Durg News: ‘मोर गाँव मोर पानी महाभियान’ — 15 दिनों में 32,058 जल संरक्षण संरचनाएं बनाकर दुर्ग ने रचा इतिहास, Golden Book of Records में दर्ज हुआ नाम

Durg News — छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले ने जल संरक्षण के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक कीर्तिमान स्थापित किया है। कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देशन में संचालित ‘मोर गाँव मोर पानी महाभियान’ ने मात्र 15 दिनों में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत निर्मित घरों में 32,058 रेनवाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण कर एक अभूतपूर्व रिकॉर्ड कायम किया है।

यह महाभियान अब केवल एक सरकारी पहल नहीं रहा — यह एक सच्चा जनआंदोलन बन चुका है, जिसमें हजारों ग्रामीणों ने स्वेच्छा से श्रमदान देकर अपनी भागीदारी दर्ज की है।


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Durg News: अभियान की पृष्ठभूमि और शुरुआत

Durg News के अनुसार, यह महाभिया जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बजरंग दुबे के नेतृत्व में संचालित किया जा रहा है।

अभियान की औपचारिक शुरुआत 13 मार्च 2025 को ‘एकेच गोठ, एकेच बानी: बूंद-बूंद बचाबो पानी 2.0’ कैम्पेन के रूप में हुई। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य भूजल स्तर में सुधार लाना और ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण को एक सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में स्थापित करना है।

कलेक्टर अभिजीत सिंह ने इस अभियान को जिले में प्राथमिकता के साथ लागू करने का निर्देश दिया, जिसके परिणाम आज पूरे प्रदेश के लिए एक मिसाल बन चुके हैं।


Golden Book of Records में दुर्ग का नाम — पहला चरण

मात्र 2 घंटों में 1,764 सोकपिट — एक विश्व स्तरीय उपलब्धि

अभियान के पहले चरण में दुर्ग जिले ने एक अद्वितीय कीर्तिमान स्थापित किया। PMAY लाभार्थियों के घरों में मात्र 2 घंटों के भीतर 1,764 सोकपिट का निर्माण कर दिया गया।

इस अभूतपूर्व उपलब्धि के लिए दुर्ग जिले का नाम ‘Golden Book of Records’ में दर्ज किया गया। यह न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है कि सामूहिक इच्छाशक्ति और प्रशासनिक संकल्प से क्या-क्या संभव है।


दूसरे चरण में 12,418 सोकपिट का निर्माण

अभियान के दूसरे चरण में 8 दिसंबर को एक ही दिन में 12,418 सोकपिट का निर्माण पूर्ण किया गया।

इस प्रकार स्वैच्छिक प्रयासों के माध्यम से निर्मित सोकपिट की कुल संख्या 14,182 हो गई। यह संख्या इस बात का प्रमाण है कि जिले के ग्रामीणों ने इस अभियान को अपना माना और पूरी निष्ठा के साथ इसमें भागीदारी की।


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Durg News: ‘मोर गाँव मोर पानी’ — निर्मित संरचनाओं का पूरा विवरण

32,058 संरचनाओं में क्या-क्या शामिल है?

Durg News के अनुसार, इस महाभियान के अंतर्गत विभिन्न प्रकार की जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण किया गया है। नीचे पूरा विवरण दिया गया है:

संरचना का प्रकारसंख्या
वाटर एब्जॉर्प्शन ट्रेंच (जल अवशोषण खाई)18,014
कंटूर ट्रेंच5,875
सोकपिट6,676
रूफटॉप वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं817
रिचार्ज पिट537
विलेज पॉन्ड (ग्राम तालाब)48
बोरवेल रिचार्ज यूनिट15
ओपन वेल रिचार्ज यूनिट18
गली प्लग7
परकोलेशन टैंक7
चेक डैम3
नल्हा बंड3
रिचार्ज शाफ्ट5
टैंक9
लो-कॉस्ट वर्क्स24
कुल32,058

इन संरचनाओं के माध्यम से वर्षा जल का संरक्षण सुनिश्चित होगा, जिससे भूजल स्तर में उल्लेखनीय सुधार आएगा और टिकाऊ जल प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा।


MGNREGA से जोड़ा जल संरक्षण को

Durg News: पोर्टल पर 32,058 संरचनाओं की एंट्री पूर्ण

Durg News के अनुसार, इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि जल संरक्षण कार्यों में जनभागीदारी को मनरेगा (MGNREGA) योजना से जोड़ा गया।

इससे न केवल रोजगार सृजन हुआ, बल्कि ग्रामीणों को उनके श्रमदान का उचित मेहनताना भी मिला। अब तक 32,058 संरचनाओं की जानकारी आधिकारिक पोर्टल पर सफलतापूर्वक दर्ज की जा चुकी है।

यह डिजिटल डेटा एंट्री अभियान की पारदर्शिता और जवाबदेही को सुनिश्चित करती है, जो इसे एक आदर्श सरकारी कार्यक्रम बनाती है। मनरेगा से संबंधित अधिक जानकारी के लिए MGNREGA आधिकारिक पोर्टल पर जाएं।


जनभागीदारी से बना जनआंदोलन

इस अभियान की सबसे बड़ी सफलता यह है कि यह महज एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं रहा — यह एक जनआंदोलन में बदल गया।

हजारों ग्रामीणों ने बिना किसी दबाव के स्वेच्छा से श्रमदान करके इस अभियान में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। गाँव-गाँव में लोग एकजुट होकर जल संरक्षण के काम में जुट गए।

यह भावना और एकजुटता ‘मोर गाँव मोर पानी’ के संदेश को सच्चे अर्थों में चरितार्थ करती है — यानी ‘मेरा गाँव, मेरा पानी, मेरी जिम्मेदारी।’


Durg News: भविष्य में जल सुरक्षा की गारंटी

PMAY घरों में बनी संरचनाएं करेंगी दीर्घकालिक जल प्रबंधन

Durg News के अनुसार, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत निर्मित प्रत्येक घर में रेनवाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं स्थापित की गई हैं।

ये संरचनाएं न केवल वर्तमान जल आवश्यकताओं को पूरा करेंगी, बल्कि भविष्य की जल सुरक्षा भी सुनिश्चित करेंगी। भूजल स्तर में सुधार आने से कुएं, बोरवेल और हैंडपंप अधिक समय तक सक्रिय रहेंगे।

यह पहल प्रधानमंत्री के जल जीवन मिशन और ‘Catch the Rain’ अभियान के लक्ष्यों के अनुरूप है। भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय की जानकारी के लिए jalshakti.gov.in देखें।


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Durg News का यह मामला पूरे छत्तीसगढ़ और देश के लिए एक प्रेरणा है। ‘मोर गाँव मोर पानी महाभियान’ ने साबित किया है कि जब प्रशासनिक दृढ़ता, जनभागीदारी और सरकारी योजनाओं का समन्वय होता है, तो असंभव लगने वाले लक्ष्य भी साकार हो जाते हैं।

कलेक्टर अभिजीत सिंह और CEO बजरंग दुबे के कुशल नेतृत्व में दुर्ग जिले ने 15 दिनों में 32,058 जल संरचनाएं बनाकर Golden Book of Records में अपना नाम दर्ज कराया और जल संरक्षण के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया। Durg News ऐसे प्रयासों को सलाम करता है और उम्मीद करता है कि यह मॉडल पूरे छत्तीसगढ़ और देश में अपनाया जाएगा।

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