MGNREGA Durg के तहत दुर्ग जिले में ग्रामीण श्रमिकों को बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के माध्यम से जिले की सभी ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य संचालित हैं, जिससे हजारों परिवारों की आजीविका मजबूत हो रही है। साथ ही जल संरक्षण और ग्रामीण अधोसंरचना विकास को भी नई गति मिली है।
वर्तमान में जिले में प्रतिदिन 74 हजार 128 श्रमिक मनरेगा कार्यों में रोजगार प्राप्त कर रहे हैं। जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में कुल 3923 निर्माण कार्य संचालित हैं और मांग के अनुसार लगातार नए श्रमिकों को कार्य उपलब्ध कराया जा रहा है।
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MGNREGA Durg के तहत 74 हजार से अधिक श्रमिकों को रोजगार
मनरेगा योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने की सबसे महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक है। MGNREGA Durg के तहत वर्तमान में हजारों श्रमिक गांवों में ही रोजगार प्राप्त कर रहे हैं, जिससे उन्हें रोजगार के लिए शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ रहा।
प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले का कोई भी जॉब कार्डधारी रोजगार से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य से सभी ग्राम पंचायतों में पर्याप्त संख्या में निर्माण कार्य संचालित किए जा रहे हैं।
जनपद पंचायतवार रोजगार की स्थिति
दुर्ग जिले के तीनों प्रमुख जनपद पंचायत क्षेत्रों में बड़ी संख्या में श्रमिक रोजगार प्राप्त कर रहे हैं।
जनपद पंचायत दुर्ग
जनपद पंचायत दुर्ग के अंतर्गत 1048 निर्माण कार्य संचालित हैं। इन कार्यों में 15 हजार 908 श्रमिक कार्यरत हैं।
जनपद पंचायत धमधा
धमधा क्षेत्र में 1687 निर्माण कार्य चल रहे हैं, जिनमें 30 हजार 855 श्रमिकों को रोजगार मिल रहा है।
जनपद पंचायत पाटन
पाटन जनपद पंचायत में 1188 निर्माण कार्य संचालित हैं और 27 हजार 365 श्रमिक रोजगार प्राप्त कर रहे हैं।
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि MGNREGA Durg ग्रामीण रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
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जल संरक्षण और ग्रामीण विकास को मिली मजबूती
मनरेगा के अंतर्गत केवल रोजगार ही नहीं बल्कि स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण भी किया जा रहा है।
वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों में निम्नलिखित कार्य प्राथमिकता से संचालित किए जा रहे हैं—
- अमृत सरोवर निर्माण
- नवीन तालाब निर्माण
- तालाब गहरीकरण
- डबरी निर्माण
- वाटर हार्वेस्टिंग टैंक (WAT)
- कच्ची सिंचाई नाली निर्माण
- अन्य मजदूरी मूलक विकास कार्य
इन कार्यों से जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन और कृषि उत्पादन क्षमता को बढ़ावा मिल रहा है।
MGNREGA Durg के तहत ₹28.50 करोड़ से अधिक मजदूरी भुगतान
प्रशासन द्वारा श्रमिकों को समय पर मजदूरी भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है। बैंक खातों और आधार सत्यापन की प्रक्रिया को प्राथमिकता से पूरा किया गया है, जिससे मजदूरी सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंच रही है।
अब तक कुल ₹28 करोड़ 50 लाख 40 हजार की मजदूरी राशि का भुगतान किया जा चुका है।
भुगतान का विवरण
- जनपद पंचायत दुर्ग – ₹10 करोड़ 15 लाख 96 हजार
- जनपद पंचायत धमधा – ₹8 करोड़ 92 लाख 47 हजार
- जनपद पंचायत पाटन – ₹7 करोड़ 27 लाख 68 हजार
- अन्य क्रियान्वयन एजेंसियां – ₹2 करोड़ 14 लाख 29 हजार
इस व्यवस्था से भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुगम बनी है।
वर्ष 2026-27 के लिए स्वीकृत नए निर्माण कार्य
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दुर्ग बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि वर्ष 2026-27 में बड़े पैमाने पर मजदूरी मूलक निर्माण कार्यों को स्वीकृति दी गई है।
स्वीकृत राशि का विवरण
जनपद पंचायत दुर्ग
73 निर्माण कार्यों के लिए ₹587.41 लाख स्वीकृत।
जनपद पंचायत धमधा
61 निर्माण कार्यों के लिए ₹475.17 लाख स्वीकृत।
जनपद पंचायत पाटन
154 निर्माण कार्यों के लिए ₹1356.28 लाख स्वीकृत।
इस प्रकार जिले में कुल 288 निर्माण कार्यों के लिए ₹2418.86 लाख की राशि स्वीकृत की गई है।
प्रशासन की रणनीति और निगरानी व्यवस्था
कलेक्टर अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन तथा जिला पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बजरंग कुमार दुबे के निर्देशन में विशेष रोजगार अभियान चलाया जा रहा है।
सभी मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, कार्यक्रम अधिकारियों और मैदानी अमले को निर्देश दिए गए हैं कि श्रमिकों की मांग के अनुसार तत्काल रोजगार उपलब्ध कराया जाए।
साथ ही तकनीकी सहायकों को गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य सुनिश्चित करने, सूचना बोर्ड लगाने और नियमित निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
MGNREGA Durg से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा दीर्घकालिक लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि MGNREGA Durg के तहत संचालित निर्माण कार्य आने वाले वर्षों में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे।
जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण से किसानों को सिंचाई सुविधा मिलेगी, भू-जल स्तर सुधरेगा और कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक स्थिति और अधिक सुदृढ़ होगी।
MGNREGA Durg दुर्ग जिले के ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन का मजबूत आधार बनकर उभरा है। 74 हजार से अधिक श्रमिकों को प्रतिदिन रोजगार, 3923 निर्माण कार्यों का संचालन, ₹28.50 करोड़ से अधिक मजदूरी भुगतान और करोड़ों रुपये के नए विकास कार्यों की स्वीकृति इस योजना की सफलता को दर्शाती है। MGNREGA Durg न केवल रोजगार उपलब्ध करा रहा है बल्कि जल संरक्षण, कृषि विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी दीर्घकालिक मजबूती प्रदान कर रहा है।
