Van Dhan Vikas Yojana: महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण की नई मिसाल

Van Dhan Vikas Yojana के तहत छत्तीसगढ़ में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और वन आधारित आजीविका को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में महिला स्व-सहायता समूहों को लाभांश राशि वितरित की गई।

इस अवसर पर अरुणाचल प्रदेश वन विभाग का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी उपस्थित रहा। दोनों राज्यों के अधिकारियों ने लघु वनोपज संग्रहण, प्रसंस्करण, भंडारण और विपणन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की।

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रायपुर में आयोजित हुआ विशेष कार्यक्रम

छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा 6 मई 2026 को रायपुर में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य Van Dhan Vikas Yojana के तहत कार्यरत महिला स्व-सहायता समूहों को लाभांश राशि वितरित करना था।

कार्यक्रम में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, राज्य के विभिन्न जिलों के प्रतिनिधि और अरुणाचल प्रदेश के वन विभाग का प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ।

अरुणाचल प्रदेश प्रतिनिधिमंडल में फॉरेस्ट डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष नालोंग मिजे और उपाध्यक्ष टी.जी. बांकी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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Van Dhan Vikas Yojana से महिलाओं को मिला आर्थिक संबल

महिला समूहों की बढ़ी आय

Van Dhan Vikas Yojana के माध्यम से प्रदेश के महिला स्व-सहायता समूहों को वन आधारित उत्पादों के संग्रहण और प्रसंस्करण से स्थायी आय का स्रोत मिला है।

इस योजना के तहत महिलाएं केवल कच्चे वनोपज का संग्रहण ही नहीं कर रहीं, बल्कि उससे मूल्य संवर्धित उत्पाद तैयार कर बाजार में बेहतर मूल्य भी प्राप्त कर रही हैं।

वन आधारित रोजगार को बढ़ावा

योजना ने ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों की महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराया है। इससे पलायन में कमी आई है और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिला है।


अरुणाचल प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने लिया अनुभव

कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को तेंदूपत्ता एवं अन्य लघु वनोपज के संग्रहण, प्रसंस्करण, भंडारण और विपणन की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी।

प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से Van Dhan Vikas Yojana के तहत संचालित गतिविधियों में रुचि दिखाई।

दोनों राज्यों के अधिकारियों ने भविष्य में संयुक्त रूप से कार्य करने और अनुभव साझा करने पर सहमति व्यक्त की।

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Van Dhan Vikas Yojana के तहत 165 प्रकार के उत्पादों का निर्माण

हर्बल उत्पादों ने खींचा ध्यान

कार्यक्रम में बताया गया कि प्रदेश के वन धन विकास केंद्रों के माध्यम से वर्तमान में 165 प्रकार के उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं।

इनमें हर्बल दवाइयां, खाद्य उत्पाद, स्वास्थ्यवर्धक सामग्री और सौंदर्य प्रसाधन शामिल हैं।

मूल्य संवर्धन से बढ़ी आमदनी

लघु वनोपज को सीधे बेचने की बजाय उसे प्रसंस्कृत कर तैयार उत्पाद के रूप में बाजार में उतारा जा रहा है। इससे समूहों को अधिक लाभ प्राप्त हो रहा है।


लघु वनोपज आधारित आजीविका पर हुई विस्तृत चर्चा

बैठक में वन धन विकास केंद्रों के संचालन, लाख उत्पादन और शहद संग्रहण जैसी गतिविधियों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

अरुणाचल प्रदेश के अधिकारियों ने अपने राज्य में उपलब्ध वन संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए छत्तीसगढ़ के मॉडल को अपनाने में रुचि दिखाई।

दोनों राज्यों ने हर्बल उत्पादों और लघु वनोपज आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।


महिला समूह को मिला ₹20.74 लाख का लाभांश

डोंगानाला वन धन विकास केंद्र को मिला लाभ

कार्यक्रम के समापन अवसर पर वन धन विकास केंद्र डोंगानाला की अध्यक्ष और सचिव को मंच पर आमंत्रित किया गया।

पिछले वर्ष हर्बल औषधियों के निर्माण कार्य के लिए समूह को ₹20,74,075 का चेक प्रदान किया गया।

यह लाभांश राशि महिला समूहों की मेहनत और वन आधारित उद्यमों की सफलता का महत्वपूर्ण उदाहरण मानी जा रही है।

प्रबंधन को भी मिला सम्मान

कार्यक्रम में कटघोरा जिला संघ के प्रबंध संचालक कुमार निशांत को अरुणाचल प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल द्वारा पारंपरिक शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया।


राज्यों के बीच सहयोग को मिली नई दिशा

इस कार्यक्रम को केवल लाभांश वितरण तक सीमित नहीं माना जा रहा है। यह छत्तीसगढ़ और अरुणाचल प्रदेश के बीच वन आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

दोनों राज्यों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम, तकनीकी सहयोग और हर्बल उत्पादों के विकास के क्षेत्र में मिलकर कार्य करने की सहमति दी है।

इस सहयोग से भविष्य में वनवासियों, स्व-सहायता समूहों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिलने की संभावना है।

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Van Dhan Vikas Yojana छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण और वन आधारित आजीविका को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम बनकर उभरी है। रायपुर में आयोजित इस कार्यक्रम ने न केवल महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक लाभ पहुंचाया, बल्कि छत्तीसगढ़ और अरुणाचल प्रदेश के बीच सहयोग के नए अवसर भी खोले। 165 प्रकार के उत्पादों का निर्माण और ₹20.74 लाख के लाभांश का वितरण यह साबित करता है कि Van Dhan Vikas Yojana ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला उद्यमिता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

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