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चाकू की नोक पर नाबालिग किशोरी का अपहरण कर किया दैहिक शोषण, युवक को मिला कुल 24 साल का कारावास

दुर्ग (छत्तीसगढ़)। चाकू की नोक पर नाबालिग किशोरी का बलात अपहरण करने और रात भर डरा धमका कर दैहिक शोषण करने किए जाने के मामले में स्पेशल कोर्ट द्वारा आज फैसला सुनाया गया है। मामले अभियुक्त को विभिन्न धाराओं के तहत दोषी करार देते हुए कुल 24 वर्ष एक माह के कारावास तथा 5300 रुपए के अर्थदण्ड से दंडित किया गया है। यह फैसला विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) संगीता नवीन तिवारी की अदालत में सुनाया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक संतोष कसार ने पैरवी की थी।

नाबालिग किशोरी की गुमशुदगी मोहन नगर थाना क्षेत्र से 10 नवंबर 2021 की शाम हुई थी। वहीं आरोपी युवक ने किशोरी को राजनांदगांव ले जाकर दैहिक शोषण किया था। पीड़ित 16 वर्षीय 10वीं की छात्रा थी। 10 नवंबर की शाम वह मोबाइल रिचार्ज करने घर से निकली थी। रास्ते में आरोपी युवक उसे मिला और चाकू की नोक पर डरा धमका कर अपनी मोटर साइकिल पर बैठा लिया। चिल्लाने की कोशिश पर पर उसने जान से मारने की धमकी दी। जिसके बाद किशोरी को राजनांदगांव के स्टेशन पारा ले गया। जहां मैदान के सुनसान इलाके में रात भर किशोरी का दैहिक शोषण किया। इस दौरान युवक ने अपना नाम पवन रकन्ना निवासी चिखली (राजनांदगांव) बताया। सवेरे किशोरी किसी प्रकार से आरोपी की चुंगल से निकली और चिखली पुलिस चौकी पहुंच कर सिपाही के मोबाइल से घटना के संबंध में जानकारी दी।

शिकायत पर मोहन नगर पुलिस ने आरोपी पवन रकन्ना उर्फ पवन तलकाई (24 वर्ष) के खिलाफ अपहरण, जान से मारने की धमकी और जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए जाने के आरोपों के तहत अपराध पंजीबद्ध किया था। आरोपी पवन को 12 नवंबर 2021 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। विवेचना पश्चात प्रकरण को विचारण के लिए अदालत में पेश किया गया था।

विचारण पॉक्सो स्पेशल कोर्ट में किया गया। विचारण पश्चात अभियुक्त पवन रकन्ना उर्फ पवन तलकाई (24 वर्ष) को दफा 366 के तहत 3 वर्ष, 506 बी के तहत एक वर्ष, 412 के तहत एक माह तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 20 वर्ष के कारावास से दंडित किए जाने का फैसला सुनाया गया। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।