रायपुर, 17 मई 2026।
Sushasan Tihar की ऐतिहासिक सौगात – धरमजयगढ़ को 100 बेड अस्पताल
Sushasan Tihar के तहत छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने वनांचल क्षेत्र धरमजयगढ़ के लिए एक ऐतिहासिक और जीवन बदलने वाली सौगात की घोषणा की है।
रायगढ़ जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र धरमजयगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम गंवरघुटरी में अब 100 बिस्तरों वाला अत्याधुनिक बहुउद्देशीय अस्पताल स्थापित किया जाएगा।
यह अस्पताल गरीब, आदिवासी और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील पहल और राज्य शासन की जनकल्याणकारी सोच का यह एक अद्भुत परिणाम है।
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गंवरघुटरी गाँव में बनेगा अत्याधुनिक अस्पताल – पूरी जानकारी
रायगढ़ जिले का धरमजयगढ़ विकासखंड दशकों से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की प्रतीक्षा कर रहा था।
ग्राम गंवरघुटरी, तहसील धरमजयगढ़ अब स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाने जा रहा है।
यहाँ बनने वाला 100 बिस्तरों का यह अस्पताल न केवल धरमजयगढ़, बल्कि आसपास के समस्त वनांचल ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों परिवारों के लिए वरदान साबित होगा।
विशेष रूप से आदिवासी समुदाय और गरीब वर्ग के लोगों को इससे सबसे अधिक लाभ मिलेगा।
अजीम प्रेमजी फाउंडेशन को 2 हेक्टेयर भूमि आबंटन
छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार ग्राम गंवरघुटरी में स्थित 2 हेक्टेयर भूमि को 30 वर्ष की अस्थायी लीज पर अजीम प्रेमजी फाउंडेशन को आबंटित किया गया है।
अजीम प्रेमजी फाउंडेशन देश में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्यरत एक प्रतिष्ठित और विश्वसनीय संस्था है।
इस भूमि पर फाउंडेशन द्वारा गरीबों और जरूरतमंद लोगों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह विशाल अस्पताल बनाया जाएगा।
भूमि आबंटन की प्रमुख शर्तें
शासन द्वारा निर्धारित शर्तों के अनुसार आबंटित भूमि का उपयोग केवल अस्पताल एवं स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित कार्यों के लिए ही किया जा सकेगा।
पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, जल एवं वायु प्रदूषण नियंत्रण संबंधी नियमों तथा अन्य वैधानिक प्रावधानों का पालन करना अनिवार्य होगा।
समय-समय पर प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा भूमि उपयोग का निरीक्षण भी किया जाता रहेगा।
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CM विष्णुदेव साय ने Sushasan Tihar में दिया बड़ा संदेश
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय शनिवार को Sushasan Tihar के तहत प्रदेशव्यापी कार्यक्रम के अंतर्गत रायगढ़ जिले के दौरे पर पहुंचे थे।
इस दौरान उन्होंने बिलासपुर संभाग के जांजगीर-चांपा, कोरबा और रायगढ़ जिलों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली।
समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने अजीम प्रेमजी फाउंडेशन को भूमि आबंटन आदेश की प्रति सौंपी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा –
“राज्य सरकार का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक विकास और मूलभूत सुविधाएं पहुंचाना है। दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है।”
Sushasan Tihar में उपस्थित प्रमुख जनप्रतिनिधि
इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय के साथ कई प्रमुख जनप्रतिनिधि विशेष रूप से उपस्थित रहे –
- श्री ओपी चौधरी – प्रदेश के वित्तमंत्री
- श्री राधेश्याम राठिया – सांसद
- श्री देवेंद्र प्रताप सिंह – राज्यसभा सांसद
- अन्य जनप्रतिनिधिगण
इन सभी की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को और अधिक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण बना दिया।
अस्पताल में मिलेंगी ये 6 प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं
यह 100 बेड का अत्याधुनिक अस्पताल वनांचल क्षेत्र के लोगों के लिए एक सम्पूर्ण स्वास्थ्य केंद्र के रूप में कार्य करेगा। यहाँ निम्नलिखित सुविधाएं उपलब्ध होंगी –
- सामान्य चिकित्सा सेवाएं – रोजमर्रा की बीमारियों का इलाज
- मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं – माताओं और नवजात शिशुओं की देखभाल
- आपातकालीन उपचार – दुर्घटना और आपात स्थिति में त्वरित सहायता
- जांच सुविधाएं – आधुनिक लैब और डायग्नोस्टिक सेवाएं
- विशेषज्ञ चिकित्सा – गंभीर बीमारियों के लिए विशेष इलाज
- निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं – गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए मुफ्त उपचार
इन सभी सुविधाओं के एक ही छत के नीचे उपलब्ध होने से वनांचल के ग्रामीणों को अब बड़े शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
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वनांचल ग्रामीणों को अब नहीं जाना पड़ेगा शहर – Sushasan Tihar का असर
Sushasan Tihar की इस पहल से पहले धरमजयगढ़ और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को गंभीर बीमारी या विशेष उपचार के लिए रायगढ़, बिलासपुर अथवा अन्य बड़े शहरों तक की कठिन यात्रा करनी पड़ती थी।
इससे न केवल समय की बर्बादी होती थी, बल्कि आर्थिक बोझ भी भारी पड़ता था।
कई बार आर्थिक तंगी के कारण गरीब परिवार समय पर इलाज नहीं करा पाते थे, जिससे बीमारी गंभीर हो जाती थी।
अब इस अस्पताल के बनने के बाद स्थानीय स्तर पर ही बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी और ग्रामीणों को त्वरित उपचार मिल सकेगा।
आदिवासी और गरीब परिवारों को सबसे बड़ी राहत
धरमजयगढ़ क्षेत्र में बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय के लोग निवास करते हैं।
ये परिवार आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण महंगे इलाज का खर्च उठाने में असमर्थ होते हैं।
निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं के साथ यह अस्पताल उनके लिए जीवन रक्षक साबित होगा।
भूमि उपयोग की शर्तें और प्रशासनिक निगरानी
राज्य शासन ने भूमि आबंटन के साथ ही स्पष्ट और कड़ी शर्तें भी निर्धारित की हैं।
भूमि का उपयोग केवल निर्धारित उद्देश्य – अर्थात् अस्पताल और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ही किया जाएगा।
पर्यावरण संरक्षण, जल एवं वायु प्रदूषण नियंत्रण के सभी नियमों का पालन अनिवार्य होगा।
प्रशासनिक अधिकारी समय-समय पर भूमि उपयोग का निरीक्षण करते रहेंगे, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया और रोजगार की उम्मीद
राज्य शासन के इस ऐतिहासिक फैसले का वनांचल क्षेत्र के ग्रामीणों ने भरपूर स्वागत किया है।
स्थानीय लोगों ने इसे स्वास्थ्य सुविधाओं की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताया है।
ग्रामीणों का मानना है कि अस्पताल निर्माण से न केवल बेहतर उपचार सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
अस्पताल के निर्माण से लेकर संचालन तक स्थानीय युवाओं को नौकरी के अवसर मिल सकते हैं, जो क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगा।
सामाजिक और आर्थिक विकास को मिलेगी गति
एक बड़े अस्पताल के आने से क्षेत्र में अन्य सामाजिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
छोटे व्यवसाय, दुकानें और सेवा क्षेत्र में नई संभावनाएं जन्म लेंगी।
Sushasan Tihar के तहत यह कदम शासन की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसमें विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की बात कही गई है।
Sushasan Tihar के तहत छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की यह पहल वनांचल क्षेत्र के लाखों लोगों के जीवन में एक नई रोशनी लेकर आई है।
ग्राम गंवरघुटरी, धरमजयगढ़ में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा बनाया जाने वाला यह 100 बेड का निःशुल्क अस्पताल – स्वास्थ्य, समानता और सामाजिक न्याय का एक जीवंत प्रतीक बनेगा।
Sushasan Tihar का यह संदेश स्पष्ट है – छत्तीसगढ़ सरकार अंतिम व्यक्ति की पीड़ा को समझती है और उसके समाधान के लिए ठोस कदम उठा रही है।
यह ऐतिहासिक निर्णय आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर और स्वस्थ छत्तीसगढ़ के निर्माण की नींव रखेगा।
