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38 दिन बाद केके रेल लाइन पर लौटी यात्री ट्रेनें

Murasu Storm In Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के बस्तर में रेल यात्रियों को लंबे इंतजार के बाद 2 नवंबर को बड़ी राहत मिली। 24 सितंबर को भूस्खलन के कारण बंद हुई केके रेल लाइन (कोत्तावलसा-किरंदुल रेल मार्ग) पर करीब 38 दिनों बाद तीन यात्री ट्रेनों का परिचालन दोबारा शुरू कर दिया गया। हालांकि, यात्री अभी पूरी तरह राहत की सांस नहीं ले पाए हैं। एक तरफ केके रेल लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही बहाल हुई है, तो दूसरी तरफ चक्रवातों के प्रभाव से कई प्रमुख रेल सेवाएं प्रभावित हैं।

बस्तर के हजारों यात्रियों के लिए यह रेल मार्ग बेहद महत्वपूर्ण है। जगदलपुर और किरंदुल से विशाखापट्टनम सहित दूसरे प्रमुख शहरों तक आवागमन के लिए यात्री इसी रेल नेटवर्क पर निर्भर रहते हैं।

केके रेल लाइन के मालिगुड़ा-जर्ती सेक्शन में सितंबर में हुए भीषण भूस्खलन से रेलवे ट्रैक और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा था। इसके बाद रेलवे ने मरम्मत और बहाली का काम शुरू किया।

रेलवे के अनुसार, 22 अक्टूबर की रात तक प्रभावित हिस्से में मरम्मत का काम पूरा कर लिया गया था। इसके बाद 23 अक्टूबर से सुरक्षा संबंधी सावधानियों के साथ मालगाड़ियों का परिचालन शुरू हुआ। यात्री ट्रेनों को बहाल करने में सुरक्षा जांच के कारण अतिरिक्त समय लगा।

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Murasu Storm In Chhattisgarh से बढ़ी यात्रियों की परेशानी

केके रेल लाइन पर यात्री सेवाएं बहाल होने के बीच चक्रवात मुरासु ने रेल यातायात को लेकर नई चिंता बढ़ा दी। 3 नवंबर 2026 को मुरासु के आंध्र प्रदेश तट पर पहुंचने के दौरान तेज हवाओं और भारी बारिश की आशंका के चलते रेलवे ने सुरक्षा के मद्देनजर कई सेवाओं में बदलाव किए।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मुरासु आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्र में गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में पहुंचा। इसका असर रेल परिचालन और यात्रियों की आवाजाही पर भी पड़ा।

हालांकि, बस्तर की कुछ ट्रेनों के रद्द होने का कारण पहले आए चक्रवात अर्नब से जुड़ी परिचालन संबंधी बाधाएं भी थीं। इसलिए दोनों तूफानों के प्रभाव को अलग-अलग समझना जरूरी है।

बस्तर की कौन-कौन सी ट्रेनें हुईं प्रभावित?

2 नवंबर को केके रेल लाइन पर तीन यात्री ट्रेनों का परिचालन दोबारा शुरू हुआ। इनमें शामिल हैं:

  1. किरंदुल-विशाखापट्टनम पैसेंजर।
  2. जगदलपुर-भुवनेश्वर हीराखंड एक्सप्रेस।
  3. जगदलपुर-हावड़ा समलेश्वरी एक्सप्रेस।

इन ट्रेनों की वापसी से बस्तर के यात्रियों को राहत मिली। लेकिन जगदलपुर-राउरकेला इंटरसिटी और विशाखापट्टनम-किरंदुल एक्सप्रेस की नियमित सेवाओं को लेकर यात्रियों का इंतजार बना हुआ था।

इसके अलावा, चक्रवात अर्नब के कारण कई सेवाएं अलग-अलग तारीखों में रद्द की गई थीं। हावड़ा-जगदलपुर समलेश्वरी एक्सप्रेस 27 से 30 अक्टूबर और जगदलपुर-हावड़ा समलेश्वरी एक्सप्रेस 28 से 31 अक्टूबर तक प्रभावित रही।

राउरकेला-जगदलपुर इंटरसिटी 29 अक्टूबर से 4 नवंबर और जगदलपुर-राउरकेला इंटरसिटी 30 अक्टूबर से 5 नवंबर तक रद्द निर्धारित की गई थी। विशाखापट्टनम-किरंदुल एक्सप्रेस की दोनों दिशाओं की सेवाएं भी 29 अक्टूबर से 4 नवंबर तक प्रभावित रहीं।

40 से अधिक ट्रेनें रद्द, कई के बदले रास्ते और समय

Murasu Storm In Chhattisgarh के प्रभाव से रेलवे परिचालन में व्यापक बदलाव किए गए। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, अलग-अलग तारीखों में 40 से अधिक ट्रेनें रद्द की गईं, 40 से अधिक ट्रेनों के मार्ग बदले गए, 16 ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट किया गया और करीब 30 ट्रेनों के समय में बदलाव किया गया।

आंध्र प्रदेश के इचापुरम-ज्हाडुपुड़ी रेलखंड में ब्रिज नंबर 1052 के पास पानी का बहाव बढ़ने से रेल परिचालन रोकना पड़ा था। पानी का स्तर कम होने के बाद 29 अक्टूबर की रात 9:30 बजे एक लाइन पर और 30 अक्टूबर को दोपहर 3:45 बजे दूसरी लाइन पर परिचालन बहाल किया गया।

हालांकि, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रभावित रेलखंड पर ट्रेनों को निर्धारित गति सीमा के साथ चलाया गया।

रेलवे ने यात्रियों के लिए किए विशेष इंतजाम

तूफान और रेल परिचालन में बदलाव के कारण यात्रियों को होने वाली परेशानी कम करने के लिए रेलवे प्रशासन ने प्रमुख स्टेशनों पर हेल्प डेस्क स्थापित किए। इसके अलावा पेयजल और भोजन की व्यवस्था भी की गई।

दक्षिण तटीय रेलवे के महाप्रबंधक संदीप माथुर और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी बहाली एवं सुरक्षा संबंधी तैयारियों की निगरानी की।

रेलवे प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में ट्रैक, पुल और सिग्नलिंग व्यवस्था की निगरानी बढ़ाई। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जरूरी सावधानियां बरती गईं।

कब सामान्य होगा बस्तर का रेल यातायात?

बस्तर के यात्रियों के लिए 2 नवंबर का दिन राहत लेकर आया, क्योंकि करीब 38 दिनों बाद केके रेल लाइन पर यात्री ट्रेनों की आवाजाही शुरू हुई। लेकिन सभी सेवाओं के नियमित संचालन की स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है।

यात्रियों को सलाह है कि यात्रा शुरू करने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति, रूट और समय की जानकारी जरूर जांच लें। इसके लिए रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट NTES – National Train Enquiry System का इस्तेमाल किया जा सकता है।

मौसम और चक्रवात से जुड़ी आधिकारिक जानकारी के लिए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की वेबसाइट भी देख सकते हैं।

Murasu Storm In Chhattisgarh और पिछले दिनों की प्राकृतिक आपदाओं ने बस्तर की रेल कनेक्टिविटी के सामने बड़ी चुनौती खड़ी की है। 38 दिनों बाद केके रेल लाइन पर तीन यात्री ट्रेनों की बहाली निश्चित रूप से राहत की खबर है, लेकिन बाकी सेवाओं का नियमित संचालन शुरू होना भी जरूरी है। अब बस्तर के यात्रियों को उम्मीद है कि रेलवे जल्द ही सभी प्रभावित सेवाओं को सामान्य करेगा और जगदलपुर सहित पूरे क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी पहले की तरह सुचारु हो सकेगी।

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