Khelo India Tribal Games का आगाज़ देश के लिए एक ऐतिहासिक और गर्व का पल है। पहली बार भारत में जनजातीय खिलाड़ियों के लिए इस स्तर का राष्ट्रीय खेल आयोजन किया जा रहा है और इसकी मेजबानी छत्तीसगढ़ को मिली है।
25 मार्च से शुरू हुए इन खेलों का समापन 3 अप्रैल को होगा। इस महाआयोजन में 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के करीब 3800 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।
यह आयोजन न केवल जनजातीय खिलाड़ियों को राष्ट्रीय मंच देता है, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत को एक खेल राष्ट्र बनाने के सपने को भी साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम है।
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तीन शहरों में होंगे मुकाबले – रायपुर, जगदलपुर और सरगुजा
Khelo India Tribal Games के मुकाबले छत्तीसगढ़ के तीन प्रमुख शहरों में आयोजित किए जा रहे हैं – रायपुर, जगदलपुर और सरगुजा (अंबिकापुर)।
हॉकी और फुटबॉल के मुकाबले राजधानी रायपुर में होंगे। एथलेटिक्स के इवेंट जगदलपुर में आयोजित किए जाएंगे, जबकि कुश्ती की प्रतिस्पर्धाएं सरगुजा में होंगी।
इस तरह पूरे छत्तीसगढ़ में खेलों का जोश और उत्साह दिखेगा। तीनों शहरों में तैयारियां अंतिम चरण में हैं और प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं।
9 खेल, 106 गोल्ड मेडल – जानिए पूरा शेड्यूल
Khelo India Tribal Games में कुल 9 खेलों में प्रतिस्पर्धा होगी। इनमें से 7 खेलों में पदक दिए जाएंगे और 2 खेल प्रदर्शनी स्पर्धा के रूप में शामिल हैं।
पदक वाले खेल:
- तीरंदाजी (Archery)
- एथलेटिक्स (Athletics)
- फुटबॉल (Football)
- हॉकी (Hockey)
- तैराकी (Swimming)
- भारोत्तोलन (Weightlifting)
- कुश्ती (Wrestling)
प्रदर्शनी खेल:
- मल्लखंब (Mallakhamb)
- कबड्डी (Kabaddi)
कुल 106 स्वर्ण पदक दांव पर होंगे। सबसे अधिक गोल्ड मेडल एथलेटिक्स में – 34 – होंगे। इसके बाद तैराकी में 24, कुश्ती में 18, भारोत्तोलन में 16 और तीरंदाजी में 10 गोल्ड मेडल रहेंगे।
DoFollow Links:
- Khelo India – भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) आधिकारिक वेबसाइट
- Ministry of Tribal Affairs, Government of India
लिंग समानता का भी रखा गया ध्यान
Khelo India Tribal Games में ओलंपिक चार्टर की भावना को ध्यान में रखते हुए पुरुष और महिला खिलाड़ियों का अनुपात लगभग 50:50 रखा गया है। यह लैंगिक समानता की दिशा में एक सराहनीय पहल है।
हॉकी ओलंपियन दिलीप तिर्की ने क्या कहा?
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष और पूर्व ओलंपियन दिलीप तिर्की ने Khelo India Tribal Games को देश के लिए गर्व का पल बताया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन जनजातीय युवाओं को खेल में आगे बढ़ने का सुनहरा अवसर देता है।
तिर्की ने कहा कि वे खुद एक आदिवासी परिवार से आते हैं और हॉकी के जरिए उन्होंने जो मुकाम हासिल किया, वही सपना अब देश के हर जनजातीय बच्चे का हो सकता है।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के 2036 ओलंपिक और विकसित भारत के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि इन खेलों से निकले खिलाड़ी एक दिन देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया की भूमिका की भी तिर्की ने तारीफ की।
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स्प्रिंटर अनिमेष कुजूर ने की सरकार की तारीफ
राष्ट्रीय 100 मीटर और 200 मीटर रिकॉर्ड होल्डर और भारतीय एथलेटिक्स के उभरते सितारे अनिमेष कुजूर ने भी Khelo India Tribal Games की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि भारत में ऐसे कई इलाके हैं जहां खेल अभी तक नहीं पहुंचे हैं। ऐसे में यह आयोजन उन क्षेत्रों के युवाओं तक खेलों की पहुंच बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
अनिमेष ने सरकार की इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से जनजातीय खेल प्रतिभाओं को एक मंच पर लाना बेहद खास है।
खिलाड़ियों का चयन कैसे हुआ?
Khelo India Tribal Games के इस उद्घाटन संस्करण में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों का चयन राष्ट्रीय खेल महासंघों द्वारा आयोजित ट्रायल्स के माध्यम से किया गया है।
खिलाड़ियों के प्रदर्शन की निगरानी भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) द्वारा नियुक्त कोचों द्वारा की जाएगी। यह सुनिश्चित करता है कि प्रतियोगिता पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी हो।
Host State Chhattisgarh के अलावा ओडिशा, झारखंड और असम की सबसे बड़ी भागीदारी है – प्रत्येक राज्य से 100 से अधिक खिलाड़ी शामिल हो रहे हैं।
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Khelo India Tribal Games पर डिप्टी CM अरुण साव का बयान
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने Khelo India Tribal Games को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह देश में पहली बार आयोजित हो रहे राष्ट्रीय जनजातीय खेल हैं और छत्तीसगढ़ को इसकी मेजबानी का सौभाग्य मिला है।
उन्होंने कहा कि इन खेलों से देशभर के जनजातीय खिलाड़ियों को बहुत फायदा होगा। साव ने प्रधानमंत्री मोदी, खेल मंत्री मनसुख मांडविया और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को इस आयोजन के लिए धन्यवाद दिया।
अरुण साव के अनुसार तीनों शहरों – अंबिकापुर, जगदलपुर और रायपुर – में तैयारियां अंतिम चरण में पूरी हो चुकी थीं और 25 मार्च को भव्य उद्घाटन समारोह हुआ।
Khelo India Tribal Games का यह ऐतिहासिक आयोजन भारत के जनजातीय समुदाय के लिए एक नए युग की शुरुआत है। छत्तीसगढ़ की तीन शहरों में 30 राज्यों के 3800 से अधिक खिलाड़ियों का यह महामिलन न केवल खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय पहचान दिलाएगा, बल्कि आदिवासी युवाओं के जीवन में बदलाव का माध्यम भी बनेगा।
दिलीप तिर्की से लेकर अनिमेष कुजूर तक – हर जनजातीय खेल आइकन की यह कहानी साबित करती है कि खेल से बेहतर कोई रास्ता नहीं है। Khelo India Tribal Games आने वाले वर्षों में भारत के ओलंपिक सपने को साकार करने की नींव बनेगा।
