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मध्यप्रदेश के जबलपुर में मिला विशाल सोने का भंडार, 100 हेक्टेयर में फैला खजाना

जबलपुर, 6 अगस्त 2025:
मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले के सिहोरा तहसील के महंगवा केवलारी क्षेत्र में विशाल सोने के भंडार की पुष्टि हुई है। यह जानकारी राज्य के खान एवं भू-विज्ञान विभाग की क्षेत्रीय टीम द्वारा किए गए एक विस्तृत भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण के बाद सामने आई है। सर्वे में यह भी खुलासा हुआ है कि इस क्षेत्र में तांबा और अन्य कीमती धातुएं भी पाई गई हैं।

📍 100 हेक्टेयर में फैली संभावनाएं

प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, सोने की ये परतें लगभग 100 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यहां लाखों टन सोना हो सकता है। यदि यह अनुमान सही साबित होता है, तो जबलपुर भारत के सबसे समृद्ध खनिज क्षेत्रों में शामिल हो जाएगा।

🧪 वैज्ञानिकों ने की पुष्टि

खनिज संसाधन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया,

“रासायनिक विश्लेषण में साफ तौर पर सोने, तांबे और अन्य बहुमूल्य खनिजों की पुष्टि हुई है। यह खोज केंद्रीय भारत की अब तक की सबसे बड़ी खनिज खोजों में से एक हो सकती है।”

⛏️ पहले से मौजूद है खनन संरचना

जबलपुर जिला पहले से ही लौह अयस्क, मैंगनीज, चूना पत्थर और सिलिका सैंड के खनन में अग्रणी रहा है। यहां 42 ऑपरेशनल माइंस हैं, जिनमें से अधिकांश का निर्यात चीन सहित कई देशों को किया जाता है। इस वजह से, नई खदानों की स्थापना की तुलना में सोने की खुदाई कम लागत में शुरू हो सकती है।

🧭 कटनी में भी मिले थे संकेत

यह खोज उस समय और भी महत्वपूर्ण हो जाती है जब कटनी जिले में पहले मिले संकेतों को अब यह पुष्टि मजबूत करती है। वर्षों पहले कटनी में सोने की उपस्थिति के संकेत मिले थे, लेकिन उन्हें पर्याप्त वैज्ञानिक पुष्टि नहीं मिल पाई थी। अब जबलपुर में सोने की उपस्थिति ने उस संभावना को भी नया जीवन दे दिया है।

🚀 भविष्य की दिशा

अब अगले चरण में गहराई से अन्वेषण किया जाएगा ताकि यह पता चल सके कि यह खनिज भंडार आर्थिक रूप से व्यावसायिक खनन के लिए उपयुक्त है या नहीं। यदि यह परियोजना शुरू होती है, तो इससे स्थानीय रोजगार, राज्य का राजस्व, और राष्ट्रीय स्वर्ण भंडार तीनों में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।

राज्य सरकार ने संकेत दिए हैं कि इस खोज के बाद क्षेत्र में औद्योगिक निवेश में तेजी आ सकती है, जिससे जबलपुर का आर्थिक और औद्योगिक कद और बढ़ेगा।