Sukma News में मेटागुड़ा गांव से सामने आई यह खबर प्रशासन और ग्रामीणों के बीच सीधे संवाद की मिसाल बनी है। छत्तीसगढ़ सरकार की प्राथमिकता के अनुरूप जिला प्रशासन ने ग्रामीणों की समस्याओं को गांव में पहुंचकर समझा और कई मांगों पर मौके से ही कार्रवाई शुरू की।
मेटागुड़ा गांव के ग्रामीण दो दिन पहले स्कूल, आंगनबाड़ी भवन और अन्य बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर ट्रैक्टर से जिला मुख्यालय सुकमा पहुंचे थे। ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से लेने के बाद कलेक्टर अमित कुमार और जिला पंचायत सीईओ मुकुंद ठाकुर सहित प्रशासनिक टीम गांव पहुंची।
प्रशासनिक अमला किस्ताराम से करीब 20 किलोमीटर दूर पालाचलमा पंचायत के मेटागुड़ा गांव पहुंचा। कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ बाइक से गांव पहुंचे और ग्रामीणों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं। सुकमा जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर अमित कुमार को वर्तमान कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी और मुकुंद ठाकुर को जिला पंचायत सीईओ बताया गया है।
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Sukma News में पेड़ की छांव में लगी चौपाल
Sukma News की इस पहल में सबसे खास तस्वीर उस समय सामने आई, जब अधिकारियों ने गांव में पेड़ की छांव के नीचे ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाई। कलेक्टर जमीन पर बैठकर ग्रामीणों की बातें सुनते नजर आए।
उन्होंने एक-एक कर ग्रामीणों की मांगों और समस्याओं की जानकारी ली। इस दौरान संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए, ताकि स्थानीय समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया को गति मिल सके।
ग्रामीणों ने सिंचाई, तालाब, बिजली, सड़क, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी अपनी जरूरतें प्रशासन के सामने रखीं। प्रशासन ने इन मांगों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने की बात कही।
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स्कूल और आंगनबाड़ी भवन को मिली मंजूरी
ग्रामीणों की शिक्षा और बाल विकास से जुड़ी मांगों पर तत्काल कार्रवाई की गई। मेटागुड़ा में आंगनबाड़ी भवन और आमापेंटा में प्राथमिक शाला भवन के निर्माण के लिए स्वीकृति आदेश जारी किए गए।
आंगनबाड़ी भवन बनने से स्थानीय बच्चों और महिलाओं को संबंधित सेवाओं के लिए बेहतर आधारभूत सुविधा मिलने की उम्मीद है। वहीं प्राथमिक शाला भवन की स्वीकृति से बच्चों के लिए स्कूल संबंधी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ा है।
Sukma News: सिंचाई और रोजगार पर बड़ा फैसला
Sukma News में मेटागुड़ा से जुड़ी एक अन्य महत्वपूर्ण जानकारी सिंचाई और रोजगार से संबंधित है। ग्रामीणों की मांग को देखते हुए गांव में नहर विकास कार्य के साथ वीबी-जी रामजी के अंतर्गत तालाब निर्माण की स्वीकृति दी गई है।
इन कार्यों से ग्रामीण क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद है। पानी की उपलब्धता बढ़ने से कृषि गतिविधियों को भी सहायता मिल सकती है।
प्रशासन के अनुसार, निर्माण कार्यों से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। इससे ग्रामीणों को अपने क्षेत्र में ही काम मिलने की संभावना बढ़ेगी और बुनियादी ढांचे के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सहारा मिल सकता है।
दो महीने में बिजली पहुंचाने का आश्वासन
मेटागुड़ा में बिजली सुविधा की मांग को लेकर प्रशासन ने ग्रामीणों को लगभग दो महीने में विद्युत सुविधा पहुंचाने का आश्वासन दिया है। इससे गांव में घरेलू और अन्य जरूरी गतिविधियों के लिए बिजली की सुविधा उपलब्ध होने की उम्मीद है।
वहीं सड़क निर्माण की मांग को लेकर डीपीआर तैयार कर राज्य सरकार को भेजा जा चुका है। सड़क बनने से गांव का संपर्क बेहतर होने और आवागमन में सुविधा मिलने की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ी है।
सुकमा जिला प्रशासन की वेबसाइट के अनुसार जिले में लोक निर्माण विभाग और जल संसाधन विभाग सहित विभिन्न विभागों की प्रशासनिक व्यवस्था मौजूद है, जो ऐसे विकास कार्यों से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालते हैं।
गांव में लगेगा विशेष शिविर
ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं और जरूरी दस्तावेजों से जोड़ने के लिए सोमवार को मेटागुड़ा गांव में विशेष शिविर आयोजित किया जाएगा।
इस शिविर में वोटर आईडी, आधार कार्ड, राशन कार्ड, श्रम कार्ड और आयुष्मान कार्ड से संबंधित कार्य किए जाएंगे। इसका उद्देश्य ग्रामीणों को जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने और पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा देना है।
सुकमा जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर भी नागरिकों के लिए विभिन्न प्रमाणपत्र, सामाजिक सुरक्षा, पीडीएस और अन्य सरकारी सेवाओं से जुड़े ऑनलाइन संसाधनों की जानकारी उपलब्ध है।
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Sukma News में प्रशासन की सीधी पहुंच
मेटागुड़ा में प्रशासनिक अधिकारियों के सीधे पहुंचने से ग्रामीणों को अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखने का अवसर मिला। इससे प्रशासन को भी स्थानीय स्तर की जरूरतों को मौके पर समझने में मदद मिली।
ग्रामीणों ने गांव तक पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनने और तत्काल कार्रवाई शुरू करने के लिए जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया। यह पहल दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासन और आमजन के बीच संवाद को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा सकती है।
Sukma News के तहत मेटागुड़ा गांव में हुई प्रशासनिक पहल ने दिखाया कि ग्रामीणों की समस्याओं को मौके पर जाकर सुनने से समाधान की प्रक्रिया तेज हो सकती है। आंगनबाड़ी और स्कूल भवन की स्वीकृति, सिंचाई एवं तालाब निर्माण, बिजली के लिए दो महीने का आश्वासन, सड़क की डीपीआर और दस्तावेजों के लिए विशेष शिविर जैसी कार्रवाइयों से ग्रामीणों को राहत की उम्मीद जगी है। प्रशासन का यह सीधा संवाद गांव की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है।
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