LPG Shortage Pune के बीच भी शहर की रमजान की रौनक कम नहीं हुई है। रोज़ा खोलने के वक्त लगने वाले फूड स्टॉल अब भी भीड़ खींच रहे हैं। हालांकि गैस सिलेंडर की कमी ने होटल और घरों की रसोई पर दबाव बढ़ा दिया है। इसके बावजूद कई दुकानदार पारंपरिक तरीकों से खाना पकाकर काम चला रहे हैं। कोयला, सिगड़ी और तंदूर जैसे पुराने तरीके फिर से चर्चा में आ गए हैं। यही वजह है कि पुणे के कौसरबाग और कैंप जैसे इलाकों में हलीम, कबाब और बिरयानी की खुशबू अब भी पहले की तरह ही लोगों को आकर्षित कर रही है।
LPG Shortage Pune: पारंपरिक तरीकों से चल रहे रमजान स्टॉल
LPG Shortage Pune के कारण कई रेस्टोरेंट और फूड स्टॉल को नई रणनीति अपनानी पड़ी है। खासकर रमजान के दौरान जहां शाम को इफ्तार के लिए भारी मात्रा में खाना बनता है, वहां गैस की कमी बड़ी चुनौती बन सकती थी। लेकिन शहर के कई स्टॉल संचालकों ने पारंपरिक खाना पकाने की तकनीकों का सहारा लिया है।
कौसरबाग इलाके के कैटरर काशिफ शेख बताते हैं कि कबाब जैसे लोकप्रिय व्यंजन पहले से ही कोयले वाले तंदूर में पकते हैं। इसलिए गैस की कमी का असर सीमित रहा। हालांकि कुछ आइटम जैसे डीप फ्राई के लिए गैस स्टोव की जरूरत पड़ती है।
इसी तरह हलीम, जो रमजान का सबसे खास व्यंजन माना जाता है, कई घंटों तक धीमी आंच पर पकाया जाता है। इसलिए इसे सिगड़ी पर कोयले या लकड़ी की आग में पकाना ज्यादा आसान रहता है। इससे लंबे समय तक एक समान तापमान बनाए रखना संभव होता है।
NIBM रोड स्थित रेस्टोरेंट के मालिक नविद अंसारी कहते हैं कि उनकी रसोई में अब कई तरीके अपनाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि गैस सिलेंडर कम होने के कारण अब लकड़ी, इंडक्शन स्टोव और इलेक्ट्रिक सिगड़ी का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके लिए रेस्टोरेंट ने अलग से हवादार जगह भी तैयार की है ताकि लकड़ी पर पकाने में कोई परेशानी न हो।
इस तरह LPG Shortage Pune के बावजूद शहर में रमजान के लोकप्रिय व्यंजन लोगों तक पहुंचते रहेंगे।
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क्यों हुई LPG की कमी
पिछले कुछ दिनों से पुणे में एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई बाधित होने की खबरें सामने आई हैं। इसका असर घरों से लेकर होटल और छोटे फूड स्टॉल तक महसूस किया जा रहा है। कई जगहों पर गैस सिलेंडर मिलने में देरी हो रही है।
कुछ दुकानदारों का कहना है कि सिलेंडर ब्लैक मार्केट में भी महंगे दामों पर मिल रहे हैं। जहां पहले लगभग 3000 रुपये में सिलेंडर मिल रहा था, वहीं अब कीमत लगभग दोगुनी बताई जा रही है।
इसके कारण कई छोटे व्यवसायियों को अपनी रणनीति बदलनी पड़ी है। कुछ लोगों ने पुराने पारंपरिक ईंधन जैसे कोयला और लकड़ी की तरफ रुख किया है। वहीं कई परिवार आधुनिक उपकरणों जैसे एयर फ्रायर और प्रेशर कुकर का उपयोग कर गैस बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
एलपीजी से जुड़ी जानकारी के लिए लोग अक्सर सरकारी कंपनियों की वेबसाइट जैसे
https://www.iocl.com भी देखते हैं।
Key Facts: LPG Shortage Pune
- पुणे के कई रमजान फूड स्टॉल कोयला और सिगड़ी पर खाना बना रहे हैं
- कबाब और तंदूरी व्यंजन पहले से ही चारकोल तंदूर में पकते हैं
- हलीम जैसे व्यंजन कई घंटों तक धीमी आंच पर तैयार होते हैं
- कुछ दुकानदार लकड़ी, इंडक्शन और इलेक्ट्रिक सिगड़ी का इस्तेमाल कर रहे हैं
- ब्लैक मार्केट में गैस सिलेंडर की कीमत दोगुनी होने की शिकायत
LPG Shortage Pune का असर सबसे ज्यादा उन दुकानदारों पर पड़ा है जो डीप फ्राई वाले व्यंजन बेचते हैं। कौसरबाग में हर साल आगरा फ्राइड चिकन का स्टॉल लगाने वाले आसिफ गुडाकुवाला कहते हैं कि उनके लिए यह स्थिति बेहद कठिन हो गई है।
उनके मुताबिक, पूरे चिकन के बड़े टुकड़ों को कड़ाही में डीप फ्राई करना पड़ता है। यह काम इंडक्शन पर करना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि अब सिलेंडर मिलना मुश्किल हो गया है। इसलिए अगर जल्द समाधान नहीं मिला तो उन्हें अपना स्टॉल बंद करना पड़ सकता है।
दूसरी ओर कई परिवारों ने घरेलू स्तर पर भी नए प्रयोग शुरू कर दिए हैं। कोंढवा की गृहिणी फातिमा अली कहती हैं कि वह हलीम बनाने के लिए अब प्रेशर कुकर का इस्तेमाल कर रही हैं। इससे समय भी बचता है और गैस भी कम खर्च होती है।
आईटी प्रोफेशनल आयशा खान ने बताया कि वह स्नैक्स बनाने के लिए एयर फ्रायर का ज्यादा इस्तेमाल कर रही हैं। इससे गैस की बचत भी होती है और खाना थोड़ा हेल्दी भी बनता है।
कुल मिलाकर LPG Shortage Pune ने शहर की रसोई को चुनौती जरूर दी है, लेकिन रमजान की रौनक को खत्म नहीं कर पाया है। पारंपरिक सिगड़ी, तंदूर और लकड़ी की आंच ने इस संकट के बीच नया समाधान दिया है। वहीं कई लोग आधुनिक किचन उपकरणों का सहारा लेकर गैस की बचत कर रहे हैं। अगर सप्लाई जल्द सामान्य हो जाती है तो स्थिति आसान हो सकती है। तब तक LPG Shortage Pune के बावजूद शहर में इफ्तार की महक और रमजान का स्वाद बरकरार रहेगा।
