Balen Shah Journey आज नेपाल की राजनीति में एक प्रेरक कहानी बन चुकी है। कभी बेंगलुरु के कॉलेज की गलियों में पढ़ाई करने वाला एक युवा आज अपने देश की राजनीति के केंद्र में खड़ा है। रैपर से नेता बने 35 वर्षीय बालेन्द्र शाह ने हाल ही में नेपाल के आम चुनाव में बड़ी जीत हासिल की है। इस जीत ने उन्हें प्रधानमंत्री पद की दौड़ के बेहद करीब ला दिया है। उनके परिवार और करीबियों के लिए यह पल भावनाओं से भरा हुआ है। उनके जीवन का यह सफर संघर्ष, सपनों और देश के प्रति समर्पण की कहानी भी है।
Balen Shah Journey: बेंगलुरु से शुरू हुई बड़ी कहानी
नेपाल के युवा नेता की Balen Shah Journey का एक अहम हिस्सा भारत के बेंगलुरु शहर से जुड़ा है। उनके परिवार के अनुसार बालेन्द्र शाह ने यहां पढ़ाई के दौरान अपने व्यक्तित्व और सोच को मजबूत किया।
उनकी बड़ी बहन सुजाता साह सेजेकन और बहनोई हरीश कुमार सेजेकन बताते हैं कि बालेन बचपन से ही नेतृत्व क्षमता वाले व्यक्ति थे। हालांकि जब उन्होंने राजनीति में आने का फैसला किया तो परिवार के लिए यह थोड़ी हैरानी वाली बात थी। लेकिन बाद में सबको महसूस हुआ कि यह निर्णय बिल्कुल सही था।
हरीश बताते हैं कि बालेन हमेशा देश को सबसे ऊपर रखते हैं। उनके लिए निजी जिंदगी या आराम से ज्यादा महत्वपूर्ण देश और समाज रहा है।
हाल ही में हुए चुनाव में बालेन्द्र शाह ने बड़ी जीत दर्ज की। नेपाल की संसद में बहुमत हासिल करना उनके लिए ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। परिवार के मुताबिक जब वे उनसे मिलेंगे तो शायद खुशी के आंसू और गले मिलने का ही माहौल होगा।
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रैप म्यूजिक से राजनीति तक का सफर
Balen Shah Journey सिर्फ राजनीति की कहानी नहीं है। यह कला, शिक्षा और सामाजिक सोच के मेल की भी कहानी है।
बालेन्द्र शाह ने बेंगलुरु के येलहंका स्थित निट्टे मीनाक्षी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में मास्टर्स किया था। पढ़ाई के दौरान उनका जीवन काफी अनुशासित था।
उनके बहनोई के अनुसार वे पढ़ाई में बेहद मेहनती छात्र थे। उनके प्रोफेसर भी उनकी लगन की तारीफ करते थे। हालांकि पढ़ाई के साथ-साथ वे समाज से जुड़े मुद्दों पर भी लगातार सोचते रहते थे।
राजनीति में आने से पहले बालेन शाह रैप संगीत के लिए भी जाने जाते थे। उनके गीत अक्सर सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर आधारित होते थे। उनके लिए संगीत सिर्फ मनोरंजन नहीं था बल्कि लोगों की समस्याओं को सामने लाने का माध्यम भी था।
बेंगलुरु में रहते हुए उन्होंने स्थानीय संस्कृति को भी अपनाया। उन्होंने थोड़ी कन्नड़ भाषा भी सीखी और दक्षिण भारतीय भोजन खासकर डोसा और पारंपरिक खाने को पसंद करने लगे।
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Key Facts
- Balen Shah Journey का महत्वपूर्ण हिस्सा बेंगलुरु में बिताए छात्र जीवन से जुड़ा है।
- उन्होंने बेंगलुरु के निट्टे मीनाक्षी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से पढ़ाई की।
- राजनीति में आने से पहले वे रैपर के रूप में भी लोकप्रिय थे।
- उनके गीत सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर आधारित होते थे।
- हालिया चुनाव में बड़ी जीत के बाद वे प्रधानमंत्री पद की दौड़ में हैं।
परिवार की प्रतिक्रिया
नेपाल में बालेन्द्र शाह की जीत के बाद Balen Shah Journey चर्चा का विषय बन गई है। परिवार के लोग इसे गर्व और भावनाओं से भरा पल बता रहे हैं।
उनकी बहन सुजाता के अनुसार परिवार ने बचपन से ही उनमें नेतृत्व क्षमता देखी थी। हालांकि यह मुकाम हासिल करने का रास्ता आसान नहीं था।
पिछले साल दिसंबर में परिवार को एक निजी दुख का सामना करना पड़ा था। उनके ससुर का निधन हो गया था। ऐसे कठिन समय में भी बालेन ने खुद को मजबूत रखा।
उनके बहनोई हरीश ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया। इसमें बालेन शाह की पूरी यात्रा दिखाई गई। यह वीडियो परिवार की ओर से उनके प्रति सम्मान और समर्थन का प्रतीक था।
विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं की राजनीति में बढ़ती भागीदारी दक्षिण एशिया के लोकतंत्र के लिए सकारात्मक संकेत है।
आज Balen Shah Journey सिर्फ एक व्यक्ति की कहानी नहीं है। यह उन युवाओं की उम्मीद भी है जो अपने सपनों को सच करने के लिए संघर्ष करते हैं। बेंगलुरु के छात्र जीवन से लेकर नेपाल की राजनीति के शिखर तक पहुंचना एक लंबी यात्रा रही है। इस सफर में संगीत, शिक्षा और समाज के प्रति जिम्मेदारी तीनों का बड़ा योगदान रहा है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि Balen Shah Journey नेपाल की राजनीति को किस दिशा में ले जाती है।
