दुर्ग (छत्तीसगढ़)। नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर कर साथ ले जाने और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने वाले आरोपियों के खिलाफ स्पेशल कोर्ट ने गुरुवार को फैसला सुनाया है। कोर्ट ने नाबालिग के साथ शारीरिक संबंध बनाने के एक आरोपी को विभिन्न धाराओं के तहत कुल 28 वर्ष के कारावास व दो हजार रुपए के अर्थदण्ड से दंडित किए जाने का निर्णय दिया है। वहीं दूसरे आरोपी को किशोरी को बहलाने-फुसलाने के आरोप में तीन वर्ष के कारावास व 500 रूपए के अर्थदण्ड से दंडित किया गया है। यह फैसला विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) सरिता दास की अदालत में सुनाया गया है। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक राजेश कुमार साहू ने पैरवी की थी।
मामला छावनी थाना क्षेत्र का है। क्षेत्र की साढ़े 15 साल की किशोरी घर से 24 जुलाई 2021 की दोपहर लापता हो गई थी। काफी खोजबीन के बाद किशोरी का पता नहीं चलने पर पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने कुछ दिनों बाद किशोरी को बिलासपुर के ग्राम हल्दी (हिर्री) से संजू ध्रुव के कब्जें से बरामद किया था। पूछताछ में किशोरी ने बताया कि घटना दिन को संजू ध्रुव (24 वर्ष) ने किशोरी को मोबाइल पर फोन किया था बहला-फुसलाकर बुलाया और अपने साथ लेकर ग्राम हल्दी ले गया। जहां एक झोपड़ी में उसके साथ जबरिया शारीरिक संबंध बनाए। जिसके बाद आरोपी चंद्रभान देवांगन (22 वर्ष) को बुलाकर उसके हवाले कर दिया। चंद्रभानु किशोरी को राजनांदगांव जिले के टेडेसरा ले गया। जहां किराये के मकान में दो-तीन रखकर उसके साथ लगातार शारीरिक संबंध बनाए। इस मामले में छावनी पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
विवेचना पश्चात प्रकरण को विचारण के लिए अदालत के समक्ष पेश किया गया था। प्रकरण पर विचारण पास्को स्पेशल कोर्ट में किया गया। विचारण के दौरान किशोरी ने आरोपी संजू ध्रुव द्वारा उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए जाने का खुलासा नहीं किया गया। जिसके मद्देनजर संजू को नाबालिग से अनाचार के आरोप से दोषमुक्त कर दिया गया। अभियुक्त संजू ध्रुव को दफा 363 के तहत दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के कारावास से दंडित किया गया। वहीं अभियुक्त चंद्रभानु देवांगन को नाबालिग किशोरी का बहला-फुसलाकर अपहरण करने तथा लगातार शारीरिक संबंध बनाने का दोषी करार दिया गया। अभियुक्त चंद्रभानु देवांगन को दफा 363 के तहत तीन वर्ष, 366 के तहत 5 वर्ष तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4(2) के तहत 20 वर्ष के कारावास से दंडित किया गया है।
