4thnation

Kanker Kisan Sangoshthi: धान के साथ दलहन-तिलहन अपनाएं, दूसरी फसल लगाने पर मिलेंगे ₹15,000 प्रति एकड़

Kanker Kisan Sangoshthi में शामिल होकर छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने किसानों से खेती में विविधता लाने का आह्वान किया। कांकेर कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित किसान संगोष्ठी में उन्होंने कहा कि किसान केवल धान पर निर्भर न रहें, बल्कि दलहन, तिलहन, मक्का और अन्य कम लागत वाली फसलों की खेती भी करें। इससे पानी की बचत होगी, उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में भी वृद्धि होगी।

इस अवसर पर किसानों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन तथा आत्मनिर्भरता दलहन-तिलहन मिशन के तहत दलहन बीजों का वितरण भी किया गया। कार्यक्रम में विधायक आशाराम नेताम और कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल परदेशी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

👉 4thNation WhatsApp Channel से जुड़ें: https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j


Kanker Kisan Sangoshthi में किसानों को दी गई महत्वपूर्ण सलाह

Kanker Kisan Sangoshthi को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि किसानों को कम पानी और कम लागत वाली फसलों की ओर बढ़ना चाहिए। उन्होंने धान के साथ दलहन-तिलहन की खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया और कहा कि इससे प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा तथा किसानों को अधिक लाभ मिलेगा।

उन्होंने खेतों की मेड़ों पर मुनगा (सहजन) लगाने, अरहर की खेती को बढ़ावा देने और मिश्रित खेती अपनाने की भी सलाह दी। उनके अनुसार इससे मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर होगी और किसानों की आय के कई स्रोत विकसित होंगे।


₹15,000 प्रति एकड़ सहायता की घोषणा से किसानों को बड़ी राहत

Kanker Kisan Sangoshthi में कृषि मंत्री ने किसानों के लिए सरकार की महत्वपूर्ण योजना की जानकारी भी साझा की।

उन्होंने बताया कि जिन किसानों ने पिछले खरीफ सीजन में धान की खेती की थी और इस वर्ष खरीफ सीजन में धान के स्थान पर मक्का, दलहन या तिलहन जैसी वैकल्पिक फसलें लगाएंगे, उन्हें शासन की ओर से प्रति एकड़ 15 हजार रुपये की आदान सहायता प्रदान की जाएगी।

उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य जल संरक्षण, फसल विविधीकरण और किसानों की आय बढ़ाना है।

यह भी पढ़ें: PM Surya Ghar Yojana: 3KW सोलर प्लांट लगते ही छह महीने से जीरो आया बिजली बिल, हर महीने हजारों रुपये की बचत


जैविक खेती, पशुपालन और मछलीपालन अपनाने की अपील

कृषि मंत्री ने किसानों को केवल खेती तक सीमित न रहने की सलाह देते हुए पशुपालन, मछलीपालन और मुर्गीपालन को भी आय का मजबूत माध्यम बताया।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक घर में गाय का पालन करने से परिवार की पोषण संबंधी जरूरतें पूरी होंगी, अतिरिक्त आय प्राप्त होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

साथ ही उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए किसानों से जैविक खेती अपनाने की अपील की। उनका कहना था कि लगातार रासायनिक खादों के उपयोग से भूमि की उर्वरा शक्ति प्रभावित हो रही है।

👉 4thNation WhatsApp Channel से जुड़ें: https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j


Kanker Kisan Sangoshthi के दौरान मिलेट प्रोसेसिंग और कड़कनाथ हेचरी का निरीक्षण

Kanker Kisan Sangoshthi के बाद कृषि मंत्री ने कृषि विज्ञान केंद्र में लक्ष्मी स्वसहायता समूह द्वारा संचालित मिलेट प्रोसेसिंग यूनिट का निरीक्षण किया।

समूह की महिलाओं ने बताया कि कोदो, कुटकी और रागी की प्रोसेसिंग एवं विपणन से प्रत्येक सदस्य को हर महीने लगभग 6 से 7 हजार रुपये की अतिरिक्त आय हो रही है।

मंत्री ने समूह को कृषि विज्ञान केंद्र की मेड़ों पर चार चिरौंजी के पौधे लगाने के लिए प्रोत्साहित किया ताकि भविष्य में आय के नए स्रोत विकसित हो सकें।

इसके बाद उन्होंने कड़कनाथ हेचरी का भी निरीक्षण किया और वैज्ञानिकों से किसानों को प्रशिक्षण तथा चूजों की उपलब्धता के संबंध में जानकारी प्राप्त की।


कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में किया पौधरोपण

कार्यक्रम के दौरान कृषि मंत्री रामविचार नेताम और विधायक आशाराम नेताम ने कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में नारियल का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

इस अवसर पर कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, कृषि विभाग के संचालक राहुल देव, पशुधन विकास विभाग के संचालक चंद्रकांत वर्मा, मछलीपालन विभाग के संचालक नारायण सिंह नाग, जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी, वरिष्ठ वैज्ञानिक बीरबल साहू, डॉ. नितिन रस्तोगी, नरेंद्र तायड़े सहित कृषि, पशुपालन और मत्स्य विभाग के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।


Kanker Kisan Sangoshthi किसानों के लिए नई कृषि रणनीति और आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुई। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने फसल विविधीकरण, जैविक खेती, पशुपालन, मिलेट उत्पादन और जल संरक्षण पर जोर देते हुए किसानों को आधुनिक और टिकाऊ कृषि पद्धतियां अपनाने का संदेश दिया। साथ ही धान के स्थान पर अन्य फसलें लगाने पर ₹15,000 प्रति एकड़ सहायता की घोषणा किसानों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है। Kanker Kisan Sangoshthi से यह स्पष्ट संदेश मिला कि कृषि में विविधता ही भविष्य की समृद्धि का आधार बनेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *