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बलौदा बाजार हिंसा कांड: कांग्रेस का भाजपा सरकार पर हमला

बलौदा बाजार: बलौदा बाजार में हुई हिंसा को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा और कलेक्टर व एसपी के व्यवहार पर सवाल उठाए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि कलेक्टर और एसपी सरकार के प्रतिनिधि होते हैं, लेकिन बलौदा बाजार में दोनों अपने कार्यालय छोड़कर पीछे दरवाजे से भाग गए। इससे यह साफ हो गया कि छत्तीसगढ़ में सरकार नाम की कोई चीज नहीं है।

कांग्रेस प्रतिनिधि मंडल का दौरा: प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद कांग्रेस का प्रतिनिधि मंडल बलौदा बाजार का दौरा करने गया। दौरे के बाद भूपेश बघेल ने कहा कि पुलिस निर्दोष लोगों को पकड़ना बंद करे जो घटना में शामिल नहीं थे। इस घटना के बाद कई लोग लापता हैं और प्रशासन को इनकी सूची जारी करनी चाहिए। उन्होंने कहा, “किसी का पति लापता है तो किसी का पिता। स्थानीय लोग बता रहे हैं कि कुछ लोग नागपुर से भी आए थे।”

भूपेश बघेल का आरोप: प्रेस कॉन्फ्रेंस में भूपेश बघेल ने कहा, “एसपी और कलेक्टर सरकार के प्रतिनिधि हैं और अगर वे पिछले दरवाजे से भाग रहे हैं, तो इसका मतलब है कि शासन नहीं है। सरकार पिछले छह महीने से सत्ता में है, लेकिन हमारे नेता अक्सर शिकायत करते हैं कि यहां कानून-व्यवस्था जैसी कोई चीज नहीं है। बलौदा बाजार की घटना यहां हिंसा की सबसे बड़ी घटना बन गई है। हम सरकार से इस्तीफा मांगते हैं। हम अधिकारियों से यह भी कहना चाहते हैं कि जो लोग इसके पीछे हैं, उन्हें हिरासत में लिया जाना चाहिए और उनकी जांच की जानी चाहिए, लेकिन जो निर्दोष हैं, उन्हें परेशान नहीं किया जाना चाहिए।”

नेता प्रतिपक्ष का दौरा: प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बताया कि आज नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत के नेतृत्व में कांग्रेस नेता बलौदा बाजार जाएंगे। भूपेश बघेल ने बलौदा बाजार के अपने दौरे के बाद एक ट्वीट भी किया जिसमें उन्होंने कहा कि इस घटना ने छत्तीसगढ़ को कलंकित कर दिया है। उन्होंने लिखा, “ऐसा मंजर देखकर… हम हैरान रह गए! बलौदा बाजार कलेक्ट्रेट परिसर में हुई घटना से छत्तीसगढ़ कलंकित हुआ है। कार्यालय धू-धूकर जलता रहा और कलेक्टर-एसपी पीछे के दरवाज़े से भाग गए।”

भाजपा सरकार पर निशाना: बघेल ने ट्वीट में लिखा, “यह ‘काली इमारत’ काले कारनामे वाली भाजपा सरकार के निकम्मेपन की गवाह है। यह सरकार कानून व्यवस्था नहीं संभाल पा रही है। इसे एक पल भी पद पर रहने का अधिकार नहीं है।” उन्होंने कहा कि सरकार को तुरंत अपराधियों को पकड़कर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। पुलिस निर्दोष लोगों को पकड़ना बंद करे और घटना के बाद लापता लोगों की सूची जारी करे। भाजपा सरकार का प्रशासन से भी भरोसा उठ गया है, इसलिए स्वयं की जांच समिति बनानी पड़ी है। अगर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस का कोई भी कार्यकर्ता खामोश नहीं बैठेगा।