Chhattisgarh Assembly Budget Session 2026 आज 23 फरवरी से विधिवत शुरू हो गया है। नवा रायपुर स्थित विधानसभा भवन में शुरू हुआ यह सत्र 20 मार्च 2026 तक चलेगा। कुल 15 बैठकों वाले इस सत्र में राज्य की आर्थिक दिशा, जनकल्याण योजनाएं और सरकार की आगामी रणनीति तय होगी।
इस बार का बजट सत्र इसलिए भी खास है क्योंकि यह विष्णु देव साय सरकार का तीसरा बजट होगा, जिससे जनता को बड़ी उम्मीदें हैं।
राज्यपाल का अभिभाषण: उपलब्धियों और संकल्प का दस्तावेज
सत्र की शुरुआत सुबह 11:05 बजे राज्यपाल रमेन डेका के अभिभाषण से हुई। अपने संबोधन में उन्होंने सरकार की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की।
अभिभाषण में खासतौर पर निम्न बिंदुओं पर जोर दिया गया—
- किसान कल्याण योजनाएं
- शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
- सड़क और बुनियादी ढांचे का विकास
- आदिवासी अंचलों में विशेष परियोजनाएं
25 फरवरी को अभिभाषण पर कृतज्ञता ज्ञापन प्रस्ताव पर चर्चा होगी, जहां विपक्ष सरकार को घेरने की कोशिश करेगा।
24 फरवरी को पेश होगा मुख्य बजट
Chhattisgarh Assembly Budget Session 2026 का सबसे अहम दिन 24 फरवरी होगा। दोपहर 12:30 बजे वित्त मंत्री ओपी चौधरी वित्तीय वर्ष 2026-27 का मुख्य बजट पेश करेंगे।
यह बजट विष्णु देव साय सरकार के विजन 2047 और क्षेत्रीय असंतुलन दूर करने की रणनीति को आगे बढ़ाने वाला माना जा रहा है।
संभावना है कि बजट में इन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा—
- कृषि और सिंचाई
- आदिवासी कल्याण
- युवाओं के लिए रोजगार
- इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक निवेश
आज पहले दिन आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 भी सदन में रखा जाएगा, जो राज्य की विकास दर और सामाजिक प्रगति का विस्तृत चित्र प्रस्तुत करेगा।
रिकॉर्ड प्रश्न और विधायकों की सक्रियता
इस बार Chhattisgarh Assembly Budget Session 2026 में विधायकों की सक्रियता साफ नजर आ रही है।
- कुल 2,813 प्रश्न लगाए गए
- 1,437 तारांकित
- 1,376 अतारांकित
- 61 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव प्राप्त
तारांकित प्रश्नों में स्थानीय विकास, अधूरे प्रोजेक्ट और कथित अनियमितताओं पर चर्चा होगी।
26-27 फरवरी को आय-व्यय पर सामान्य चर्चा होगी, जबकि 9 से 17 मार्च तक विभागवार अनुदान मांगों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
धर्म स्वातंत्र्य विधेयक-2026 पर नजर
सत्र में तीन प्रमुख विधेयक पेश होने की संभावना है। इनमें छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक-2026 भी शामिल है, जिसमें जबरन मतांतरण पर कठोर प्रावधान प्रस्तावित हैं।
यह विधेयक सदन के भीतर और बाहर दोनों जगह राजनीतिक बहस का केंद्र बन सकता है।
पक्ष-विपक्ष की रणनीति
सत्र से पहले कांग्रेस विधायक दल की बैठक राजीव भवन में हुई। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने रणनीति तय की।
वहीं भाजपा विधायक दल ने भी अपनी तैयारी पूरी कर ली है। ऐसे में सदन में तीखी बहस की पूरी संभावना है।
क्यों महत्वपूर्ण है Chhattisgarh Assembly Budget Session 2026?
यह सत्र केवल आंकड़ों और घोषणाओं तक सीमित नहीं है। यह राज्य की आर्थिक सेहत, विकास की रफ्तार और जनभावनाओं का आईना भी है।
आम नागरिक की नजर इस बात पर रहेगी कि—
- महंगाई और रोजगार पर क्या राहत मिलती है?
- किसानों और युवाओं को क्या नई योजनाएं मिलती हैं?
- क्या विकास का लाभ दूरस्थ इलाकों तक पहुंचेगा?
स्पष्ट है कि Chhattisgarh Assembly Budget Session 2026 आने वाले पूरे वर्ष की नीतियों और राजनीति की दिशा तय करेगा।
अब निगाहें 24 फरवरी पर हैं, जब बजट के आंकड़ों में सरकार का विजन और विपक्ष की प्रतिक्रिया दोनों सामने आएंगे।
