लॉकडाउन में भी तेजी से बनाए जा रहे हैं राशनकार्ड, अब तक 29,683 बने नए राशनकार्ड

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रायपुर (छत्तीसगढ़)। कोरोना वायरस के संक्रमण से लोगों की सुरक्षा के लिए किए गए लॉकडाउन के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर प्रदेश के सभी गरीब परिवारों को दो माह का एकमुश्त निःशुल्क खाद्यान्न वितरण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों को जिलों में सभी लोगों को खाद्यान्न समय पर उपलब्ध कराने को कहा है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप खाद्य विभाग द्वारा लॉकडाउन के दौरान राज्य के ऐसे पात्र हितग्राही जिनके राशनकार्ड नहीं बन पाए थे, उनके नये राशनकार्ड बनाये जा रहे है साथ ही परिवार के छूटे हुए सदस्यों का नाम भी राशनकार्डों में जोड़ने का काम तेजी से किया जा रहा है।

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खाद्य विभाग द्वारा लॉकडाउन प्रारंभ होने के बाद से अब तक प्रदेश में कुल 29,683 नए राशनकार्ड बनाए जा चुके हैं और पूर्व से बने राशनकार्डों में छूटे हुए लगभग 44,394 नए सदस्यों के नाम जोड़े जा चुके हैं। नए राशन कार्ड बनने और नाम जुड़ने से लोगों को इस विपदा की घड़ी में काफी राहत मिली। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के अन्त्योदय, प्राथमिकता, एकल निराश्रित, निःशक्तजन व अन्नपूर्णा श्रेणी के राशनकार्डधारियों को अप्रैल व मई 2020 माह का एकमुश्त चावल निःशुल्क वितरित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त सामान्य श्रेणी के राशनकार्डधारियों को भी 10 रूपए प्रति किलो रियायती दर पर चावल वितरित किया जा रहा है। राज्य के नागरिकों के साथ-साथ लॉकडाउन के कारण राज्य में फंसे अन्य प्रदेशों के श्रमिकों-गरीबों के लिए भी खाद्यान्न के समुचित प्रबंध संवेदनशीलता व तत्परता के साथ राज्य सरकार द्वारा किया जा रहा है। लॉकडाउन के दौरान राज्य में खाद्य विभाग द्वारा जिला प्रशासन के माध्यम से अब तक 8.82 लाख लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा चुका है और लगभग 8.75 लाख लोगों को निःशुल्क राशन प्रदाय किया गया है। खाद्य विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने जिला कलेक्टरों से कहा है कि राशनकार्ड बनाने की प्रक्रिया सतत चलने वाली प्रक्रिया है। अतः राशनकार्ड बनाने के लिए छूटे हितग्राहियों से  आवेदन प्राप्त होने पर तत्काल नियमानुसार राशनकार्ड बनाने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।