25-0 से रौंदा
- सेमीफाइनल में चीन से 2-2 की बराबरी के बाद शूटआउट में 3-2 से हार
पूरे टूर्नामेंट में भारतीय महिला टीम ने कुल 36 गोल दागे और शानदार आक्रामक हॉकी खेली।
नौशीन नाज महिला वर्ग की टॉप स्कोरर रहीं — उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 12 गोल किए।
भारत ने महिला U-18 Asia Cup Hockey में अब तक केवल एक बार खिताब जीता है — वर्ष 2000 में।
Hockey India ने नकद पुरस्कार का किया ऐलान
इस ऐतिहासिक जीत के बाद Hockey India ने खिलाड़ियों के लिए बड़े पुरस्कारों की घोषणा की:
- स्वर्ण पदक विजेता पुरुष टीम: प्रत्येक खिलाड़ी को ₹3 लाख
- सपोर्ट स्टाफ (पुरुष): प्रत्येक सदस्य को ₹1.5 लाख
- कांस्य पदक विजेता महिला टीम: प्रत्येक खिलाड़ी को ₹1 लाख
- सपोर्ट स्टाफ (महिला): प्रत्येक सदस्य को ₹50,000
यह पुरस्कार युवा खिलाड़ियों के हौसले को और मजबूत करेगा और भारतीय हॉकी के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।
निष्कर्ष — U-18 Asia Cup 2026 Hockey में भारत की ऐतिहासिक विजय
U-18 Asia Cup 2026 Hockey में भारत का यह प्रदर्शन आने वाले वर्षों में देश की हॉकी के लिए शुभ संकेत है। आशीष तानी पुर्ति जैसे युवा स्ट्राइकर और छत्तीसगढ़ की बेटी स्वीटी कुजूर जैसी निडर कप्तान यह साबित करते हैं कि भारतीय हॉकी की जड़ें कितनी मजबूत हैं।
10 साल बाद पुरुषों का स्वर्ण और महिलाओं का कांस्य — यह सिर्फ पदक नहीं, भारतीय हॉकी के पुनर्जन्म की कहानी है। छत्तीसगढ़ को अपनी बेटी स्वीटी पर गर्व है, और पूरा देश इन वीर खिलाड़ियों की सफलता का जश्न मना रहा है।
