360 सिविल डिफेंस वालेंटियर्स को मिलेगा जीवनरक्षक प्रशिक्षण – Fire Fighting, CPR और Rescue Operation के 4 बड़े खुलासे

Chhattisgarh News — देश में आपदा प्रबंधन को मज़बूत बनाने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण और प्रशंसनीय पहल सामने आई है। केन्द्र सरकार के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ के नगर सेना कार्यालय में सिविल डिफेंस वालेंटियर्स (Civil Defence Volunteers) को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

इस कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में कुल 360 वालेंटियर्स को प्रशिक्षित किया जाना है। जिला सेनानी नगर सेना कार्यालय द्वारा नागरिक सुरक्षा, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं के तहत यह प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है।

यह Chhattisgarh News इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रशिक्षित नागरिक किसी भी आपदा — बाढ़, आग, भूकंप या दुर्घटना — के समय प्रशासन की मदद से पहले खुद ही राहत और बचाव कार्य शुरू कर सकते हैं।


प्रथम बैच में 180 वालेंटियर्स ने लिया हिस्सा – 105 महिलाएं भी शामिल

पहले बैच का सफलतापूर्वक हुआ संचालन

Chhattisgarh News के अनुसार इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का प्रथम बैच पूरी तरह सफलतापूर्वक संचालित किया गया। यह प्रशिक्षण 14 मार्च 2026 से 20 मार्च 2026 तक आयोजित किया गया।

इस पहले बैच में कुल 180 वालेंटियर्स शामिल हुए। इनमें से 75 पुरुष और 105 महिलाएं थीं। महिला वालेंटियर्स की अधिक संख्या यह दर्शाती है कि समाज की आधी आबादी भी अब आपदा प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभाने को तत्पर है।

शेष 180 वालेंटियर्स को दूसरे बैच में प्रशिक्षित किया जाएगा। इस तरह कुल 360 प्रशिक्षित वालेंटियर्स जिले में आपदा प्रबंधन की एक मज़बूत मानव शृंखला तैयार करेंगे।

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Chhattisgarh News: क्या-क्या सिखाया गया प्रशिक्षण में?

चार प्रमुख क्षेत्रों में दिया गया विशेष प्रशिक्षण

Chhattisgarh News के पाठकों के लिए यह जानना ज़रूरी है कि इस प्रशिक्षण में वालेंटियर्स को किन-किन क्षेत्रों में दक्ष बनाया गया। प्रशिक्षण को मुख्यतः चार महत्वपूर्ण भागों में बांटा गया था:

  1. नागरिक सुरक्षा (Civil Defence) की मूलभूत जानकारी
  2. अग्निशमन (Fire Fighting) — आग बुझाने के तरीके
  3. प्राथमिक चिकित्सा (First Aid) — CPR और पट्टी बांधना
  4. रेस्क्यू ऑपरेशन (Rescue Operation) — आपात बचाव तकनीकें

इन चारों क्षेत्रों में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया, ताकि वालेंटियर्स सिर्फ सैद्धांतिक जानकारी तक सीमित न रहें बल्कि जमीनी स्तर पर भी काम कर सकें।


Fire Fighting – आग बुझाने के तरीके सीखे

अग्निशमन यंत्रों का हुआ व्यावहारिक प्रशिक्षण

Chhattisgarh News में यह जानना दिलचस्प है कि प्रशिक्षण का एक बड़ा हिस्सा अग्निशमन (Fire Fighting) को समर्पित था। वालेंटियर्स को अग्निशमन यंत्रों (Fire Extinguishers) का उपयोग करके आग बुझाने के व्यावहारिक तरीके सिखाए गए।

अक्सर आग लगने पर लोग घबरा जाते हैं और सही समय पर सही कदम नहीं उठा पाते। इस प्रशिक्षण से वालेंटियर्स यह समझ गए कि किस प्रकार की आग में कौन सा यंत्र उपयोग होता है और कैसे उसे प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किया जाए।

यह प्रशिक्षण विशेष रूप से घरेलू और औद्योगिक आग दोनों स्थितियों को ध्यान में रखकर दिया गया। प्रशिक्षित वालेंटियर्स अब फायर ब्रिगेड के आने से पहले ही प्राथमिक आग नियंत्रण कर सकेंगे।


First Aid और CPR – जीवन बचाने की कला

हर एक मिनट कीमती है – सीखी जीवनरक्षक तकनीकें

Chhattisgarh News के इस अहम प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्राथमिक चिकित्सा (First Aid) को विशेष महत्व दिया गया। वालेंटियर्स को निम्नलिखित जीवनरक्षक तकनीकों का अभ्यास कराया गया:

  • CPR (Cardiopulmonary Resuscitation) — हृदय गति रुकने पर पुनर्जीवन की तकनीक
  • पट्टियां बांधना — घाव और फ्रैक्चर की प्राथमिक देखभाल
  • सदमे की स्थिति में प्राथमिक उपचार
  • बेहोश व्यक्ति की देखभाल के तरीके

CPR एक ऐसी तकनीक है जो हृदयाघात (Heart Attack) की स्थिति में एम्बुलेंस आने से पहले व्यक्ति की जान बचा सकती है। अब ये 180 प्रशिक्षित वालेंटियर्स अपने-अपने मोहल्लों और गांवों में ऐसी आपात स्थितियों में प्रथम सहायक की भूमिका निभा सकेंगे।


Rescue Operation – आपदा में बचाव के तरीके

बाढ़, भूकंप, इमारत गिरने पर कैसे करें बचाव?

Chhattisgarh News के इस प्रशिक्षण का चौथा और बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा था — रेस्क्यू ऑपरेशन (Rescue Operation)। इसमें वालेंटियर्स को आपात स्थितियों में बचाव के विभिन्न तरीकों और तकनीकों की जानकारी दी गई।

इनमें शामिल थे — मलबे में फंसे व्यक्ति को कैसे निकालें, बाढ़ की स्थिति में बचाव कार्य कैसे करें, और दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को सुरक्षित स्थान पर कैसे पहुंचाएं।

यह प्रशिक्षण इसलिए विशेष रूप से उपयोगी है क्योंकि NDRF या SDRF की टीम किसी दूरदराज़ इलाके में पहुंचने में समय लगता है। ऐसे में स्थानीय प्रशिक्षित वालेंटियर्स ही पहले 30-60 मिनट में सबसे प्रभावी बचाव कार्य कर सकते हैं।

Chhattisgarh News: Civil Defence Volunteers Training 2026

Chhattisgarh News: कलेक्टर अभिजीत सिंह ने क्या कहा?

“हर एक मिनट कीमती है आपदा के समय”

Chhattisgarh News के इस कार्यक्रम में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने वालेंटियर्स को संबोधित करते हुए कई महत्वपूर्ण बातें कहीं।

उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त कर व्यक्ति आपदा के समय स्वयं, परिवार, समाज और राष्ट्र — सभी की सेवा एक साथ कर सकता है। यह प्रशिक्षण केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि राष्ट्रीय दायित्व है।

कलेक्टर श्री सिंह ने विशेष रूप से जोर दिया कि “आपदा और मुसीबत कभी भी अचानक आ सकती है, ऐसे समय में हर एक मिनट कीमती होता है।”

उन्होंने वालेंटियर्स को सलाह दी कि:

  • प्रशिक्षण में सीखी बातों को डायरी में नोट करें।
  • घर पर परिवार के सदस्यों के साथ प्रैक्टिस करें।
  • नियमित अभ्यास से ही वास्तविक आपदा में प्रभावी कार्य किया जा सकता है।

15 अगस्त को मिलेगा प्रमाण पत्र और सम्मान

उत्कृष्ट वालेंटियर्स को मिलेगा विशेष सम्मान

Chhattisgarh News की एक और उत्साहजनक जानकारी यह है कि कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने घोषणा की कि प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले वालेंटियर्स को आगामी 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) के अवसर पर प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।

यह सम्मान वालेंटियर्स के मनोबल को बढ़ाएगा और दूसरे नागरिकों को भी इस तरह के प्रशिक्षण में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित करेगा। स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर सम्मान मिलना इन वालेंटियर्स की सेवा को एक राष्ट्रीय पहचान देगा।

इस पहल का उद्देश्य स्पष्ट है — आपदा के समय त्वरित और प्रभावी सहायता सुनिश्चित करना और जन-धन की हानि को कम से कम करना।

Chhattisgarh News: Civil Defence Volunteers Training 2026

Chhattisgarh News का यह प्रशिक्षण कार्यक्रम छत्तीसगढ़ में आपदा प्रबंधन की दिशा में एक क्रांतिकारी और दूरदर्शी कदम है। 360 सिविल डिफेंस वालेंटियर्स — जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं — को Fire Fighting, CPR, First Aid और Rescue Operation जैसी जीवनरक्षक तकनीकों में प्रशिक्षित करना यह साबित करता है कि सरकार और प्रशासन आपदा की तैयारी को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे हैं।

Chhattisgarh News पर नज़र रखने वाले नागरिकों को इस पहल से प्रेरणा लेनी चाहिए। यदि आपके जिले में भी ऐसा कोई प्रशिक्षण अवसर आए, तो अवश्य भाग लें — क्योंकि एक प्रशिक्षित नागरिक सैकड़ों जिंदगियां बचा सकता है।

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