Chhattisgarh News में आज छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और राहत देने वाली खबर आई है। राज्य के कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम ने आगामी खरीफ सीजन 2026 के लिए उर्वरक उपलब्धता और वितरण को लेकर कई बड़े और अहम फैसलों की घोषणा की है।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि DAP (डाई-अमोनियम फास्फेट) के अनियमित और अत्यधिक उठाव की जानकारी सरकार को मिली है, जिससे अन्य किसानों के लिए प्रतिकूल स्थिति बन सकती है। इस पर तत्काल नियंत्रण के लिए सरकार ने कठोर कदम उठाए हैं।
यह Chhattisgarh News राज्य के लाखों किसानों के लिए सीधे तौर पर प्रासंगिक है, जो खरीफ सीजन की तैयारी में जुटे हैं।
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कृषि मंत्री रामविचार नेताम का बड़ा बयान – Chhattisgarh News
कृषि मंत्री श्री नेताम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य सरकार ने आगामी खरीफ सीजन के लिए रासायनिक उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता पहले से ही सुनिश्चित कर ली है।
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपनी भूमि धारिता एवं पात्रता के अनुसार ही उर्वरकों का भंडारण करें। अनावश्यक या अधिक मात्रा में DAP का भंडारण करने से अन्य किसान भाई इस योजना के लाभ से वंचित हो सकते हैं।
मंत्री ने यह भी बताया कि वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और न्यायसंगत बनाने के लिए सरकार ने सभी किसानों को शत-प्रतिशत पहचान पत्र उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए हैं। इससे उर्वरकों की कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगेगी और जरूरतमंद किसानों तक सहायता पहुंच सकेगी।
Chhattisgarh News – AgriStack पोर्टल के आधार पर होगा उर्वरक वितरण
Chhattisgarh News के लिए यह एक तकनीकी और पारदर्शिता की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण निर्णय है। मंत्री नेताम ने घोषणा की कि इस खरीफ मौसम में उर्वरकों का वितरण एग्रीस्टेक (AgriStack) पोर्टल में दर्ज रकबे के आधार पर किया जाएगा।
इस डिजिटल प्रणाली से यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी किसान अपनी जमीन से अधिक उर्वरक न ले सके। यह कदम उर्वरक वितरण में व्याप्त अनियमितताओं पर एक स्थायी और तकनीकी समाधान है।
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि इस प्रणाली में किसी प्रकार की त्रुटि पाई जाती है तो सरकार समस्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह सजग है।
नील हरित काई – यूरिया का जैविक और सस्ता विकल्प
मंत्री नेताम ने बताया कि राज्य सरकार ने वैकल्पिक पौध पोषण स्रोतों के लिए एक आकस्मिक कार्य योजना भी तैयार कर ली है। इसके तहत “नील हरित काई” (Blue Green Algae) को एक महत्वपूर्ण जैविक विकल्प के रूप में चिन्हित किया गया है।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने इस नील हरित काई के मदर कल्चर के उत्पादन की तैयारी शुरू कर दी है। अप्रैल 2026 से इसका वृहद उत्पादन कृषि विज्ञान केंद्रों, शासकीय उद्यान रोपणियों एवं शासकीय कृषि प्रक्षेत्रों में किया जाएगा।
किसानों को कैसे मिलेगा फायदा?
नील हरित काई का उपयोग करके किसान वायुमंडलीय नाइट्रोजन को सीधे मिट्टी में स्थिर कर सकते हैं। यह यूरिया के समकक्ष पोषक तत्व पौधों को प्रदान करता है, लेकिन लागत बहुत कम आती है।
खरीफ मौसम में ज्यादा से ज्यादा किसानों को यह कल्चर उपलब्ध कराया जाएगा। इससे किसानों की रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होगी और उत्पादन लागत में भी कमी आएगी।
हरी खाद और ढेंचा – मंडी निधि से मिलेगी सीधी मदद
मंत्री ने बताया कि हरी खाद के रूप में ढेंचा और अन्य दलहनी फसलों के कृषक प्रक्षेत्रों में उपयोग को बढ़ावा देने के लिए मंडी निधि से आवश्यक राशि की व्यवस्था की जा रही है।
इस योजना के तहत समस्त जिलों को किसान और क्षेत्र चयन के निर्देश दे दिए गए हैं। हरी खाद न केवल मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाती है बल्कि रासायनिक उर्वरकों की खपत को भी उल्लेखनीय रूप से कम करती है।
यह Chhattisgarh News छत्तीसगढ़ की जैविक और टिकाऊ कृषि की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
Chhattisgarh News – उड़न दस्ता तैनात, कालाबाजारी पर होगी कड़ी कार्रवाई
सरकार ने उर्वरकों की कालाबाजारी और अवैध भंडारण को रोकने के लिए उड़न दस्ता (Flying Squad) और निरीक्षकों की नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए हैं।
यह दस्ता निम्नलिखित गतिविधियों पर नजर रखेगा और कड़ी कार्रवाई करेगा:
अवैध भंडारण: पात्रता से अधिक उर्वरक जमा करने वालों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
अधिक मूल्य पर विक्रय: निर्धारित मूल्य से ज्यादा दाम पर उर्वरक बेचने वाले विक्रेताओं पर जुर्माना और लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई होगी।
अन्य अनियमितताएं: वितरण श्रृंखला में किसी भी प्रकार की अनियमितता पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाएगी।
यह कदम Chhattisgarh News के नजरिए से उन लाखों किसानों के लिए राहत की खबर है जो पिछले वर्षों में कालाबाजारी के शिकार हो चुके हैं।
नैनो उर्वरक – कम लागत में अधिकतम उत्पादन
मंत्री नेताम ने बताया कि प्रदेश में नैनो उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी। नैनो उर्वरक पारंपरिक उर्वरकों की तुलना में न्यूनतम लागत पर प्रति इकाई अधिकतम उत्पादन देते हैं।
सरकार किसानों को नैनो उर्वरक के प्रभावी उपयोग के बारे में जागरूक करने और प्रशिक्षण देने के लिए सघन अभियान चलाएगी। यह अभियान ग्राम पंचायत और कृषि विज्ञान केंद्र स्तर पर संचालित किया जाएगा।
धान खरीदी में छत्तीसगढ़ ने बनाया ऐतिहासिक कीर्तिमान
437 लाख मीट्रिक टन की रिकॉर्ड खरीदी
कृषि मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ भारत के कृषि परिदृश्य में एक अग्रणी राज्य के रूप में उभरा है।
पिछले तीन खरीफ सीजन में राज्य सरकार ने कुल लगभग 437 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी कर एक नया और ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है। इसमें अकेले खरीफ सीजन 2025-26 में 142 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी शामिल है।
किसानों के खाते में 1.40 लाख करोड़ रुपये
इस रिकॉर्ड खरीदी के परिणामस्वरूप किसानों के बैंक खातों में सीधे लगभग 1 लाख 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है।
यह राशि न केवल छत्तीसगढ़ के इतिहास में सबसे बड़ा कृषि भुगतान है, बल्कि देश में किसानों को उपज का सर्वाधिक मूल्य देने वाले राज्य के रूप में छत्तीसगढ़ की पहचान को और मजबूत करती है।
| खरीफ सीजन | धान खरीदी |
|---|---|
| 2023-24 | रिकॉर्ड खरीदी |
| 2024-25 | रिकॉर्ड खरीदी |
| 2025-26 | 142 LMT |
| कुल (3 वर्ष) | ~437 LMT |
केंद्र और राज्य सरकार अलर्ट मोड पर – पश्चिम एशिया संकट का असर
मंत्री नेताम ने बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण वैश्विक उर्वरक आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव पड़ा है। इसे देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के मार्गदर्शन में केंद्र और राज्य सरकार अलर्ट मोड पर काम कर रही है।
केंद्रीय स्तर पर उच्चस्तरीय बैठकें निरंतर जारी हैं। सरकार का एकमात्र उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को खाद, बीज और कीटनाशकों की उपलब्धता में किसी प्रकार की कोई दिक्कत न हो।
यह Chhattisgarh News राज्य के किसानों के लिए यह संदेश है कि राज्य और केंद्र — दोनों सरकारें उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हैं।
Chhattisgarh News: किसानों के लिए सबसे बड़ी राहत की खबर
Chhattisgarh News में आज कृषि मंत्री रामविचार नेताम के इन 7 बड़े फैसलों ने यह साबित कर दिया है कि छत्तीसगढ़ सरकार अपने किसानों के हितों की रक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
DAP कालाबाजारी पर उड़न दस्ते की तैनाती, AgriStack पोर्टल से पारदर्शी वितरण, नील हरित काई का जैविक विकल्प, नैनो उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता और 437 LMT धान खरीदी का ऐतिहासिक रिकॉर्ड — ये सब मिलकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की किसान-केंद्रित शासन व्यवस्था की मिसाल पेश करते हैं।
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