LPG Cylinder Price Hike के चलते देशभर के करोड़ों उपभोक्ताओं को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। 7 जून से घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी लागू हो गई है। इससे पहले 7 मार्च को भी तेल कंपनियों ने घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की वृद्धि की थी।
लगातार बढ़ती कीमतों के कारण आम परिवारों का घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है। खासकर मध्यम वर्ग और ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं पर इसका सीधा असर देखने को मिल सकता है।
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LPG Cylinder Price Hike के बाद नए रेट क्या हैं?
तेल कंपनियों द्वारा जारी संशोधित दरों के अनुसार 14.2 किलोग्राम घरेलू LPG सिलेंडर की नई कीमतें इस प्रकार हैं:
प्रमुख शहरों में घरेलू LPG सिलेंडर के नए दाम
| शहर | नया रेट |
|---|---|
| दिल्ली | ₹942 |
| मुंबई | ₹941.50 |
| कोलकाता | ₹968 |
| हैदराबाद | ₹994 |
| बेंगलुरु | ₹915.50 |
दिलचस्प बात यह है कि बेंगलुरु में इस बार घरेलू LPG की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
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LPG Cylinder Price Hike के पीछे क्या हैं प्रमुख कारण?
वैश्विक ऊर्जा बाजार में जारी अस्थिरता को इस मूल्य वृद्धि का सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा का असर
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के आसपास आपूर्ति संबंधी बाधाओं ने अंतरराष्ट्रीय तेल और गैस बाजार को प्रभावित किया है। दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और प्राकृतिक गैस निर्यात इसी मार्ग से होकर गुजरते हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई है, जिससे आयात लागत बढ़ गई है।
तेल कंपनियों को क्यों हो रहा भारी नुकसान?
LPG Cylinder Price Hike से भी पूरी नहीं हुई भरपाई
सरकारी तेल विपणन कंपनियां जैसे
Indian Oil Corporation (IOCL),
Bharat Petroleum Corporation (BPCL) और
Hindustan Petroleum Corporation (HPCL)
काफी समय से बढ़ी हुई ऊर्जा लागत का सामना कर रही हैं।
उद्योग सूत्रों के अनुसार, हालिया वृद्धि से पहले कंपनियों को हर घरेलू LPG सिलेंडर पर लगभग 703 रुपये का नुकसान हो रहा था। नई कीमतों के बाद भी अंडर-रिकवरी लगभग 700 रुपये प्रति सिलेंडर के आसपास बनी हुई है।
सरकार ने क्या कहा?
पेट्रोलियम मंत्रालय की प्रतिक्रिया
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव Sujata Sharma ने कहा कि सरकार ने LPG की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए हैं।
इनमें शामिल हैं:
- घरेलू उत्पादन बढ़ाना
- आयात सुनिश्चित करना
- आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाना
- विभिन्न मंत्रालयों के साथ समन्वय
उन्होंने बताया कि LPG की मांग में हाल के महीनों में कुछ कमी भी दर्ज की गई है।
LPG Cylinder Price Hike के बीच मांग क्यों घटी?
सरकार के अनुसार LPG मांग में कमी के पीछे तीन प्रमुख कारण हैं:
1. वाणिज्यिक और औद्योगिक उपयोग में कमी
कई व्यावसायिक और औद्योगिक इकाइयों में LPG खपत घटने से कुल मांग प्रभावित हुई है।
2. बेहतर बुकिंग चक्र
25 दिन और 45 दिन के बुकिंग प्रबंधन मॉडल से वितरण प्रणाली अधिक संतुलित हुई है।
3. DAC आधारित डिलीवरी
Delivery Authentication Code (DAC) आधारित डिलीवरी व्यवस्था से फर्जी बुकिंग और अनावश्यक खपत पर नियंत्रण मिला है।
पेट्रोल, डीजल और CNG भी हुए महंगे
LPG Cylinder Price Hike ऐसे समय में आई है जब अन्य ईंधनों की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
- मई के मध्य से पेट्रोल और डीजल लगभग ₹7.50 प्रति लीटर महंगे हुए हैं।
- CNG की कीमतों में करीब ₹6 प्रति किलोग्राम की वृद्धि हुई है।
- उद्योग सूत्रों के अनुसार कंपनियों को अभी भी पेट्रोल पर लगभग ₹11 प्रति लीटर और डीजल पर ₹33.6 प्रति लीटर तक का नुकसान हो रहा है।
उपभोक्ताओं पर क्या होगा असर?
घरेलू गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतें सीधे तौर पर रसोई के बजट को प्रभावित करेंगी। जिन परिवारों में हर महीने एक या दो सिलेंडर की खपत होती है, उनके मासिक खर्च में अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बनी रहती है, तो आने वाले महीनों में LPG कीमतों पर और दबाव देखने को मिल सकता है।
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निष्कर्ष
LPG Cylinder Price Hike ने एक बार फिर आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। 29 रुपये की नई वृद्धि के बाद घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतें कई शहरों में 950 रुपये के करीब पहुंच गई हैं। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा संकट, बढ़ती आयात लागत और तेल कंपनियों की अंडर-रिकवरी इस वृद्धि की मुख्य वजह बताई जा रही हैं। आने वाले समय में वैश्विक बाजार की स्थिति ही तय करेगी कि LPG की कीमतों में राहत मिलेगी या फिर उपभोक्ताओं को और महंगाई का सामना करना पड़ेगा।
