Witchcraft Murder का एक दिल दहला देने वाला मामला छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से सामने आया है। यहां एक 48 वर्षीय महिला की उसके ही पति और तीन अन्य लोगों ने हत्या कर दी। आरोप है कि महिला पर टोनही यानी जादू-टोना करने का आरोप लगाया गया था। इतना ही नहीं, उसे परिवार की परेशानियों के लिए भी जिम्मेदार ठहराया गया।
यह घटना जशपुर जिले के आदिवासी बहुल गट्टी महुआ गांव में हुई। मृतक महिला की पहचान गोइदी बाई (48) के रूप में हुई है, जो थुपन राम की पत्नी थी। पुलिस के अनुसार अंधविश्वास और आपसी विवाद ने मिलकर इस घटना को एक खौफनाक Witchcraft Murder में बदल दिया।
Witchcraft Murder: टोनही के आरोप में की गई हत्या
पुलिस के अनुसार यह Witchcraft Murder मामला 6 मार्च को सामने आया। उस दिन मृतका के छोटे भाई साहलू राम (30) सन्ना थाना पहुंचे और पुलिस को बताया कि उनकी बहन की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है।
इसके बाद पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को महिला के शरीर और आसपास खून के निशान मिले। साथ ही शरीर पर गंभीर चोटों के निशान भी दिखाई दिए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ हुआ कि महिला की मौत किसी कठोर और भारी वस्तु से गंभीर चोट लगने के कारण हुई है।
जांच के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया। पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। पुलिस ने महिला के पति थुपन राम (45), उसकी दूसरी पत्नी फूला बाई (48) और गांव के दो अन्य लोगों सुनील राम (23) तथा उसकी पत्नी सुरंती बाई (22) को गिरफ्तार किया।

पूछताछ में फूला बाई ने बताया कि 5 मार्च को दोपहर करीब 2 बजे उसका गोइदी बाई से झगड़ा हुआ था। यह झगड़ा धीरे-धीरे हाथापाई में बदल गया। कुछ देर बाद थुपन राम ने गोइदी बाई को बहाने से एक झोपड़ी में बुलाया। वहां बाकी तीन आरोपी पहले से मौजूद थे।
पुलिस के अनुसार वहां सभी लोग हड़िया नाम की स्थानीय शराब पीने लगे। इसी दौरान सुनील राम ने गोइदी बाई पर टोनही होने का आरोप लगाया। उसने कहा कि महिला उसके परिवार की बदकिस्मती के लिए जिम्मेदार है।
उसने यह भी आरोप लगाया कि महिला के कारण उसके घर में बच्चा नहीं हो रहा और उसके पिता को कैंसर हो गया। इसके बाद चारों आरोपियों ने मिलकर महिला की बेरहमी से हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपियों ने शव को वापस घर ले जाकर बिस्तर पर रखा और कंबल से ढक दिया, ताकि मामला सामान्य मौत जैसा लगे।
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अधिक जानकारी के लिए पढ़ें:
https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC8229020/
टोनही प्रथा और अंधविश्वास
छत्तीसगढ़ के कई ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में आज भी टोनही प्रथा यानी जादू-टोना के आरोप लगाकर महिलाओं को प्रताड़ित करने की घटनाएं सामने आती हैं।
हालांकि राज्य सरकार ने इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम लागू किया है। इसके बावजूद कई जगहों पर अंधविश्वास गहराई से मौजूद है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अक्सर गांवों में बीमारी, आर्थिक परेशानी या परिवार की समस्याओं का दोष किसी महिला पर लगा दिया जाता है। इसके बाद उसे टोनही घोषित कर दिया जाता है।
कई बार यह आरोप हिंसा, सामाजिक बहिष्कार और हत्या तक पहुंच जाता है। जशपुर का यह Witchcraft Murder मामला भी इसी खतरनाक मानसिकता का उदाहरण बन गया है।
अंधविश्वास और टोनही प्रथा के बारे में अधिक जानकारी:
https://en.wikipedia.org/wiki/Witch-hunt
Key Facts about Witchcraft Murder
- जशपुर जिले के गट्टी महुआ गांव में 48 वर्षीय महिला की हत्या हुई।
- महिला पर टोनही यानी जादू-टोना करने का आरोप लगाया गया था।
- पुलिस ने पति सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया।
- हत्या 5 मार्च को हुई, जबकि मामला 6 मार्च को सामने आया।
- पोस्टमार्टम में कठोर वस्तु से लगी गंभीर चोटों से मौत की पुष्टि हुई।
प्रतिक्रियाएं
इस Witchcraft Murder घटना ने पूरे इलाके में डर और गुस्सा पैदा कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अंधविश्वास के कारण एक निर्दोष महिला की जान चली गई।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। साथ ही यह भी कहा गया कि अंधविश्वास के कारण होने वाले अपराधों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि ऐसे मामलों को रोकने के लिए केवल कानून काफी नहीं है। गांवों में जागरूकता फैलाना भी जरूरी है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि शिक्षा और जागरूकता बढ़ने से ही इस तरह के अपराधों को रोका जा सकता है। जब तक समाज अंधविश्वास से बाहर नहीं आएगा, तब तक ऐसे दर्दनाक अपराध होते रहेंगे।
जशपुर का यह Witchcraft Murder मामला सिर्फ एक हत्या नहीं है, बल्कि समाज में मौजूद खतरनाक अंधविश्वास की कहानी भी है। एक महिला को बिना किसी सबूत के टोनही कहकर मार दिया गया।
यह घटना याद दिलाती है कि अंधविश्वास और हिंसा का मेल कितना खतरनाक हो सकता है। इसलिए जरूरी है कि कानून के साथ-साथ समाज भी बदले। तभी भविष्य में किसी और महिला को इस तरह के Witchcraft Murder का शिकार होने से बचाया जा सकेगा।
