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Ratanlal Dangi Case में हाईकोर्ट सख्त

Ratanlal Dangi Case में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जवाब दाखिल नहीं होने पर सख्त नाराजगी जताई है। निलंबित IPS अधिकारी रतनलाल डांगी से जुड़े महिला उत्पीड़न के मामले में कोर्ट ने संबंधित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर शपथपत्र के साथ जवाब पेश करने का निर्देश दिया है।

मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस विभाग की ओर से निर्धारित समय में जवाब पेश नहीं किया गया। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए जवाब दाखिल करने के लिए अंतिम मौका दिया।

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एक सप्ताह में जवाब दाखिल करने का आदेश

हाईकोर्ट ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे एक सप्ताह के भीतर शपथपत्र के साथ मामले में अपना लिखित जवाब प्रस्तुत करें। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि आदेश का पालन नहीं होने पर आगे सख्त कदम उठाया जा सकता है।

मामले की अगली सुनवाई 29 सितंबर 2026 को निर्धारित की गई है। तय अवधि में जवाब नहीं आने पर ऑफिसर-इन-चार्ज को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से कोर्ट के सामने उपस्थित होना पड़ सकता है।

Ratanlal Dangi Case में जांच पर भी सवाल

यह मामला मूल रूप से एक महिला योग शिक्षिका की शिकायत और उसके बाद शुरू हुई जांच से जुड़ा है। याचिका में शिकायतकर्ता ने मौजूदा जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि ऑनलाइन योग क्लास के दौरान रतनलाल डांगी ने कथित तौर पर अश्लील बातचीत और आपत्तिजनक व्यवहार किया। विरोध करने पर उनके पति को झूठे आपराधिक मामले में फंसाने और प्रतिकूल स्थान पर स्थानांतरण की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।

हालांकि, ये सभी आरोप याचिका और शिकायत में लगाए गए हैं। इन पर अंतिम न्यायिक निष्कर्ष अभी नहीं आया है।

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29 सितंबर को होगी अगली सुनवाई

हाईकोर्ट में 12 अगस्त 2026 को हुई सुनवाई के बाद संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा गया था। इसके बाद 2 सितंबर को हुई सुनवाई में जवाब पेश नहीं होने पर कोर्ट ने नाराजगी जताई।

अब कोर्ट ने जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। इसके बाद 29 सितंबर को होने वाली सुनवाई में मामले की प्रगति और संबंधित अधिकारियों का पक्ष देखा जाएगा।

क्या है Ratanlal Dangi Case?

याचिका के अनुसार, कोरबा की महिला योग शिक्षिका ने 15 अक्टूबर 2025 को तत्कालीन पुलिस महानिदेशक यानी DGP के समक्ष रतनलाल डांगी के खिलाफ शिकायत दी थी।

शिकायत में आरोप लगाया गया कि ऑनलाइन योग प्रशिक्षण के दौरान कथित तौर पर आपत्तिजनक बातचीत और व्यवहार किया गया। महिला ने अपने परिवार और पति को धमकी दिए जाने के आरोप भी लगाए हैं।

मामले की जांच के लिए पुलिस अधिकारियों आनंद छाबड़ा और मिलना कुर्रे को जांच की जिम्मेदारी दी गई थी। बाद में जांच की निष्पक्षता को लेकर शिकायतकर्ता ने आपत्ति जताई।

जांच की निष्पक्षता पर उठे सवाल

शिकायतकर्ता ने हाईकोर्ट में दायर याचिका में जांच अधिकारियों की भूमिका और रैंक को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी से कराई जानी चाहिए।

याचिका में दोनों IPS अधिकारियों को जांच से हटाकर वरिष्ठ IAS अधिकारी, विशेष रूप से महिला IAS अधिकारी से जांच कराने की मांग की गई है। शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय और ऋषभदेव साहू ने कोर्ट में पक्ष रखा।

Ratanlal Dangi Case में निलंबन की कार्रवाई

शिकायत सामने आने के बाद मामले ने प्रशासनिक स्तर पर भी गंभीर रूप लिया। मार्च 2026 में राज्य सरकार ने रतनलाल डांगी को निलंबित किया था। उनके खिलाफ विभागीय जांच से जुड़ी कार्रवाई भी शुरू की गई थी।

इसके बाद जांच प्रक्रिया और शिकायत पर हुई कार्रवाई को लेकर याचिकाकर्ता ने न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की। अब हाईकोर्ट में सरकार और पुलिस विभाग की ओर से जवाब दाखिल किया जाना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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महिला IAS अधिकारी से जांच की मांग

याचिकाकर्ता ने मौजूदा जांच व्यवस्था पर आपत्ति जताते हुए मांग की है कि मामले की जांच किसी वरिष्ठ महिला IAS अधिकारी से कराई जाए। उनका तर्क है कि इससे जांच की निष्पक्षता को लेकर उठ रहे सवालों को दूर किया जा सकता है।

हाईकोर्ट ने फिलहाल आरोपों की सत्यता पर कोई अंतिम फैसला नहीं दिया है। कोर्ट का मौजूदा निर्देश मुख्य रूप से संबंधित अधिकारियों से जवाब और मामले की कार्रवाई की जानकारी प्रस्तुत करने से जुड़ा है।

अब 29 सितंबर पर टिकी नजर

हाईकोर्ट के ताजा निर्देश के बाद अब संबंधित पुलिस अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर शपथपत्र के जरिए जवाब देना होगा। जवाब में शिकायत पर की गई कार्रवाई और जांच की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

अगर निर्धारित समय में जवाब दाखिल नहीं किया जाता है, तो ऑफिसर-इन-चार्ज को 29 सितंबर की सुनवाई में कोर्ट के सामने उपस्थित होना पड़ सकता है। ऐसे में Ratanlal Dangi Case में अगली सुनवाई महत्वपूर्ण हो गई है।

Ratanlal Dangi Case में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जवाब दाखिल नहीं होने पर सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह की अंतिम समयसीमा दी है। 29 सितंबर 2026 की सुनवाई में सरकार और पुलिस विभाग का पक्ष सामने आएगा। वहीं, शिकायतकर्ता की ओर से निष्पक्ष जांच के लिए वरिष्ठ महिला IAS अधिकारी की मांग की गई है। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों पर अंतिम न्यायिक निर्णय नहीं हुआ है और आगे की स्थिति कोर्ट में पेश होने वाले जवाब के बाद स्पष्ट होगी।

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