Bastar Tourism प्रकृति, कला और आदिवासी संस्कृति के अनोखे मेल के कारण देश-दुनिया के पर्यटकों को आकर्षित करता है। छत्तीसगढ़ की यात्रा पर पहुंचे एक कार्टूनिस्ट और इलस्ट्रेटर के लिए बस्तर सिर्फ घूमने की जगह नहीं रहा, बल्कि ऐसा अनुभव बना, जिसकी यादें उनके स्केचबुक में हमेशा दर्ज रहेंगी।
कलाकार ने अपने यात्रा अनुभव में बस्तर के प्राकृतिक और अपेक्षाकृत अनछुए परिदृश्यों का खास तौर पर उल्लेख किया। उनके अनुसार यहां की प्रकृति ऐसी है, जो लंबे समय तक स्मृति में बनी रहती है।
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जगदलपुर से शुरू हुआ यादगार सफर
यात्रा की शुरुआत जगदलपुर से हुई। इस दौरान कलाकार ने इंद्रावती नदी, जगदलपुर पैलेस और बस्तर की कलात्मक विरासत को करीब से देखा।
इसके अलावा बस्तर आर्ट गैलरी और Badal – The Tribal Arts and Cultural Centre का दौरा भी किया। इन स्थानों ने क्षेत्र की पारंपरिक कला, संस्कृति और आदिवासी जीवन की विविधता को समझने का अवसर दिया।
यात्रा के दौरान बस्तर के वर्तमान राजा से मुलाकात भी कलाकार के लिए खास अनुभव रही। उन्होंने इसे अपनी यात्रा के यादगार पलों में शामिल किया।
Bastar Tourism में चित्रकोट जलप्रपात का आकर्षण
मानसून के दौरान बस्तर का प्राकृतिक सौंदर्य और भी खास नजर आया। यात्रा के दौरान चित्रकोट जलप्रपात सबसे प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहा।
इंद्रावती नदी का पानी यहां घोड़े की नाल जैसी आकृति में नीचे गिरता है। बारिश के मौसम में जलप्रपात का प्रवाह और आसपास की हरियाली इसे बेहद आकर्षक दृश्य में बदल देती है।
कलाकार ने चित्रकोट जलप्रपात के सामने बैठकर लाइव स्केच बनाया। उन्होंने गिरते पानी की गति और उसकी ऊर्जा को कागज पर उतारने की कोशिश की।
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Bastar Tourism और प्रकृति का खूबसूरत संगम
चित्रकोट के अलावा यात्रा में तीरथगढ़ जलप्रपात भी खास आकर्षण रहा। घने जंगल और हरियाली से घिरा यह जलप्रपात मानसून में बेहद सुंदर दिखाई देता है।
कलाकार ने तीरथगढ़ के बहते पानी को भी अपने स्केचबुक में दर्ज किया। उनके लिए प्रकृति को सामने देखकर उसी समय उसे चित्र में उतारना यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।
तीरथगढ़ और अन्य झरनों ने मोहा मन
यात्रा के दौरान तमड़ा घुमर और सातधारा जलप्रपातों को भी देखने का अवसर मिला। इन प्राकृतिक स्थलों ने बस्तर की मानसूनी सुंदरता को और खास बना दिया।
बस्तर के झरने, घने जंगल, नदियां और पहाड़ी क्षेत्र यहां आने वाले पर्यटकों को अलग अनुभव देते हैं। यही वजह है कि Bastar Tourism को प्राकृतिक पर्यटन के साथ कला और संस्कृति से जोड़कर भी देखा जा सकता है।
बस्तर की कला और सांस्कृतिक विरासत
बस्तर की पहचान सिर्फ प्राकृतिक स्थलों तक सीमित नहीं है। यहां की आदिवासी कला, हस्तशिल्प, परंपराएं और सांस्कृतिक विरासत भी इसकी बड़ी पहचान हैं।
बस्तर आर्ट गैलरी और आदिवासी कला एवं सांस्कृतिक केंद्र जैसे स्थान पर्यटकों को स्थानीय परंपराओं को करीब से समझने का अवसर देते हैं। कलाकार की यात्रा में प्रकृति के साथ इन सांस्कृतिक पहलुओं को भी महत्वपूर्ण स्थान मिला।
लाइव स्केच में कैद हुई बस्तर की खूबसूरती
एक कलाकार के नजरिए से बस्तर की यात्रा और भी अलग रही। जहां आम पर्यटक तस्वीरों में प्राकृतिक सुंदरता को कैद करते हैं, वहीं उन्होंने अपने स्केचबुक में जलप्रपात और आसपास के दृश्यों को हाथ से उतारा।
चित्रकोट और तीरथगढ़ में बनाए गए लाइव स्केच यात्रा की यादों को एक अलग रूप देते हैं। उनके लिए यह सिर्फ चित्र बनाने का अभ्यास नहीं, बल्कि बस्तर की प्रकृति को महसूस करने का तरीका भी रहा।
कलाकार ने मुख्यमंत्री का जताया आभार
कलाकार ने अपनी बस्तर यात्रा के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग और Cartoon Watch का आभार जताया।
उन्होंने कहा कि बस्तर उनके लिए सिर्फ एक पर्यटन गंतव्य नहीं था। यहां की प्रकृति, कला, संस्कृति और लोगों से मिले अनुभव ने यात्रा को यादगार बना दिया।
छत्तीसगढ़ में पर्यटन से जुड़ी आधिकारिक जानकारी के लिए राज्य के पर्यटन विभाग की वेबसाइट देखी जा सकती है। छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग
बस्तर जिले और क्षेत्र से जुड़ी प्रशासनिक एवं पर्यटन संबंधी जानकारी के लिए बस्तर जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट भी उपयोगी है।
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बस्तर सिर्फ पर्यटन स्थल नहीं
बस्तर की खासियत इसकी विविधता में है। यहां एक ओर चित्रकोट और तीरथगढ़ जैसे जलप्रपात हैं, तो दूसरी ओर इंद्रावती नदी, जंगल और पहाड़ प्राकृतिक सौंदर्य को अलग पहचान देते हैं।
इसके साथ ही आदिवासी कला और सांस्कृतिक परंपराएं इस क्षेत्र को पर्यटन के लिहाज से और समृद्ध बनाती हैं। कलाकार के अनुभव से भी यही बात सामने आती है कि बस्तर को केवल एक पर्यटन स्थल के रूप में देखना इसके वास्तविक अनुभव को सीमित कर देता है।
Bastar Tourism प्रकृति, कला और संस्कृति का ऐसा संगम है, जो पर्यटकों के साथ-साथ कलाकारों को भी अपनी ओर आकर्षित करता है। चित्रकोट और तीरथगढ़ के जलप्रपातों से लेकर इंद्रावती नदी और बस्तर की आदिवासी कला तक, यहां हर अनुभव अपनी अलग छाप छोड़ता है। एक कलाकार की स्केचबुक में दर्ज यह यात्रा बताती है कि बस्तर केवल घूमने की जगह नहीं, बल्कि महसूस करने और यादों में संजोने वाली एक अनूठी दुनिया है।
