नई चंडीगढ़, 21 अक्टूबर 2026। Ranji Trophy Chhattisgarh टीम को पंजाब के खिलाफ मुकाबले में सात विकेट से हार का सामना करना पड़ा। रणजी ट्रॉफी 2026-27 के एलीट ग्रुप बी मुकाबले में पंजाब ने पहले बल्लेबाजी करते हुए बड़ा स्कोर बनाया, जबकि उसके गेंदबाजों ने छत्तीसगढ़ पर लगातार दबाव बनाए रखा। बाएं हाथ के स्पिनर हरप्रीत बराड़ पंजाब की जीत के सबसे बड़े नायक रहे। उन्होंने मैच में कुल नौ विकेट लेकर छत्तीसगढ़ की बल्लेबाजी को मुश्किल में डाल दिया।
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Ranji Trophy Chhattisgarh बनाम पंजाब मुकाबले का नतीजा
नई चंडीगढ़ के पीसीए इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में पंजाब ने पहली पारी में 456 रन बनाए। इसके जवाब में छत्तीसगढ़ की टीम पहली पारी में 206 रन पर सिमट गई। इस प्रदर्शन के बाद पंजाब को फॉलोऑन देने का मौका मिला।
छत्तीसगढ़ ने दूसरी पारी में बेहतर बल्लेबाजी करते हुए 335 रन बनाए, लेकिन पहली पारी में मिली बड़ी बढ़त को खत्म नहीं कर सकी। पंजाब को जीत के लिए 86 रन का लक्ष्य मिला, जिसे टीम ने तीन विकेट खोकर हासिल कर लिया। इस तरह पंजाब ने सात विकेट से मुकाबला अपने नाम किया।
हरप्रीत बराड़ की घातक गेंदबाजी
पंजाब की जीत में हरप्रीत बराड़ ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने छत्तीसगढ़ की पहली पारी में 56 रन देकर सात विकेट लिए। उनकी सटीक लाइन-लेंथ और स्पिन ने बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।
बराड़ ने दूसरी पारी में भी दो विकेट हासिल किए। इस तरह उन्होंने पूरे मुकाबले में 173 रन देकर कुल नौ विकेट अपने नाम किए। सूखी पिच पर उनकी गेंदबाजी छत्तीसगढ़ के लिए बड़ी चुनौती साबित हुई।
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पंजाब के अन्य गेंदबाजों ने भी उनका साथ दिया। दूसरी पारी में इमनजोत सिंह चहल ने तीन विकेट लिए, जबकि हरजस सिंह को भी तीन सफलताएं मिलीं। लगातार विकेट गिरने से छत्तीसगढ़ की टीम बड़े लक्ष्य तक पहुंचने के बावजूद पंजाब को चुनौती नहीं दे सकी।
पहली पारी में छत्तीसगढ़ की बल्लेबाजी लड़खड़ाई
पंजाब ने पहली पारी में 456 रन बनाकर मजबूत स्थिति तैयार की। कप्तान उदय सहारन ने 161 रन की बड़ी पारी खेली, जबकि विकेटकीपर बल्लेबाज सलिल अरोड़ा ने 107 रन बनाए। दोनों की पारियों ने पंजाब को विशाल स्कोर तक पहुंचाने में मदद की।
इसके जवाब में छत्तीसगढ़ की पहली पारी 206 रन पर समाप्त हो गई। हरप्रीत बराड़ की स्पिन के सामने बल्लेबाज नियमित अंतराल पर आउट होते रहे। टीम पंजाब के स्कोर के आसपास भी नहीं पहुंच सकी और उसे फॉलोऑन खेलना पड़ा।
आयुष पांडे और अमनदीप खरे का संघर्ष
पहली पारी में पिछड़ने के बाद छत्तीसगढ़ ने दूसरी पारी में वापसी की कोशिश की। आयुष पांडे ने धैर्य के साथ बल्लेबाजी करते हुए 252 गेंदों पर 111 रन बनाए। उनकी पारी ने टीम को संभलने का अवसर दिया और मैच को आगे बढ़ाया।
अमनदीप खरे ने भी दोनों पारियों में योगदान दिया। पहली पारी में उन्होंने 91 रन बनाए, जबकि दूसरी पारी में 62 रन की पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों के प्रयास से छत्तीसगढ़ दूसरी पारी में 335 रन तक पहुंचा।
हालांकि, दूसरी पारी का यह सुधार जीत के लिए पर्याप्त नहीं रहा। पहली पारी में मिली बड़ी बढ़त के कारण पंजाब को लक्ष्य का पीछा करने में ज्यादा परेशानी नहीं हुई।
पंजाब ने कैसे हासिल की जीत?
छत्तीसगढ़ की दूसरी पारी समाप्त होने के बाद पंजाब के सामने 86 रन का लक्ष्य था। टीम ने 16.5 ओवर में तीन विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। उदय सहारन 40 रन बनाकर नाबाद रहे, जबकि सलिल अरोड़ा 10 रन बनाकर नाबाद लौटे।
इस जीत में पंजाब की बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों का योगदान रहा। पहली पारी में बड़े स्कोर ने टीम को बढ़त दिलाई और गेंदबाजों ने छत्तीसगढ़ को 206 रन पर रोककर मैच पर नियंत्रण मजबूत किया।
Ranji Trophy Chhattisgarh टीम के लिए यह मुकाबला बल्लेबाजी में निरंतरता और पहली पारी में मजबूत स्कोर बनाने की अहमियत को दिखाता है। आयुष पांडे और अमनदीप खरे की कोशिशों के बावजूद टीम शुरुआती नुकसान की भरपाई नहीं कर सकी। दूसरी ओर, हरप्रीत बराड़ के नौ विकेट और पंजाब के बल्लेबाजों की बड़ी पारियों ने सात विकेट की जीत सुनिश्चित की। छत्तीसगढ़ के लिए आगे के मुकाबलों में शुरुआती पारी में बेहतर प्रदर्शन करना अहम रहेगा।
