Vikas Sheel की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ शासन के मंत्रालय महानदी भवन, रायपुर में सोमवार को सभी विभागों के सचिवों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभागों के महत्वपूर्ण कार्यों, विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और उनकी प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान मुख्य सचिव ने सभी विभागों को बैकलॉग के रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाना, रिक्त पदों को भरना और जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। बैठक में ई-गवर्नेंस, लोक सेवा गारंटी और कई प्रमुख परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई।
Vikas Sheel ने बैकलॉग भर्ती में तेजी लाने के दिए निर्देश
बैठक में Vikas Sheel ने सभी विभागीय सचिवों को निर्देश दिया कि बैकलॉग के रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया बिना विलंब के प्रारंभ की जाए। उन्होंने कहा कि रिक्त पदों को भरने से विभागों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और आम नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ समय पर मिल सकेगा।
मुख्य सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निर्धारित नियमों के अनुरूप होनी चाहिए।
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Vikas Sheel ने योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग पर दिया जोर
बैठक के दौरान Vikas Sheel ने सभी विभागों को अपनी योजनाओं की नियमित समीक्षा और मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं की प्रगति का लगातार मूल्यांकन होने से समय पर समस्याओं का समाधान किया जा सकता है।
बैठक में जिन प्रमुख योजनाओं और पोर्टलों की समीक्षा की गई, उनमें शामिल हैं—
- ई-ऑफिस
- लोक सेवा गारंटी
- नियद नेल्लानार डैशबोर्ड
- सुघ्घर छत्तीसगढ़
- पीएम प्रगति पोर्टल
- ई-प्रगति सीजी स्टेट पोर्टल
- डी-रेगुलेशन ई-गजट
- सेवा सेतु
- ग्रामीण विकास विभाग की योजनाएं
- पीएम सूर्य घर बिजली योजना
मुख्य सचिव ने अधिकारियों से प्रत्येक योजना की प्रगति रिपोर्ट भी प्राप्त की और लंबित मामलों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए।
भू-अर्जन के मामलों के शीघ्र निपटारे पर विशेष जोर
बैठक में राज्य के महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण (भू-अर्जन) के लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई।
Vikas Sheel ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विकास परियोजनाओं में देरी रोकने के लिए भू-अर्जन से जुड़े सभी लंबित प्रकरणों का तेजी से निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि समयबद्ध भूमि उपलब्ध होने से सड़क, अधोसंरचना और अन्य विकास कार्यों में गति आएगी।
ई-गवर्नेंस और प्रशासनिक सुधारों पर भी हुई चर्चा
बैठक में डिजिटल प्रशासन को मजबूत बनाने पर भी विशेष चर्चा हुई। ई-ऑफिस, डिजिटल सेवाओं और ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
मुख्य सचिव ने कहा कि तकनीक आधारित प्रशासन से पारदर्शिता बढ़ेगी, कार्यों की गति तेज होगी और नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में राज्य शासन के विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव शामिल हुए।
इनमें वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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Vikas Sheel की अध्यक्षता में हुई इस समीक्षा बैठक में प्रशासनिक सुधार, बैकलॉग भर्ती, डिजिटल गवर्नेंस और विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए। यदि विभाग समयबद्ध तरीके से इन निर्देशों का पालन करते हैं, तो इससे सरकारी योजनाओं की गति बढ़ेगी, रिक्त पदों पर भर्ती होगी और आम नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।
