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बलिदानी एएसपी आकाश गिरिपूंजे की पत्नी स्नेहा को छत्तीसगढ़ सरकार ने दिया डीएसपी पद, कहा – वर्दी मुझे साहेब के करीब रखेगी

रायपुर, 22 अक्टूबर 2025।
छत्तीसगढ़ सरकार ने बलिदानी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) आकाश राव गिरिपूंजे की पत्नी स्नेहा गिरिपूंजे को अनुकंपा के आधार पर उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) के पद पर नियुक्त किया है।
यह निर्णय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में पहले ही स्वीकृत किया जा चुका था।


🕊️ सुकमा में हुए हमले में शहीद हुए थे एएसपी आकाश गिरिपूंजे

9 जून को सुकमा जिले में माओवादियों द्वारा किए गए आईईडी विस्फोट में एएसपी आकाश गिरिपूंजे गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
उनकी शहादत पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरा दुख व्यक्त किया था।


💬 स्नेहा गिरिपूंजे का भावनात्मक बयान – “वर्दी मुझे साहेब के करीब रखेगी”

डीएसपी पद पर नियुक्ति के बाद स्नेहा गिरिपूंजे ने कहा,
“मैं किसी अन्य विभाग का चयन कर सकती थी, लेकिन मैंने पुलिस सेवा को ही चुना, क्योंकि यही वह विभाग है जिसे मैं सबसे अधिक समझती हूं। मेरे पति ने मुझे कभी कमजोर नहीं समझा। वर्दी हमेशा मुझे ‘साहेब’ यानी मेरे पति के करीब रखेगी।”

उनके इस बयान ने कई लोगों को भावुक कर दिया। स्नेहा का यह निर्णय साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक बन गया है।


🌿 सरकार ने निभाया वादा, अनुकंपा नियुक्ति का फैसला

छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सल प्रभावित इलाकों में सेवा देने वाले पुलिस अधिकारियों के बलिदान को सम्मान देने की नीति के तहत यह फैसला लिया है।
राज्य सरकार का मानना है कि ऐसे निर्णय न केवल शहीद परिवारों के मनोबल को बढ़ाते हैं, बल्कि आने वाले पुलिसकर्मियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनते हैं।


🛡️ स्नेहा का नया सफर – कर्तव्य, साहस और प्रेरणा की मिसाल

स्नेहा गिरिपूंजे अब छत्तीसगढ़ पुलिस में डीएसपी पद से नई जिम्मेदारियां निभाएंगी।
उनकी कहानी राज्य की हर महिला के लिए प्रेरणा है, जो विपरीत परिस्थितियों में भी अपने संकल्प पर अडिग रहती है।
Sneha Giripunje appointed DSP Chhattisgarh के इस निर्णय ने राज्यभर में सम्मान और गर्व की भावना को और प्रबल किया है।


🌺 शहीदों के परिवारों के प्रति श्रद्धा और समर्थन का प्रतीक निर्णय

यह नियुक्ति केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि एक भावनात्मक सम्मान है — उन वीरों के परिवारों के लिए जिन्होंने देश और समाज की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित किया।
स्नेहा गिरिपूंजे की यह नई भूमिका उनके पति की शहादत को जीवंत रखेगी और राज्य की नई पीढ़ी को सेवा और समर्पण का संदेश देगी।