Durg News – जिला पंचायत दुर्ग के अंतर्गत जनपद पंचायत धमधा की ग्राम पंचायत मेड़ेसरा में “रोजगार दिवस सह आवास दिवस” का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जल संरक्षण, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण रोजगार से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए, जो क्षेत्र के ग्रामीणों के जीवन को बदलने की क्षमता रखते हैं।
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Durg News: कौन-कौन से अधिकारी रहे मौजूद?
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री बजरंग कुमार दुबे, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत दुर्ग की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की।
इसके साथ ही उपाध्यक्ष श्री पवन शर्मा, जिला पंचायत सदस्य श्री जितेन यादव, सरपंच श्रीमती राजेश्वरी देशलहरे सहित अनेक ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं सचिवगण भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की इस संयुक्त उपस्थिति से यह स्पष्ट होता है कि Durg News में यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर बदलाव लाने का एक सशक्त प्रयास था।
“मोर तरिया – आय के जरिया” पहल का शुभारंभ
कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि रही “मोर गांव मोर पानी” अभियान के तहत “मोर तरिया – आय के जरिया” पहल का विधिवत शुभारंभ। यह पहल जल संरक्षण और ग्रामीण आजीविका दोनों को एक साथ साधने का अनूठा प्रयास है।
इस पहल के माध्यम से तालाबों (तरिया) को केवल जल स्रोत तक सीमित न रखते हुए उन्हें आय के स्थायी साधन के रूप में विकसित किया जाएगा। मत्स्य पालन, सिंचाई, और जल-आधारित रोजगार के जरिए ग्रामीण महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेंगी।
महिला स्व-सहायता समूहों के साथ विस्तृत चर्चा कर “मोर तरिया” की कार्ययोजना तैयार की गई। इसमें जल एवं स्वच्छता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आजीविका संबंधी महत्वपूर्ण प्रशिक्षण और जानकारी भी प्रदान की गई।
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Durg News: 10 नए तालाबों को मिली स्वीकृति – क्या है खासियत?
इस कार्यक्रम में 10 नए तरिया (तालाब) निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई, जो इस आयोजन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है।
तालाब निर्माण की विशेषताएं:
- न्यूनतम आकार: प्रत्येक तालाब का आकार कम से कम 80×80 मीटर होगा।
- स्थल चयन: उपयुक्त स्थानों का चयन क्लस्टर और जलधारा के आधार पर वैज्ञानिक तरीके से किया गया है।
- उद्देश्य: इन तालाबों से न केवल भूजल स्तर में सुधार होगा, बल्कि महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
- दीर्घकालिक लाभ: मत्स्य पालन, कृषि सिंचाई और पशुपालन जैसे क्षेत्रों में इन तालाबों का सीधा लाभ मिलेगा।
यह निर्णय छत्तीसगढ़ सरकार की जल संरक्षण नीति के अनुरूप है और Durg News में यह एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।
महिला स्व-सहायता समूहों की भूमिका
इस पूरे कार्यक्रम में महिला स्व-सहायता समूहों की भागीदारी सबसे सराहनीय पहलू रही। महिलाओं ने न केवल कार्यक्रम में सक्रिय हिस्सा लिया, बल्कि “मोर तरिया” की कार्ययोजना तैयार करने में भी अपना योगदान दिया।
जल एवं स्वच्छता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आजीविका से संबंधित जानकारी और प्रशिक्षण प्रदान किया गया। यह कदम महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ठोस और व्यावहारिक पहल है।
Durg News: PM आवास योजना और अन्य शासकीय योजनाओं की जानकारी
कार्यक्रम में ग्रामीणों को विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी दी गई। हितग्राहियों को QR कोड स्कैन कर योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया गया, जो डिजिटल साक्षरता की दिशा में एक सराहनीय कदम है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) की जानकारी:
- हितग्राहियों को 90 दिवस मजदूरी से संबंधित नियमों की विस्तृत जानकारी दी गई।
- किश्त प्रणाली और भुगतान प्रक्रिया समझाई गई।
- पात्र परिवारों को आवेदन की प्रक्रिया बताई गई।
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युवाओं और जल संरक्षण में भागीदारी
कार्यक्रम में ग्रामीणों को सोख्ता गड्ढा निर्माण हेतु प्रोत्साहित किया गया। सोख्ता गड्ढे घरेलू गंदे पानी को जमीन में अवशोषित कर भूजल स्तर को बनाए रखने में सहायक होते हैं।
विशेष रूप से युवाओं की जल संरक्षण और संवर्धन में भागीदारी सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। यह पहल न केवल पर्यावरण के लिए, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
युवाओं को जल संरक्षण का ब्रांड एंबेसडर बनाने की यह सोच Durg News में एक नई उम्मीद की किरण है।
निष्कर्ष
Durg News – जनपद पंचायत धमधा अंतर्गत ग्राम पंचायत मेड़ेसरा में आयोजित “रोजगार दिवस सह आवास दिवस” ने यह साबित किया कि जब प्रशासन, जनप्रतिनिधि और आम नागरिक मिलकर काम करें, तो बदलाव संभव है।
“मोर तरिया – आय के जरिया” जैसी पहल, 10 नए तालाबों की स्वीकृति, महिला स्व-सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी और PM आवास योजना की जानकारी – ये सभी कदम मिलकर दुर्ग जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक और सामाजिक क्रांति की नींव रख रहे हैं।
